फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bijnor News ›   The Sansi gang involved in theft in Chandpur is notorious throughout the country.

Bijnor News: पूरे देश में कुख्यात है चांदपुर में चोरी करने वाला सांसी गैंग

Tue, 14 Jul 2026 11:59 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 14 Jul 2026 11:59 PM IST
विज्ञापन
The Sansi gang involved in theft in Chandpur is notorious throughout the country.
सांसी गिरोह ने बिजनौर में पहली बार दिया आपराधिक वारदात को अंजाम
विज्ञापन

एक आरोपी को पकड़ चुकी है पुलिस, दो की तलाश जारी
-मुरादाबाद के पास कस्बा समझकर आरोपी पहुंचे थे चांदपुर, गाड़ी का शीशा तोड़कर कर लिया था रकम से भरा बैग
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। चांदपुर में गाड़ी का शीशा तोड़कर रकम से भरा बैग चोरी करने वाला सांसी गैंग देशभर में कुख्यात है। खानाबदोश की तरह देश के अलग-अलग शहरों में घूमकर चोरी करने वाले इस गिरोह के दो सदस्यों की बिजनौर पुलिस को तलाश है। जबकि एक आरोपी को पकड़कर जेल भेजा जा चुका है।
चांदपुर में 12 जून को गांव नसीरपुर मनसुख निवासी ऋषभ यादव की कार का शीशा तोड़कर उसमें रखा बैग चोरी कर लिया था, बैग में 7.60 लाख थे। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज करने के बाद खोजबीन की तो चोरी की वारदात को अंजाम देने वाला गैंग मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के गांव कड़िया सांसी का निकला। इस गांव के रहने वाले एक आरोपी कबीर को पुलिस जेल भेज चुकी है। जिसके पास से चांदपुर, सीतापुर और बांदा में चोरी की वारदात से संबंधित 10.80 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं। पूछताछ में सामने आया कि कड़िया सांसी गांव के ही रागा उर्फ अनुराग, बाबू, अर्जुन और कबीर ने चांदपुर में चोरी की वारदात को अंजाम दिया था।
विज्ञापन

विवेचक राहुल कुमार ने बताया कि रागा इस गिरोह का मास्टरमाइंड है जोकि अपने तीन साथियों के साथ चांदपुर पहुंचा। रागा बैंक में चला गया और पैसा निकालने वालों पर नजर रखने लगा। जबकि अन्य तीनों आरोपी बाहर खड़े थे। ऋषभ यादव बैंक से पैसा निकालकर चले तो आरोपी उनकी गाड़ी के पीछे लग गए। इस वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने सीतापुर और बांदा में भी चोरी की थी। इन घटनाओं के बाद एक आरोपी बाबू को महाराष्ट्र पुलिस पकड़ चुकी है जोकि अब अमरावती की जेल में बंद है। बताया कि पूछताछ में पता चला कि आरोपियों के दादा-परदादा गांव के तमाम लोग चोरी और अन्य आपराधिक वारदातों में शामिल रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


अंग्रेजों ने सांसी जाति को आपराधिक जनजाति कर रखा था घोषित
देशभर में कुख्यात सांसी गैंग घरों में चोरी की वारदात को अंजाम नहीं देता है। यह सड़क, ट्रेन या बस आदि में ही चोरी करता है। हालांकि घटना को अंजाम देने से पहले रेकी जरूर करते हैं। पुलिस ने बताया कि जिस गांव के आरोपी को पकड़ा गया है, उसके आसपास के तीन गांव के लोग आपराधिक गतिविधियों में सक्रिय रहते हैं। सांसी गिरोह की जनजाति को अंग्रेजों ने आपराधिक जनजाति घोषित कर रखा था। हालांकि साल 1952 में भारत सरकार ने सांसी जनजाति पर लगे इसे कलंक को हटा दिया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed