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Bijnor News: बुखार का बढ़ रहा सितम, फिर भी निजी अस्पतालों से सैंपल आ रहे कम
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- नियम सख्त होने से सरकारी अस्पताल में घटे डेंगू के सैंपल
- प्राइवेट से डेंगू की पुष्टि के लिए सरकारी लैब में सैंपल भेजना जरूरी
- डेंगू के 12 सैंपल निजी अस्पतालों से इस बार जिला अस्पताल भेजे गए
- 815 बुखार के मरीज सितंबर में मेडिकल अस्पताल में दवाई लेने पहुंचे
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। यूं तो डेंगू की पुष्टि के लिए निजी अस्पतालों को मरीज का एक सैंपल सरकारी लैब में जांच के लिए भेजना होता है। मगर नियम सख्त होने की वजह से निजी अस्पताल डेंगू की पुष्टि के लिए जिला अस्पताल सैंपल नहीं भेज रहे हैं। इस साल अब तक प्राइवेट अस्पतालों से डेंगू की पुष्टि के लिए केवल 12 सैंपल जिला अस्पताल भेजे गए हैं। जबकि जिले में बुखार का प्रकोप है।
जिले में बुखार के प्रकोप का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि सितंबर में मेडिकल अस्पताल में बुखार के करीब 815 मरीज आए हैं। जिनकी लक्षणों के आधार पर डेंगू और मलेरिया की जांच की गई। इनमें से दो को ही डेंगू की पुष्टि हुई है। जबकि कुछ मरीजों को सिर्फ लक्षणों के आधार पर ही दवाई दी गई।
वहीं ज्यादातर लोग निजी अस्पतालों में अपनी जांच करा रहे हैं। प्राइवेट लैब में डेंगू की जांच एनएस1 कार्ड से की जाती है। जो मरीज में डेंगू की पुष्टि नहीं करती। डेंगू की पुष्टि के लिए मरीज का एक सैंपल सरकारी लैब में जांच के लिए भेजना होता है। एलाइजा जांच होने के बाद ही मरीज में डेंगू की पुष्टि होगी। इस नियम के बाद निजी अस्पतालों के डेंगू के सैंपल आने कम हो गए हैं। इस साल अब तक निजी अस्पतालों से डेंगू की जांच के लिए 12 सैंपल भेजे गए हैं।
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- मेडिकल अस्पताल में बुखार के रोजाना 90 मरीज तक आ रहे
बिजनौर मेडिकल अस्पताल में बुखार के मरीज काफी संख्या में आ रहे हैं। बच्चों से लेकर बड़े तक बुखार की चपेट में हैं। अस्पताल की ओपीडी में रोजाना बुखार के 90 मरीज तक पहुंच रहे हैं। ज्यादातर मरीजों को दवाई देकर घर भेज दिया जाता है। वहीं कुछ मरीजों की तबीयत खराब होने पर भर्ती किया जा रहा है।
- निजी लैब डेंगू की कार्ड से जांच कर रहे हैं तो एक सैंपल एलाइजा जांच के लिए जिला अस्पताल जरूर भेजें। इसके लिए सभी पैथोलॉजी लैब को पत्र भेजा जाएगा। किसी को भी घबराने की जरूरत नहीं है। - डॉ. देवीदास, डिप्टी सीएमओ, बिजनौर
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- प्राइवेट से डेंगू की पुष्टि के लिए सरकारी लैब में सैंपल भेजना जरूरी
- डेंगू के 12 सैंपल निजी अस्पतालों से इस बार जिला अस्पताल भेजे गए
- 815 बुखार के मरीज सितंबर में मेडिकल अस्पताल में दवाई लेने पहुंचे
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। यूं तो डेंगू की पुष्टि के लिए निजी अस्पतालों को मरीज का एक सैंपल सरकारी लैब में जांच के लिए भेजना होता है। मगर नियम सख्त होने की वजह से निजी अस्पताल डेंगू की पुष्टि के लिए जिला अस्पताल सैंपल नहीं भेज रहे हैं। इस साल अब तक प्राइवेट अस्पतालों से डेंगू की पुष्टि के लिए केवल 12 सैंपल जिला अस्पताल भेजे गए हैं। जबकि जिले में बुखार का प्रकोप है।
जिले में बुखार के प्रकोप का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि सितंबर में मेडिकल अस्पताल में बुखार के करीब 815 मरीज आए हैं। जिनकी लक्षणों के आधार पर डेंगू और मलेरिया की जांच की गई। इनमें से दो को ही डेंगू की पुष्टि हुई है। जबकि कुछ मरीजों को सिर्फ लक्षणों के आधार पर ही दवाई दी गई।
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वहीं ज्यादातर लोग निजी अस्पतालों में अपनी जांच करा रहे हैं। प्राइवेट लैब में डेंगू की जांच एनएस1 कार्ड से की जाती है। जो मरीज में डेंगू की पुष्टि नहीं करती। डेंगू की पुष्टि के लिए मरीज का एक सैंपल सरकारी लैब में जांच के लिए भेजना होता है। एलाइजा जांच होने के बाद ही मरीज में डेंगू की पुष्टि होगी। इस नियम के बाद निजी अस्पतालों के डेंगू के सैंपल आने कम हो गए हैं। इस साल अब तक निजी अस्पतालों से डेंगू की जांच के लिए 12 सैंपल भेजे गए हैं।
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- मेडिकल अस्पताल में बुखार के रोजाना 90 मरीज तक आ रहे
बिजनौर मेडिकल अस्पताल में बुखार के मरीज काफी संख्या में आ रहे हैं। बच्चों से लेकर बड़े तक बुखार की चपेट में हैं। अस्पताल की ओपीडी में रोजाना बुखार के 90 मरीज तक पहुंच रहे हैं। ज्यादातर मरीजों को दवाई देकर घर भेज दिया जाता है। वहीं कुछ मरीजों की तबीयत खराब होने पर भर्ती किया जा रहा है।
- निजी लैब डेंगू की कार्ड से जांच कर रहे हैं तो एक सैंपल एलाइजा जांच के लिए जिला अस्पताल जरूर भेजें। इसके लिए सभी पैथोलॉजी लैब को पत्र भेजा जाएगा। किसी को भी घबराने की जरूरत नहीं है। - डॉ. देवीदास, डिप्टी सीएमओ, बिजनौर