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कांवड़ियों की राह में न हो किसी प्रकार की कठिनाई : विनय कुमार
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बिजनौर। इस वर्ष श्रावण शिवरात्रि 22 जुलाई से शुरू हो रहा है। श्रावण मास में सोमवार के दिन का विशेष महत्व होता है। शिवरात्रि पर्व पर कांवड़िये हरिद्वार से गंगा जल लेकर जनपद के मुख्य मार्गों से होकर अपने गंतव्य को जाते हैं। पर्व पर कांवड़ियों की राह में किसी प्रकार की कठिनाई न आए, इसके लिए प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है।
अपर जिला मजिस्ट्रेट (प्रशासन) विनय कुमार सिंह ने कहा कि गत वर्षों की भांति इस वर्ष भी श्रावण मास 22 जुलाई से प्रारम्भ हो रहा है। इसमें 22 जुलाई, 29 जुलाई, 5 अगस्त, 12 अगस्त, 19 अगस्त को सोमवार को श्रावण शिवरात्रि का पर्व मनाया जाना प्रस्तावित है। बताया कि श्रावण मास में सोमवार के दिन का विशेष महत्व होता है। जिस कारण इस दिन काफी संख्या में श्रद्धालुओं ने शिवालयों में जल चढ़ाकर पूजा-अर्चना की जाती है। हरिद्वार से काफी संख्या में कांवड़िये गंगा जल लेकर जनपद के मुख्य मुख्य मार्गों से होकर गुजरते हैं। एडीएम ने कांवडि़यों के आवागमन को देखते हुए डीएफओ बिजनौर एवं नजीबाबाद को मुख्य मार्गाे के किनारों पर खड़े पेड़ों के अधिक झुके उनकी डालियां/टहनियों को कटवाने के निर्देश दिए।
-जंगली जानवरों व गुलदार वाले क्षेत्रों में लगाएं साइन बोर्ड
एडीएम प्रशासन विनय कुमार सिंह ने निरीक्षण कर कहा कि कांवड़ वाले जिन रास्तों पर जंगली जानवरों तथा गुलदार आदि के आने का भय हो, उन रास्तों पर यह साइन बोर्ड लगाकर (गुलदार प्रभावित क्षेत्र, कृपया अकेले न जाएं) कांवडियों को सचेत कर दें।
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अपर जिला मजिस्ट्रेट (प्रशासन) विनय कुमार सिंह ने कहा कि गत वर्षों की भांति इस वर्ष भी श्रावण मास 22 जुलाई से प्रारम्भ हो रहा है। इसमें 22 जुलाई, 29 जुलाई, 5 अगस्त, 12 अगस्त, 19 अगस्त को सोमवार को श्रावण शिवरात्रि का पर्व मनाया जाना प्रस्तावित है। बताया कि श्रावण मास में सोमवार के दिन का विशेष महत्व होता है। जिस कारण इस दिन काफी संख्या में श्रद्धालुओं ने शिवालयों में जल चढ़ाकर पूजा-अर्चना की जाती है। हरिद्वार से काफी संख्या में कांवड़िये गंगा जल लेकर जनपद के मुख्य मुख्य मार्गों से होकर गुजरते हैं। एडीएम ने कांवडि़यों के आवागमन को देखते हुए डीएफओ बिजनौर एवं नजीबाबाद को मुख्य मार्गाे के किनारों पर खड़े पेड़ों के अधिक झुके उनकी डालियां/टहनियों को कटवाने के निर्देश दिए।
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-जंगली जानवरों व गुलदार वाले क्षेत्रों में लगाएं साइन बोर्ड
एडीएम प्रशासन विनय कुमार सिंह ने निरीक्षण कर कहा कि कांवड़ वाले जिन रास्तों पर जंगली जानवरों तथा गुलदार आदि के आने का भय हो, उन रास्तों पर यह साइन बोर्ड लगाकर (गुलदार प्रभावित क्षेत्र, कृपया अकेले न जाएं) कांवडियों को सचेत कर दें।
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