फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bijnor News ›   Youngsters trend in engineering

इंजीनियरिंग में बढ़ा युवाओं का रूझान

Tue, 15 Sep 2020 12:21 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 15 Sep 2020 12:21 AM IST
विज्ञापन
Youngsters trend in engineering
डा.राघव मेहरा। - फोटो : BIJNOR
इंजीनियरिंग में बढ़ा युवाओं का रूझान
विज्ञापन

बिजनौर। इंजीनियरिंग एक बार फिर से युवाओं का पसंदीदा कोर्स बन गया है। इंजीनियरिंग में युवाओं ने फिर से दाखिले लेने में दिलचस्पी दिखाई है। पिछले साल जहां कॉलेज दाखिले कम होने से आर्थिक संकट से जूझ रहे थे, वहां पर स्थिति अब सुधरी है। दाखिले की संख्या पिछले साल के मुकाबले बढ़ी है। हालांकि शत प्रतिशत सीट इस साल भी नहीं भर पाएंगी।
बिजनौर जिले का बैराज पुल इंजीनियरिंग का शानदार नमूना है। जिले के युवा पहले से ही इंजीनियरिंग को तवज्जो देते रहे हैं। मेट्रो के डायरेक्टर मंगू सिंह भी बिजनौर के ही रहने वाले हैं। जिले में इंजीनियरिंग के एक सरकारी कॉलेज सहित छह कॉलेज हैं। तीनों कॉलेज में करीब दो हजार सीट हैं। पिछले साल जिले के इंजीनियरिंग कॉलेज में 70 प्रतिशत सीट खाली रह गईं थी। जिले के अलावा युवा बाहर के कॉलेज में भी दाखिले ले रहे थे। सीट खाली रहने से इंजीनियरिंग कॉलेज को भारी नुकसान उठाना पड़ा था। लेकिन इस बार स्थिति सुधरी है।
विज्ञापन

इंजीनियरिंग में दाखिले लेने के लिए युवा कॉलेज में आ रहे हैं। आईआईटी, सिविल इंजीनियरिंग, कंप्यूटर इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग युवाओं के पसंदीदा विषय हैं। युवाओं को लगता है कि तकनीक के युग में तकनीकी कोर्स से ही रोजगार मिलना थोड़ा आसान होता है। इसलिए युवा इंजीनियरिंग की ओर फिर से जा रहे हैं। इंजीनियरिंग उन चुनिंदा कोर्स में से एक है जिनमे पढ़ाई करते हुए ही नौकरी के लिए प्रस्ताव आने लगते हैं। भगवंत इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नालॉजी के असिस्टेंट डायरेक्टर डॉ. राघव मेहरा का कहना है कि युवाओं का रुझान इंजीनियरिंग में बढ़ा है। युवा दूसरे जिलों के बजाए अपने जिले के कॉलेज में प्रवेश ले रहे हैं। जो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं वे भी इंजीनियरिंग में प्रवेश ले रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

कोई साथी नहीं बेरोजगार
इंजीनियरिंग कर गुरुग्राम में जॉब कर रहे सिविल इंजीनियर उत्कर्ष सुयोग का कहना है कि इंजीनियिंग की देश में बहुत मांग है। उनके साथ इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाला कोई भी साथी बेरोजगार नहीं है। इंजीनियरिंग में जॉब पाने और आगे बढ़ने के अपार मौके हैं।

सिविल इंजीनियर उत्कर्ष सुयोग।

सिविल इंजीनियर उत्कर्ष सुयोग।- फोटो : BIJNOR

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed