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Bijnor News: दलित युवक की हत्या में तीन को आजीवन कारावास की सजा
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। स्पेशल जज एससी-एसटी अवधेश कुमार प्रथम ने विवेक हत्याकांड में तीन को दोषी माना। कोर्ट ने साहब सिंह, कुलदीप व संदीप को आजीवन कारावास एवं तीन लाख 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
थाना मंडावर के गांव सादकपुर निवासी हुकम सिंह ने थाना मंडावर में तहरीर दी थी कि 19 जनवरी 2019 की शाम सात बजे उसका पुत्र विवेक कुमार बिजली के तार ठीक करने छत पर गया था। वह घर पर खाना खा रहा था। इस बीच उसने जाति सूचक शब्दों के साथ गाली गलौज और फायर की आवाज सुनी। वह बाहर निकाल कर आया। उसने देखा कि गांव के ही साहब सिंह, कुलदीप व संदीप ने जान से मारने की नीयत से विवेक पर तमंचों से तीन-चार फायर किए। एक गोली उसके पुत्र विवेक की दाहिनी आंख पर लगी। उस समय मौके पर उसके साथ उसके बहनोई कृष्ण कुमार एवं अभिषेक आदि मौजूद थे।
घायल विवेक कुमार को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां से उसे मेरठ रेफर कर दिया गया। रास्ते में विवेक की मृत्यु हो गई। मृतक विवेक के पिता की तहरीर पर साहब सिंह, कुलदीप व संदीप के विरुद्ध दलित युवक की हत्या का मुकदमा थाना मंडावर में दर्ज हुआ। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त तमंचा साहब सिंह की निशानदेही पर बरामद किया। कोर्ट ने दलित युवक की हत्या का दोषी पाते हुए साहब सिंह, कुलदीप, संदीप को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
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जनपद के टाप टेन अपराधियों में शामिल है साहब सिंह
बिजनौर। विवेक हत्याकांड में दोषी पाया गया साहब सिंह जनपद के टॉप-10 अपराधियों में शामिल है। अपराध जगत में उसका बड़ा नाम है। एसपीओ शलभ शर्मा ने बताया साहब सिंह पर जानलेवा हमला दलित से मारपीट, गुंडा अधिनियम, आर्म्स एक्ट आदि के 10 केस विभिन्न थानों में दर्ज हैं। इस मामले में गवाहों पर बयान बदलने के लिए भारी दबाव था। पुलिस के बड़े अधिकारियों के प्रयास से इस मामले में गवाही संभव हुई।
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बिजनौर। स्पेशल जज एससी-एसटी अवधेश कुमार प्रथम ने विवेक हत्याकांड में तीन को दोषी माना। कोर्ट ने साहब सिंह, कुलदीप व संदीप को आजीवन कारावास एवं तीन लाख 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
थाना मंडावर के गांव सादकपुर निवासी हुकम सिंह ने थाना मंडावर में तहरीर दी थी कि 19 जनवरी 2019 की शाम सात बजे उसका पुत्र विवेक कुमार बिजली के तार ठीक करने छत पर गया था। वह घर पर खाना खा रहा था। इस बीच उसने जाति सूचक शब्दों के साथ गाली गलौज और फायर की आवाज सुनी। वह बाहर निकाल कर आया। उसने देखा कि गांव के ही साहब सिंह, कुलदीप व संदीप ने जान से मारने की नीयत से विवेक पर तमंचों से तीन-चार फायर किए। एक गोली उसके पुत्र विवेक की दाहिनी आंख पर लगी। उस समय मौके पर उसके साथ उसके बहनोई कृष्ण कुमार एवं अभिषेक आदि मौजूद थे।
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घायल विवेक कुमार को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां से उसे मेरठ रेफर कर दिया गया। रास्ते में विवेक की मृत्यु हो गई। मृतक विवेक के पिता की तहरीर पर साहब सिंह, कुलदीप व संदीप के विरुद्ध दलित युवक की हत्या का मुकदमा थाना मंडावर में दर्ज हुआ। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त तमंचा साहब सिंह की निशानदेही पर बरामद किया। कोर्ट ने दलित युवक की हत्या का दोषी पाते हुए साहब सिंह, कुलदीप, संदीप को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
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जनपद के टाप टेन अपराधियों में शामिल है साहब सिंह
बिजनौर। विवेक हत्याकांड में दोषी पाया गया साहब सिंह जनपद के टॉप-10 अपराधियों में शामिल है। अपराध जगत में उसका बड़ा नाम है। एसपीओ शलभ शर्मा ने बताया साहब सिंह पर जानलेवा हमला दलित से मारपीट, गुंडा अधिनियम, आर्म्स एक्ट आदि के 10 केस विभिन्न थानों में दर्ज हैं। इस मामले में गवाहों पर बयान बदलने के लिए भारी दबाव था। पुलिस के बड़े अधिकारियों के प्रयास से इस मामले में गवाही संभव हुई।