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अनियमितताओं की जांच करने पहुंची टीम
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अनियमितताओं की जांच करने पहुंची टीम
बिजनौर। कस्तूरबा गांधी स्कूलों और निष्ठा प्रशिक्षण में हुई सामान की खरीदारी की जांच करने के लिए लखनऊ से टीम पहुंचनी। दोनों मामलों में राज्य परियोजना निदेशक ने जांच बैठा दी है। एसपीडी की टीम दो दिन से जिले में डेरा डाले हुए है। टीम कस्तूरबा स्कूल, निष्ठा प्रशिक्षण व खंड शिक्षा अधिकारियों का रिकॉर्ड खंगाल रही है।
राज्य परियोजना निदेशक विजय किरण आनंद ने बेसिक शिक्षा विभाग में पिछले दो सालों में हुए कार्यों पर जांच बैठा दी है। दो सदस्य टीम पिछले दो दिन से बेसिक शिक्षा विभाग का रिकॉर्ड खंगाल रही है। टीम में क्वालिटी सेल के विशेषज्ञ अमित राय और बालिका शिक्षा के विशेषज्ञ कमलाकर पांडेय का नाम बताया जा रहा है। वर्ष 2020 में शिक्षकों को दिए गए पांच-पांच दिन के निष्ठा प्रशिक्षण की भी जांच कराई जा रही है। निष्ठा प्रशिक्षण की जांच होने से अधिकारी भी परेशान हैं।
शनिवार को जांच टीम ने ब्लॉक संसाधन केंद्र हल्दौर बंद मिलने पर बीईओ को फटकार लगाई गई थी। रविवार को भी जांच टीम ने बीएसए कार्यालय पर जिले के सभी खंड शिक्षा अधिकारियों की बैठक ली थी। कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में मार्च के महीने में 75 लाख रुपये के सामान की खरीदारी भी जांच टीम के निशाने पर है। कस्तूरबा स्कूलों के सामान की खरीदारी की दो बार पहले भी जांच हो चुकी है। टीम जांच को गोपनीय रखे हुए है। टीम के सदस्य किसी से भी मिल नहीं रहे हैं। सोमवार को बीआरसी नजीबाबाद में टीम ने निष्ठा प्रशिक्षण का रिकॉर्ड खंगाला। टीम कई गोपनीय दस्तावेज टीम वहां से अपने साथ उठा लाई है। पिछले साल निष्ठा प्रशिक्षण में नजीबाबाद के खंड शिक्षा अधिकारी भी खूब चर्चा में रहे थे।
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शिक्षकों के संबद्धीकरण भी निशाने पर
शिक्षा सत्र 2020-21 में राज्य परियोजना निदेशक विजय किरण आनंद ने शिक्षकों के संबद्धीकरण पर पूरी तरीके से रोक लगा दी थी। लेकिन कई विकास क्षेत्रों में मनमाने तरीके से शिक्षकों के संबद्धीकरण होने की शिकायत राज्य परियोजना निदेशक से की गई थी। जांच टीम ने शिक्षकों के संबद्धीकरण की रिपोर्ट भी शिक्षा विभाग के अधिकारियों से मांगी है। बताया जाता है कि करीब 100 शिक्षक संबद्धीकरण पर हैं, इसे तत्काल प्रभाव से निरस्त करने के निर्देश दिए गए हैं।
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बिजनौर। कस्तूरबा गांधी स्कूलों और निष्ठा प्रशिक्षण में हुई सामान की खरीदारी की जांच करने के लिए लखनऊ से टीम पहुंचनी। दोनों मामलों में राज्य परियोजना निदेशक ने जांच बैठा दी है। एसपीडी की टीम दो दिन से जिले में डेरा डाले हुए है। टीम कस्तूरबा स्कूल, निष्ठा प्रशिक्षण व खंड शिक्षा अधिकारियों का रिकॉर्ड खंगाल रही है।
राज्य परियोजना निदेशक विजय किरण आनंद ने बेसिक शिक्षा विभाग में पिछले दो सालों में हुए कार्यों पर जांच बैठा दी है। दो सदस्य टीम पिछले दो दिन से बेसिक शिक्षा विभाग का रिकॉर्ड खंगाल रही है। टीम में क्वालिटी सेल के विशेषज्ञ अमित राय और बालिका शिक्षा के विशेषज्ञ कमलाकर पांडेय का नाम बताया जा रहा है। वर्ष 2020 में शिक्षकों को दिए गए पांच-पांच दिन के निष्ठा प्रशिक्षण की भी जांच कराई जा रही है। निष्ठा प्रशिक्षण की जांच होने से अधिकारी भी परेशान हैं।
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शनिवार को जांच टीम ने ब्लॉक संसाधन केंद्र हल्दौर बंद मिलने पर बीईओ को फटकार लगाई गई थी। रविवार को भी जांच टीम ने बीएसए कार्यालय पर जिले के सभी खंड शिक्षा अधिकारियों की बैठक ली थी। कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में मार्च के महीने में 75 लाख रुपये के सामान की खरीदारी भी जांच टीम के निशाने पर है। कस्तूरबा स्कूलों के सामान की खरीदारी की दो बार पहले भी जांच हो चुकी है। टीम जांच को गोपनीय रखे हुए है। टीम के सदस्य किसी से भी मिल नहीं रहे हैं। सोमवार को बीआरसी नजीबाबाद में टीम ने निष्ठा प्रशिक्षण का रिकॉर्ड खंगाला। टीम कई गोपनीय दस्तावेज टीम वहां से अपने साथ उठा लाई है। पिछले साल निष्ठा प्रशिक्षण में नजीबाबाद के खंड शिक्षा अधिकारी भी खूब चर्चा में रहे थे।
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शिक्षकों के संबद्धीकरण भी निशाने पर
शिक्षा सत्र 2020-21 में राज्य परियोजना निदेशक विजय किरण आनंद ने शिक्षकों के संबद्धीकरण पर पूरी तरीके से रोक लगा दी थी। लेकिन कई विकास क्षेत्रों में मनमाने तरीके से शिक्षकों के संबद्धीकरण होने की शिकायत राज्य परियोजना निदेशक से की गई थी। जांच टीम ने शिक्षकों के संबद्धीकरण की रिपोर्ट भी शिक्षा विभाग के अधिकारियों से मांगी है। बताया जाता है कि करीब 100 शिक्षक संबद्धीकरण पर हैं, इसे तत्काल प्रभाव से निरस्त करने के निर्देश दिए गए हैं।