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सदैव सत्य बोलना चाहिए : दीक्षित
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रुदायन। कान्हा पशु आश्रय स्थल में चल रही रामकथा ज्ञान यज्ञ का विधिवत समापन हो गया। कथावाचक पंडित अशोक दीक्षित ने कहा कि इंसान को सदैव सत्य बोलना चाहिए, क्योंकि झूूठ के पांव नहीं होते और वह ज्यादा दूर तक नहीं चल पाता। बोले- लोगों को मां-बाप की सेवा करनी चाहिए।
कथा वाचक दीक्षित ने सातों दिन श्रोताओं को रामकथा के मर्म को बहुत सरल तरीके से समझाया और कथाओं से मिलने वाली सीखों पर भी विचार रखे। आखिरी दिन कथावाचक ने भजनों की रसधार बहाते हुए जनकल्याण की भावना और उन्नति के लिए यज्ञ किया। इसके बाद भंडारा हुआ, जिसमें आसपास के गांवों के लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। इस मौके पर दान स्वरूप आए 51 हजार रुपये कथावाचक ने गोसेवा के लिए नगर पंचायत अध्यक्ष को दान कर दिए।
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कथा वाचक दीक्षित ने सातों दिन श्रोताओं को रामकथा के मर्म को बहुत सरल तरीके से समझाया और कथाओं से मिलने वाली सीखों पर भी विचार रखे। आखिरी दिन कथावाचक ने भजनों की रसधार बहाते हुए जनकल्याण की भावना और उन्नति के लिए यज्ञ किया। इसके बाद भंडारा हुआ, जिसमें आसपास के गांवों के लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। इस मौके पर दान स्वरूप आए 51 हजार रुपये कथावाचक ने गोसेवा के लिए नगर पंचायत अध्यक्ष को दान कर दिए।
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