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अमान्य बोर्ड का मामला पहुंचा अखिलेश के दरबार
लखनऊ/ब्यूरो
Updated Sat, 06 Apr 2013 03:30 PM IST
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बोर्ड ऑफ हायर सेकंडरी एजुकेशन, दिल्ली के फर्जीवाड़े का मामला मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के पास पहुंच गया है। शिक्षक विधायक दल ने मुख्यमंत्री के समक्ष इस मामले को प्रमुखता से उठाया है।
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शिक्षक विधायक ओमप्रकाश शर्मा का दावा है कि मुख्यमंत्री ने इस अमान्य बोर्ड को बंद कराने के लिए शासन स्तर पर आवश्यक कार्रवाई को तत्काल पूरा करने के निर्देश जारी किए हैं।
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साथ ही भविष्य में ऐसे फर्जीवाड़े को रोकने के लिए सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा को यूपी बोर्ड के अधिनियम में सुधार की प्रक्रिया भी शुरू करने को कहा गया है।
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उन्होंने बताया कि अमान्य बोर्ड के संचालकों और इसकी मान्यता को लेकर बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले स्कूल प्रबंधकों पर भी विधिक कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष ओमप्रकाश शर्मा के नेतृत्व में अखिलेश के साथ हुई बैठक में बोर्ड ऑफ हायर सेकंडरी एजुकेशन, दिल्ली के फर्जीवाड़े से शिक्षा व्यवस्था पर उत्पन्न हो रहे खतरे के संबंध में चर्चा हुई।
शिक्षक विधायक सुरेश कुमार त्रिपाठी द्वारा राजधानी में इस अमान्य बोर्ड की मान्यता पर संचालित पांच स्कूलों आरजे पब्लिक स्कूल चौक, सिन्हा सीनियर सेकंडरी हाईस्कूल गोसाईंगंज, विध्यांचल देवी इंटर कॉलेज पलटन छावनी मड़ियांव, संगीता सीनियर सेकंडरी स्कूल सरोजनी नगर और प्रज्ञा बालिका इंटर कॉलेज चिनहट के नाम भी दर्ज कराए गए।
शिक्षक विधायक ओमप्रकाश शर्मा ने बताया कि वार्ता में मौजूद सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा को पूरे मामले पर शासन के पक्ष और मौजूदा स्थिति को स्पष्ट करने को कहा गया है।
इसके आधार पर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इस अमान्य बोर्ड का संचालन तत्काल रोकने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के आदेश दिए। इसके लिए माध्यमिक शिक्षा परिषद अधिनियम में शासन स्तर पर होने वाला आवश्यक बदलाव भी शामिल है। साथ ही इस फर्जी बोर्ड के संचालकों और उससे मान्यता प्राप्त स्कूलों पर कार्रवाई को भी कहा गया।