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अंधविश्वास के जाल में फंसा परिवार
ब्यूरो/ अमर उजाला, बिजनौर
Updated Fri, 13 Nov 2015 12:30 AM IST
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धामपुर में मौत एक ऐसा सत्य है कि जिसे कभी झुठलाया नहीं जा सकता है, लेकिन अंधविश्वासी परिवार एक मुर्दे को जिंदा करने के लिए तंत्रमंत्र का सहारा ले रहा है। तांत्रिक बंद कमरे में तंत्र विद्या के सहारे हवन कर उसमें जान फूंकने की नाकाम कोशिश में लगे हैं।
मृतक के परिजनों को ऐसी उम्मीद है कि तांत्रिक मुर्दे को जिंदा कर सकते हैं।
नगर के एक मुहल्ले में दीपावली की रात बीमारी के चलते एक वृद्ध की मौत हो गई थी। वृद्ध के परिजनों को दो तांत्रिकों ने झांसा दिया कि वो उन्हें को जिंदा कर देंगे।
अंधविश्वासी परिवार ने तांत्रिकों के बहकावे में आकर मुर्दे को फूंकना तो दूर, उस पर झाड़ फूंक शुरू कर दी। तांत्रिकों ने बंद कमरे में दिनभर मुर्दे में जान फूंकने के लिए अपनी तांत्रिक क्रियाओं से जोर लगाया, लेकिन तांत्रिकों की दिनभर की क्रियाएं मुर्दे को जिंदा करने में सफल नहीं हो सकीं।
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हालांकि परिजनों का मानना है कि तांत्रिक जिंदा कर सकते हैं। वहीं मुहल्लेवासियों का कहना है कि वृद्ध की तो मौत हो चुकी है, उसे जिंदा करना नामुकिन है। तांत्रिक कहीं न कहीं प्रकृति के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। पूरा परिवार मुहल्ले के किसी भी व्यक्ति को घर में नहीं घुसने दे रहा है। उधर, कोतवाल रवींद्र प्रताप सिंह का कहना है कि मामला संज्ञान में आ गया है। शुक्रवार तक का समय दिया गया है। पुलिस जनहित में हस्तक्षेप कर कार्रवाई करेगी।
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मृतक के परिजनों को ऐसी उम्मीद है कि तांत्रिक मुर्दे को जिंदा कर सकते हैं।
नगर के एक मुहल्ले में दीपावली की रात बीमारी के चलते एक वृद्ध की मौत हो गई थी। वृद्ध के परिजनों को दो तांत्रिकों ने झांसा दिया कि वो उन्हें को जिंदा कर देंगे।
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अंधविश्वासी परिवार ने तांत्रिकों के बहकावे में आकर मुर्दे को फूंकना तो दूर, उस पर झाड़ फूंक शुरू कर दी। तांत्रिकों ने बंद कमरे में दिनभर मुर्दे में जान फूंकने के लिए अपनी तांत्रिक क्रियाओं से जोर लगाया, लेकिन तांत्रिकों की दिनभर की क्रियाएं मुर्दे को जिंदा करने में सफल नहीं हो सकीं।
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हालांकि परिजनों का मानना है कि तांत्रिक जिंदा कर सकते हैं। वहीं मुहल्लेवासियों का कहना है कि वृद्ध की तो मौत हो चुकी है, उसे जिंदा करना नामुकिन है। तांत्रिक कहीं न कहीं प्रकृति के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। पूरा परिवार मुहल्ले के किसी भी व्यक्ति को घर में नहीं घुसने दे रहा है। उधर, कोतवाल रवींद्र प्रताप सिंह का कहना है कि मामला संज्ञान में आ गया है। शुक्रवार तक का समय दिया गया है। पुलिस जनहित में हस्तक्षेप कर कार्रवाई करेगी।