{"_id":"5a229b5a4f1c1ba7668b7b2f","slug":"21512217434-budaun-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिसौली में भाजपा का सूपड़ा साफ, सपा एक सीट बचा सकी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिसौली में भाजपा का सूपड़ा साफ, सपा एक सीट बचा सकी
Updated Sat, 02 Dec 2017 11:22 PM IST
विज्ञापन
बीजेपी
- फोटो : FILE PHOTO
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रालोद ने एक सीट हासिल कर सभी को चौंकाया
बिसौली। अबकी बार बिसौली नगर पालिका और नगर पंचायतों के चुनाव में भाजपा को बेहद घाटा रहा। हालात यह रहे कि पूरे विधानसभा क्षेत्र में भाजपा का खाता नहीं खुला। सपा अपनी चार सीटों में एक सीट ही बचा सकी। जबकि इंडियन नेशनल लोकदल (रालोद) ने एक सीट हासिल करके सभी को चौंका दिया।
तहसील क्षेत्र की एक नगरपालिका और चार नगर पंचायतों में भाजपा ने अपने प्रत्याशी मैदान में उतारे थे। यहां बिसौली नगर पालिका प्रत्याशी सरिता वार्ष्णेय दूसरे स्थान पर रहीं। भाजपा का गढ़ कहे जाने वाले मुंड़िया में भाजपा प्रत्याशी वंदना मिश्रा तीसरे स्थान पर खिसक गईं। नगर पंचायत फैजगंज बेहटा में भाजपा प्रत्याशी वीरेंद्र पाल सिंह मात्र 465 वोट ही प्राप्त कर सके। उन्हें चौथा स्थान मिला। नगर पंचायत सैदपुर से भी भाजपा प्रत्याशी की हालत बेहद खराब रही। जहां विजयी प्रत्याशी आयशा बेगम को 2101 वोट मिले वहीं भाजपा प्रत्याशी महजबीन को मात्र 266 वोट ही मिल सके। वजीरगंज नगर पंचायत में भी भाजपा प्रत्याशी को दूसरे स्थान पर ही संतोष करना पड़ा। यहां भाजपाइयों का दबी जुबान से आरोप है कि सभी टिकट जनभावनाओं के विपरीत बांटे गए थे। सैदपुर नगर पंचायत में भाजपा प्रत्याशी का टिकट संगठन के विरोध पर एक दिन रोका भी गया था लेकिन विरोध के बावजूद टिकट जारी करना महंगा पड़ा। भाजपा विधायक कुशाग्र सागर का कहना है कि पूरे मामले की समीक्षा की जाएगी। इधर सपा को भी भारी नुकसान हुआ। सपा चारों नगर पंचायतों पर परास्त हुई। केवल नगरपालिका परिषद बिसौली से अबरार अहमद ही अपनी सीट बचा सके। सैदपुर और मुड़िया में सपा प्रत्याशियों को हार का सामना करना पडा है। जहां भाजपा के लिए यह परिणाम चिंताजनक हैं वहीं सपा के लिए भी परेशानी का सबब हैं। इस बारे में पूर्व विधायक आशुतोष मौर्य ने कहा कि परिणामों की समीक्षा की जाएगी।
विज्ञापन
बिसौली। अबकी बार बिसौली नगर पालिका और नगर पंचायतों के चुनाव में भाजपा को बेहद घाटा रहा। हालात यह रहे कि पूरे विधानसभा क्षेत्र में भाजपा का खाता नहीं खुला। सपा अपनी चार सीटों में एक सीट ही बचा सकी। जबकि इंडियन नेशनल लोकदल (रालोद) ने एक सीट हासिल करके सभी को चौंका दिया।
तहसील क्षेत्र की एक नगरपालिका और चार नगर पंचायतों में भाजपा ने अपने प्रत्याशी मैदान में उतारे थे। यहां बिसौली नगर पालिका प्रत्याशी सरिता वार्ष्णेय दूसरे स्थान पर रहीं। भाजपा का गढ़ कहे जाने वाले मुंड़िया में भाजपा प्रत्याशी वंदना मिश्रा तीसरे स्थान पर खिसक गईं। नगर पंचायत फैजगंज बेहटा में भाजपा प्रत्याशी वीरेंद्र पाल सिंह मात्र 465 वोट ही प्राप्त कर सके। उन्हें चौथा स्थान मिला। नगर पंचायत सैदपुर से भी भाजपा प्रत्याशी की हालत बेहद खराब रही। जहां विजयी प्रत्याशी आयशा बेगम को 2101 वोट मिले वहीं भाजपा प्रत्याशी महजबीन को मात्र 266 वोट ही मिल सके। वजीरगंज नगर पंचायत में भी भाजपा प्रत्याशी को दूसरे स्थान पर ही संतोष करना पड़ा। यहां भाजपाइयों का दबी जुबान से आरोप है कि सभी टिकट जनभावनाओं के विपरीत बांटे गए थे। सैदपुर नगर पंचायत में भाजपा प्रत्याशी का टिकट संगठन के विरोध पर एक दिन रोका भी गया था लेकिन विरोध के बावजूद टिकट जारी करना महंगा पड़ा। भाजपा विधायक कुशाग्र सागर का कहना है कि पूरे मामले की समीक्षा की जाएगी। इधर सपा को भी भारी नुकसान हुआ। सपा चारों नगर पंचायतों पर परास्त हुई। केवल नगरपालिका परिषद बिसौली से अबरार अहमद ही अपनी सीट बचा सके। सैदपुर और मुड़िया में सपा प्रत्याशियों को हार का सामना करना पडा है। जहां भाजपा के लिए यह परिणाम चिंताजनक हैं वहीं सपा के लिए भी परेशानी का सबब हैं। इस बारे में पूर्व विधायक आशुतोष मौर्य ने कहा कि परिणामों की समीक्षा की जाएगी।
विज्ञापन