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अभी बरकरार रहेगा बिजली संकट
ब्यूरो / अमर उजाला, बिजनौर
Updated Wed, 09 Sep 2015 11:36 PM IST
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बिजनौर। जिले में बिजली संकट अभी भी बरकरार है। बुधवार को कई घंटे की अतिरिक्त कटौती की गई। दिनभर बिजली कटौती से लोग परेशान रहे। देहात क्षेत्रों में दो से तीन घंटे ही बिजली मिल रही है। ट्रांसमिशन एक्सईएन ने कहा कि अभी बिजली संकट और बरकरार रह सकता है।
बुधवार सुबह सात घंटे की अतिरिक्त कटौती हुई और मंगलवार की रात चार घंटे की अतिरिक्त कटौती की गई। शहरी क्षेत्र में सोलह घंटे के सापेक्ष केवल दस से बारह घंटे आपूर्ति की गई और देहात क्षेत्र में केवल दस घंटे के सापेक्ष तीन घंटे ही बिजली मिल रही है। हालात ये है कि इलेक्ट्रानिक उपकरण शोपीस बन गए हैं। फसलों की सिंचाई नहीं हो रही है।
उपभोक्ता बिजली संकट को लेकर बेहाल है। ट्रांसमिशन एक्सईएन अखिल महरोत्रा का कहना है कि प्रदेश में 14 हजार मेगावाट बिजली की डिमांड है, जबकि उपलब्धता साढ़े दस हजार मेगावाट ही है। केंद्रीय ग्रिड से प्रदेश को पांच हजार मेगावाट बिजली मिलती थी, अब तीन से साढ़े तीन हजार मेगावाट मिल रही है। केंद्रीय स्तर पर ही बिजली का उत्पादन गिरा है। अभी यह संकट और बरकरार रह सकता है।
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उधर, किरतपुर में भारतीय किसान यूनियन की ब्लाक इकाई की बैठक में बिजली आपूर्ति में की जा रही अंधाधुंध कटौती पर आक्रोश व्यक्त किया गया। गन्ने का बकाया भुगतान शीघ्र दिलाने, नहरों में पानी छोड़े जाने, जंगली जानवरों से किसानों की जानमाल की सुरक्षा करने की मांग की। वीरेंद्र सिंह, राजपाल चौहान, शैलेंद्र सिंह, नरदेव सिंह, दिनेश कुमार, इलियास हुसैन आदि उपस्थित रहे।
ट्रांसफार्मर बदलने को दो दिन का अल्टीमेटम दिया
बिजनौर। स्वाहेड़ी के 33 केवीए बिजलीघर पर पिछले दो माह से एक ट्रांसफार्मर फुंका पड़ा है। जिस कारण कई क्षेत्रों की बिजली आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हो गई है। राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के प्रतिनिधि मंडल ने बुधवार को एक्सईएन से मिलकर ट्रांसफार्मर ठीक कराने की मांग की।
विद्युत निगम के एक्सईएन और एसडीएम को दिए शिकायती पत्र में संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि दो माह से स्वाहेड़ी बिजलीघर का एक ट्रांसफार्मर फुंका पड़ा है। ट्रांसफार्मर खराब होने से स्वाहेडी गांव में केवल दो घंटे ही बिजली मिल रही है।
किसान फसल की सिंचाई नहीं कर पा रहे। जिस कारण उन्हें परेशानी उठानी पड़ रही है। किसानों ने प्रशासन को ट्रांसफार्मर बदलवाने के लिए दो दिन का समय दिया है। किसानों ने साफ कहा कि यदि ट्रांसफार्मर नहीं बदला गया तो दो दिन बाद बिजलीघर पर धरना शुरू कर दिया जाएगा।
ब्लॉक अध्यक्ष विनोद कुमार उर्फ बिट्टू, मनीष कुमार, अंकुर चौधरी, नरेश, राहुल आदि शामिल रहे। ब्लॉक अध्यक्ष विनोद कुमार बिट्टू के अनुसार उन्होंने अपने प्रदेश अध्यक्ष पूर्व राज्यमंत्री स्वामी ओमवेश को भी इस मामले से अवगत करा दिया है।
बिजलीघर पर जेई को घंटों धूप में बैठाया
हल्दौर। भाकियू ने लड़खड़ाई विद्युत व्यवस्था के खिलाफ हल्दौर बिजलीघर पर धरना दिया और कई घंटे जेई को धूप में बैठाए रखा। इसके बाद किसानों ने 21 सितंबर को एसई का घेराव करने का ऐलान करते हुए धरना समाप्त कर दिया।
विकासखंड के डबाकरा हाल में बुधवार को हुई पंचायत में किसानों ने विद्युत अव्यवस्था को लेकर हंगामा किया। घनश्याम सिंह, सतबीर पहलवान, धर्मेंद्र राणा आदि ने आरोप लगाया कि गांवों में मात्र चार घंटे बिजली आ रही है। तार जर्जर होने से बार बार ट्रिपिंग होती है।
किसान की कहीं सुनवाई नही हो रही है। गिरीराज सिंह, मूला सिंह ने कहा कि नहरों में पानी नही छोडे़ जाने से फसल सूख रही हैं। इसके बाद किसान बिजलीघर पहुंचे। वहां उन्हें कोई सक्षम अधिकारी नहीं मिलने पर किसानों ने हंगामा शुरू कर दिया। जेई अनिल कुमार वहां पहुंचे, जिनको किसानों ने अपने बीच धूप में बैठा लिया।
जेई से बिजली व्यवस्था में सुधार की मांग की। चेतावनी दी कि सुधार नहीं होने पर 21 सितंबर को एसई का घेराव किया जाएगा। जेई का कहना है कि अधिकारियों को अवगत करा दिया है।
बिजली संकट से पेयजल, सिंचाई और उद्योग प्रभावित
नजीबाबाद/ नांगल सोती। बिजली की अनियमित कटौती से नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में हाहाकार है। सिंचाई, लघु उद्योग, पेयजल व्यवस्था प्रभावित है। बरकातपुर 132 केवी बिजलीघर ओवरलोड होने से शेड्यूल के अतिरिक्त तीन से चार घंटे कटौती की जा रही है।
रात्रि 11 बजे से 6 बजे तक नगर क्षेत्र की अतिरिक्त कटौती से पेयजल व्यवस्था एवं जनजीवन प्रभावित है। दिन में भी अतिरिक्त कटौती होने से लघु उद्योग प्रभावित हो रहे हैं। गांव बरकातपुर 132 केवी विद्युत उपकेंद्र से भागूवाला, नवादा, सौफतपुर, चंदक, तिमरपुर, तिसोतरा बिजलीघर जुड़े हैं।
40 एमवीए क्षमता के बरकातपुर बिजलीघर पर वर्तमान में दोगुना विद्युत भार होने से दिन-रात के रोस्टर में एक साथ सभी बिजलीघरों को बिजली मुहय्या कराना निगम के लिए चुनौती बना है। कटौती से नलकूपों का संचालन ठप है। इससे फसलें प्रभावित हो रही हैं।
क्षेत्रीय जेई ओमप्रकाश के अनुसार बरकातपुर विद्युत उपकेंद्र ओवरलोड होने के कारण शेड्यूल के अतिरिक्त तीन से चार घंटे बिजली की कटौती करनी पड़ रही है। जलालाबाद, भागूवाला, बड़िया, आदर्शनगर क्षेत्र में बिजली संकट की स्थिति गंभीर होने से नागरिक परेशान हैं। नागरिकों ने विद्युत निगम से अतिरिक्त कटौती तत्काल रद्द करने की मांग की।
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बुधवार सुबह सात घंटे की अतिरिक्त कटौती हुई और मंगलवार की रात चार घंटे की अतिरिक्त कटौती की गई। शहरी क्षेत्र में सोलह घंटे के सापेक्ष केवल दस से बारह घंटे आपूर्ति की गई और देहात क्षेत्र में केवल दस घंटे के सापेक्ष तीन घंटे ही बिजली मिल रही है। हालात ये है कि इलेक्ट्रानिक उपकरण शोपीस बन गए हैं। फसलों की सिंचाई नहीं हो रही है।
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उपभोक्ता बिजली संकट को लेकर बेहाल है। ट्रांसमिशन एक्सईएन अखिल महरोत्रा का कहना है कि प्रदेश में 14 हजार मेगावाट बिजली की डिमांड है, जबकि उपलब्धता साढ़े दस हजार मेगावाट ही है। केंद्रीय ग्रिड से प्रदेश को पांच हजार मेगावाट बिजली मिलती थी, अब तीन से साढ़े तीन हजार मेगावाट मिल रही है। केंद्रीय स्तर पर ही बिजली का उत्पादन गिरा है। अभी यह संकट और बरकरार रह सकता है।
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उधर, किरतपुर में भारतीय किसान यूनियन की ब्लाक इकाई की बैठक में बिजली आपूर्ति में की जा रही अंधाधुंध कटौती पर आक्रोश व्यक्त किया गया। गन्ने का बकाया भुगतान शीघ्र दिलाने, नहरों में पानी छोड़े जाने, जंगली जानवरों से किसानों की जानमाल की सुरक्षा करने की मांग की। वीरेंद्र सिंह, राजपाल चौहान, शैलेंद्र सिंह, नरदेव सिंह, दिनेश कुमार, इलियास हुसैन आदि उपस्थित रहे।
ट्रांसफार्मर बदलने को दो दिन का अल्टीमेटम दिया
बिजनौर। स्वाहेड़ी के 33 केवीए बिजलीघर पर पिछले दो माह से एक ट्रांसफार्मर फुंका पड़ा है। जिस कारण कई क्षेत्रों की बिजली आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हो गई है। राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के प्रतिनिधि मंडल ने बुधवार को एक्सईएन से मिलकर ट्रांसफार्मर ठीक कराने की मांग की।
विद्युत निगम के एक्सईएन और एसडीएम को दिए शिकायती पत्र में संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि दो माह से स्वाहेड़ी बिजलीघर का एक ट्रांसफार्मर फुंका पड़ा है। ट्रांसफार्मर खराब होने से स्वाहेडी गांव में केवल दो घंटे ही बिजली मिल रही है।
किसान फसल की सिंचाई नहीं कर पा रहे। जिस कारण उन्हें परेशानी उठानी पड़ रही है। किसानों ने प्रशासन को ट्रांसफार्मर बदलवाने के लिए दो दिन का समय दिया है। किसानों ने साफ कहा कि यदि ट्रांसफार्मर नहीं बदला गया तो दो दिन बाद बिजलीघर पर धरना शुरू कर दिया जाएगा।
ब्लॉक अध्यक्ष विनोद कुमार उर्फ बिट्टू, मनीष कुमार, अंकुर चौधरी, नरेश, राहुल आदि शामिल रहे। ब्लॉक अध्यक्ष विनोद कुमार बिट्टू के अनुसार उन्होंने अपने प्रदेश अध्यक्ष पूर्व राज्यमंत्री स्वामी ओमवेश को भी इस मामले से अवगत करा दिया है।
बिजलीघर पर जेई को घंटों धूप में बैठाया
हल्दौर। भाकियू ने लड़खड़ाई विद्युत व्यवस्था के खिलाफ हल्दौर बिजलीघर पर धरना दिया और कई घंटे जेई को धूप में बैठाए रखा। इसके बाद किसानों ने 21 सितंबर को एसई का घेराव करने का ऐलान करते हुए धरना समाप्त कर दिया।
विकासखंड के डबाकरा हाल में बुधवार को हुई पंचायत में किसानों ने विद्युत अव्यवस्था को लेकर हंगामा किया। घनश्याम सिंह, सतबीर पहलवान, धर्मेंद्र राणा आदि ने आरोप लगाया कि गांवों में मात्र चार घंटे बिजली आ रही है। तार जर्जर होने से बार बार ट्रिपिंग होती है।
किसान की कहीं सुनवाई नही हो रही है। गिरीराज सिंह, मूला सिंह ने कहा कि नहरों में पानी नही छोडे़ जाने से फसल सूख रही हैं। इसके बाद किसान बिजलीघर पहुंचे। वहां उन्हें कोई सक्षम अधिकारी नहीं मिलने पर किसानों ने हंगामा शुरू कर दिया। जेई अनिल कुमार वहां पहुंचे, जिनको किसानों ने अपने बीच धूप में बैठा लिया।
जेई से बिजली व्यवस्था में सुधार की मांग की। चेतावनी दी कि सुधार नहीं होने पर 21 सितंबर को एसई का घेराव किया जाएगा। जेई का कहना है कि अधिकारियों को अवगत करा दिया है।
बिजली संकट से पेयजल, सिंचाई और उद्योग प्रभावित
नजीबाबाद/ नांगल सोती। बिजली की अनियमित कटौती से नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में हाहाकार है। सिंचाई, लघु उद्योग, पेयजल व्यवस्था प्रभावित है। बरकातपुर 132 केवी बिजलीघर ओवरलोड होने से शेड्यूल के अतिरिक्त तीन से चार घंटे कटौती की जा रही है।
रात्रि 11 बजे से 6 बजे तक नगर क्षेत्र की अतिरिक्त कटौती से पेयजल व्यवस्था एवं जनजीवन प्रभावित है। दिन में भी अतिरिक्त कटौती होने से लघु उद्योग प्रभावित हो रहे हैं। गांव बरकातपुर 132 केवी विद्युत उपकेंद्र से भागूवाला, नवादा, सौफतपुर, चंदक, तिमरपुर, तिसोतरा बिजलीघर जुड़े हैं।
40 एमवीए क्षमता के बरकातपुर बिजलीघर पर वर्तमान में दोगुना विद्युत भार होने से दिन-रात के रोस्टर में एक साथ सभी बिजलीघरों को बिजली मुहय्या कराना निगम के लिए चुनौती बना है। कटौती से नलकूपों का संचालन ठप है। इससे फसलें प्रभावित हो रही हैं।
क्षेत्रीय जेई ओमप्रकाश के अनुसार बरकातपुर विद्युत उपकेंद्र ओवरलोड होने के कारण शेड्यूल के अतिरिक्त तीन से चार घंटे बिजली की कटौती करनी पड़ रही है। जलालाबाद, भागूवाला, बड़िया, आदर्शनगर क्षेत्र में बिजली संकट की स्थिति गंभीर होने से नागरिक परेशान हैं। नागरिकों ने विद्युत निगम से अतिरिक्त कटौती तत्काल रद्द करने की मांग की।