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बुजुर्ग महिला की इलेक्ट्रिक इंजन की चपेट में आने से मौत
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उझानी (बदायूं)। कछला के एक आश्रम में रहने वाली बुजुर्ग शांति देवी की रेलवे ट्रैक पर इलेक्ट्रिक इंजन की चपेट में आने से मौत हो गई। वह मूल रूप से कासगंज जिले की निवासी थीं लेकिन पिछले दो-तीन साल से आश्रम में आ र्गइं थीं। बताया जा रहा है कि शांति कम सुनतीं थीं इस कारण वह इंजन की आवाज न सुन सकीं।
हादसा शुक्रवार पूर्वाह्न करीब 11 बजे हुआ। बाबा धर्मदास के आश्रम में रहने वाली शांति देवी (70) रोज की तरह गंगा स्नान के लिए दूसरे छोर पर घाट पर गईं। स्नान कर लौटते समय रेलवे ट्रैक पर वह बरेली से कासगंज की ओर निकले इलेक्ट्रिक इंजन की चपेट में आ गईं। उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इसकी सूचना के बाद आसपास आश्रमों के महंत भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने शांति देवी के शव को देखते ही पहचान लिया। सूचना के बाद कछला चौकी से पुलिस कर्मी भी पहुंच गए। पुलिस कर्मियों ने हादसे के बारे में संतों से जानकारी करने के बाद शव को कब्जे में ले लिया। बताते हैं कि उनकी एक बेटी है, इसकी वह शादी कर चुकी है। बेटी की शादी के बाद से ही उन्होंने आश्रम में बसेरा कर लिया था। वह धार्मिक प्रवृत्ति की थीं। रोज भजन-कीर्तन उनकी दिनचर्या में शुमार था। आश्रम के महंत ने शांति देवी के बेटी-दामाद को भी हादसे के बारे में अवगत करा दिया है। संवाद
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हादसा शुक्रवार पूर्वाह्न करीब 11 बजे हुआ। बाबा धर्मदास के आश्रम में रहने वाली शांति देवी (70) रोज की तरह गंगा स्नान के लिए दूसरे छोर पर घाट पर गईं। स्नान कर लौटते समय रेलवे ट्रैक पर वह बरेली से कासगंज की ओर निकले इलेक्ट्रिक इंजन की चपेट में आ गईं। उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इसकी सूचना के बाद आसपास आश्रमों के महंत भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने शांति देवी के शव को देखते ही पहचान लिया। सूचना के बाद कछला चौकी से पुलिस कर्मी भी पहुंच गए। पुलिस कर्मियों ने हादसे के बारे में संतों से जानकारी करने के बाद शव को कब्जे में ले लिया। बताते हैं कि उनकी एक बेटी है, इसकी वह शादी कर चुकी है। बेटी की शादी के बाद से ही उन्होंने आश्रम में बसेरा कर लिया था। वह धार्मिक प्रवृत्ति की थीं। रोज भजन-कीर्तन उनकी दिनचर्या में शुमार था। आश्रम के महंत ने शांति देवी के बेटी-दामाद को भी हादसे के बारे में अवगत करा दिया है। संवाद
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