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Bijnor News: बिजलीघर ने तिरपाल ओढ़ा, 24 गांवों को ओढ़ा दी अंधेरे की चादर
Tue, 08 Jul 2025 12:25 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Tue, 08 Jul 2025 12:25 AM IST
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भागूवाला बिजली घर में बारिश से पानी से उपकरणों को बचाने के लिए डाली गई पन्नी।
भागूवाला/नजीबाबाद। भागूवाला बिजलीघर की छत हल्की बारिश होने पर ही टपकने लगती है। बरसात होते ही इमारत को पन्नी और तिरपाल से ढकते हुए इससे जुड़े 24 गांवों की बिजली काट दी जाती है।
विद्युत निगम का भागूवाला बिजलीघर से भागूवाला, जटपुरा, जालपुर और राजगढ़ फीडरों के माध्यम से क्षेत्र के करीब दो दर्जन गांव को बिजली की आपूर्ति की जाती है। सालों से बिजलीघर जर्जर अवस्था में हैं। साथ ही बिजलीघर की छत बारिश में टपकने लगती है। बरसात के मौसम में कई दिन तक बारिश होने पर भागूवाला बिजलीघर से जुड़े उपभोक्ताओं को बिजली संकट का सामना करना पड़ता है। ग्रामीण विद्युत कटौती को लेकर कई बार बिजलीघर पर धरना प्रदर्शन कर चुके हैं। वहीं बारिश में बिजली घर की छत से पानी टपकने से फाल्ट होने का भय रहता है, जिससे भागूवाला बिजली घर पर काम करने वाले विद्युत कर्मियों की जान पर भी खतरा बना हुआ है।
बिजली घर में जगह-जगह रखी हैं बाल्टियां
भागूवाला बिजलीघर में जगह-जगह कनस्तर और बाल्टियां रखी हुई हैं जिनमें बरसात का पानी इकट्ठा होता है।
बिजली घर के परिसर में होता है जलभराव
बारिश में बिजलीघर परिसर जलमग्न हो जाता है। जलभराव का पानी बिजलीघर भवन में न घुस सके इसके लिए विद्युत निगम ने पिछले साल प्रवेश द्वार के बाहर करीब दो फीट दीवार कराई थी। अब छत से पानी टपकने के कारण भवन के भीतर जलभराव हो जाता है।
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वसूला जाता है पूरा बिल, नहीं मिलती सुविधा
उपभोक्ता साजिद, बुरहान, सुशील कुमार, जोगेंद्र सिंह का कहना है कि विद्युत निगम उपभोक्ताओं से बिजली बिल पूरा वसूल करता है, लेकिन उन्हें सुविधाएं नहीं मिलती। जब तक बारिश होती है तब तक भागूवाला बिजलीघर से विद्युत आपूर्ति बंद रहती है। उपभोक्ताओं ने बिजलीघर का भवन निर्माण कराकर नियमानुसार बिजली आपूर्ति करने की मांग की।
.भागूवाला बिजलीघर का भवन जर्जर है। भवन निर्माण के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। बरसात के दौरान क्षेत्र की बिजली सुचारू रखने के लिए विभाग प्रयासरत है। - रामकुमार, एक्सईएन, नजीबाबाद
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विद्युत निगम का भागूवाला बिजलीघर से भागूवाला, जटपुरा, जालपुर और राजगढ़ फीडरों के माध्यम से क्षेत्र के करीब दो दर्जन गांव को बिजली की आपूर्ति की जाती है। सालों से बिजलीघर जर्जर अवस्था में हैं। साथ ही बिजलीघर की छत बारिश में टपकने लगती है। बरसात के मौसम में कई दिन तक बारिश होने पर भागूवाला बिजलीघर से जुड़े उपभोक्ताओं को बिजली संकट का सामना करना पड़ता है। ग्रामीण विद्युत कटौती को लेकर कई बार बिजलीघर पर धरना प्रदर्शन कर चुके हैं। वहीं बारिश में बिजली घर की छत से पानी टपकने से फाल्ट होने का भय रहता है, जिससे भागूवाला बिजली घर पर काम करने वाले विद्युत कर्मियों की जान पर भी खतरा बना हुआ है।
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बिजली घर में जगह-जगह रखी हैं बाल्टियां
भागूवाला बिजलीघर में जगह-जगह कनस्तर और बाल्टियां रखी हुई हैं जिनमें बरसात का पानी इकट्ठा होता है।
बिजली घर के परिसर में होता है जलभराव
बारिश में बिजलीघर परिसर जलमग्न हो जाता है। जलभराव का पानी बिजलीघर भवन में न घुस सके इसके लिए विद्युत निगम ने पिछले साल प्रवेश द्वार के बाहर करीब दो फीट दीवार कराई थी। अब छत से पानी टपकने के कारण भवन के भीतर जलभराव हो जाता है।
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वसूला जाता है पूरा बिल, नहीं मिलती सुविधा
उपभोक्ता साजिद, बुरहान, सुशील कुमार, जोगेंद्र सिंह का कहना है कि विद्युत निगम उपभोक्ताओं से बिजली बिल पूरा वसूल करता है, लेकिन उन्हें सुविधाएं नहीं मिलती। जब तक बारिश होती है तब तक भागूवाला बिजलीघर से विद्युत आपूर्ति बंद रहती है। उपभोक्ताओं ने बिजलीघर का भवन निर्माण कराकर नियमानुसार बिजली आपूर्ति करने की मांग की।
.भागूवाला बिजलीघर का भवन जर्जर है। भवन निर्माण के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। बरसात के दौरान क्षेत्र की बिजली सुचारू रखने के लिए विभाग प्रयासरत है। - रामकुमार, एक्सईएन, नजीबाबाद