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गन्ने का मूल्य 500 रुपये मांगा
अमर उजाला/बिजनौर
Updated Sun, 02 Dec 2018 12:03 AM IST
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डीसीओ कार्यालय पर प्रदर्शन करते भाकियू भानु कार्यकर्ता।
- फोटो : अमर उजाला
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बिजनौर में गन्ना मूल्य में वृद्धि न होने से आक्रोशित किसानों ने भाकियू भानु के बैनर तले जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय में धरना प्रदर्शन किया। साथ ही किसानों ने गन्ना मूल्य 500 रुपये प्रति क्विंटल करने की मांग की। इस दौरान बिलाई मिल के अधिकारियों ने गन्ना भुगतान 20 दिसंबर तक कराने का आश्वासन देते हुए धरना समाप्त कराया।
जिलाध्यक्ष वीर सिंह ने कहा कि जिले की चीनी मिलों ने अब तक गन्ना भुगतान नहीं किया है। गन्ना मूल्य में वृद्धि न करके सरकार ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। किसानों ने बहुत उम्मीद से भाजपा को वोट दिया था, लेकिन भाजपा ने किसानों को निराश कर दिया है। गन्ना बकाया भुगतान दिलाने तथा गन्ने का मूल्य 500 रुपये प्रति क्विंटल घोषित कराने की मांग की गई।
वहीं, जिला गन्ना अधिकारी यशपाल सिंह व बिलाई चीनी मिल के गन्ना प्रबंधक सिताब सिंह ने बताया कि चीनी मिल 20 दिसंबर तक किसानों का समस्त बकाया भुगतान कर देगी। दोनों के आश्वासन पर धरना समाप्त हुआ। 20 दिसंबर तक भुगतान न होने पर जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय व बिलाई मिल पर धरना प्रदर्शन करने की चेतावनी दी गई। इस दौरान पद्म सिंह, विजयपाल सिंह, डोरी पहलवान, सतवीर सिंह, भूपेंद्र सिंह, गौरव कुमार, देवेश कुमार, रामकुमार सिंह, तारा सिंह, अंकित, दिनेश कुमार, विनित कुमार आदि मौजूद रहे।
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गन्ना मूल्य वृद्धि की मांग
बिजनौर में रालोद के जिलाध्यक्ष चौधरी राहुल सिंह ने प्रदेश में गन्ना मूल्य नहीं बढ़ाने पर प्रदेश सरकार को किसान विरोधी बताया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में किसान ठगा हुआ महसूस कर रहा है। किसानों के हितों के लिए रालोद आंदोलन करेगा। रालोद जिलाध्यक्ष राहुल सिंह ने बताया कि बढ़ती महंगाई को देखते हुए प्रदेश में गन्ना मूल्य में वृद्धि की जानी चाहिए थी। प्रदेश में बिजली के दाम बढे़ हैं। पिछले एक साल में डीजल व पेट्रोल के दाम बढे़ हैं, पर किसानों के गन्ना मूल्य में सरकार ने कोई वृद्धि नहीं की। प्रदेश का किसान अपने को ठगा सा महसूस कर रहा है। उन्होंने कहा कि रालोद किसानों की लड़ाई मजबूती के साथ लडे़गी। उन्होंने कहा कि गन्ना मूल्य वृद्धि की मांग को लेकर सूबे में आंदोलन किया जाएगा। रालोद किसानों के साथ खड़ा है।
गन्ने का दाम न बढ़ने पर आंदोलन की चेतावनी
चांदपुर में रालोद की बैठक में वक्ताओं ने सरकार द्वारा गन्ने के दाम न बढ़ाने पर रोष व्यक्त किया। चौधरी वीरेंद्र सिंह के प्रतिष्ठान पर डॉ. विपिन तोमर के संचालन में हुई बैठक में वक्ताओं ने कहा कि सरकार किसान विरोधी है। वक्ताओं ने गन्ने का दाम न बढ़ाने पर आंदोलन की चेतावनी दी। बैठक में सबल सिंह, योगेंद्र प्रधान, सचिन अहलावत, यशवीर सिंह, मयंक चौधरी, इरफान अहमद, अनीस अंसारी, शौकत अली, नरेश नेताजी, राजेंद्र सिंह, शाहिद प्रधान आदि रहे।
गन्ने का भाव न बढ़ने से किसान नाराज
धामपुर में गन्ना समिति में किसानों की बैठक हुई। जिसमें किसानों ने आंदोलन करने का निर्णय लिया। किसानों ने इस संबंध में समिति सभापति कुशल पाल सिंह को भी ज्ञापन सौंपा और समस्याओं का निदान न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
गन्ना समिति में शनिवार को कई गांवों के किसानों की मीटिंग हुई। किसानों ने कहा कि सरकार ने अब तक किसानों के लिए कुछ नहीं किया है। आरोप लगाया कि मिल मालिकों को लाभ पहुंचाया जा रहा है। किसानों ने कहा कि अब मजबूरी में किसानों को अगेती प्रजाति के गन्ने का भाव 325 और सामान्य प्रजाति के गन्ने का मूल्य 315 प्रति कुंटल के भाव से बेचना होगा। कावेंद्र कुमार, हरिराज सिंह ने कहा कि सरकार ने उनके साथ कुठाराघात किया है। जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। देवेंद्र सिंह, नौबहार सिंह ने कहा की सरकार किसानों की बर्बाद कर रही है। महीपाल सिंह, विक्रम सिंह, दिलावर सिंह ने कहा की भाजपा सरकार किसानों की हितैषी नहीं है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश को शुगर का बाउल कहा जाता है। 15 लाख किसान गन्ने की खेती करते हैं। इस दौरान पूर्व प्रधान धर्मपाल सिंह, धर्मदेव सिंह, सुभाषचंद चौहान, उदयवीर सिंह के नेतृत्व में किसानों ने समिति के सभापति कुशल पाल सिंह को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में किसानों ने अभिलेखों को जमा करने के बाद भी पर्ची संशोधन न होने पर किसानों के डबल सट्टों को एक करने, नए सट्टों को जल्द चालू कराने की मांग की। सभापति ने अधिकारियों को तलब कर उनकी समस्या का जल्द निदान कराने का भरोसा दिया।
मृतक आश्रितों को जारी करें गन्ना पर्ची
नजीबाबाद में भाजपा किसान मोर्चा के विधानसभा क्षेत्र प्रभारी के नेतृत्व में किसानों का एक प्रतिनिधिमंडल गन्ना विकास समिति के सचिव से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने मृतक किसानों का गन्ना सट्टा बंद होने पर चिंता व्यक्त की। भाजपा किसान मोर्चा के विधानसभा क्षेत्र प्रभारी रमेश सिंह के नेतृत्व में किसान गन्ना विकास समिति के सचिव डॉ. वीके शुक्ल से मिला। किसानों के प्रतिनिधिमंडल ने हकीमपुर निवासी नौबहार सिंह और विमला देवी के नाम वारीसान गन्ना पर्ची जारी न होने पर रोष व्यक्त किया। रमेश सिंह ने कहा कि मृतक किसानों के वारीसान तय न होने पर अनेक किसानों का गन्ना सट्टा बंद है। जिससे किसानों को गन्ना मिलों को देने में परेशानी हो रही है। गन्ना समिति के सचिव ने वारीसान पर्ची समस्या का शीघ्र निस्तारण कराने का आश्वासन दिया। प्रतिनिधिमंडल में चौधरी ईशम सिंह, अरविंद शर्मा, रितेश सैन, संजीव गुर्जर आदि रहे।
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जिलाध्यक्ष वीर सिंह ने कहा कि जिले की चीनी मिलों ने अब तक गन्ना भुगतान नहीं किया है। गन्ना मूल्य में वृद्धि न करके सरकार ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। किसानों ने बहुत उम्मीद से भाजपा को वोट दिया था, लेकिन भाजपा ने किसानों को निराश कर दिया है। गन्ना बकाया भुगतान दिलाने तथा गन्ने का मूल्य 500 रुपये प्रति क्विंटल घोषित कराने की मांग की गई।
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वहीं, जिला गन्ना अधिकारी यशपाल सिंह व बिलाई चीनी मिल के गन्ना प्रबंधक सिताब सिंह ने बताया कि चीनी मिल 20 दिसंबर तक किसानों का समस्त बकाया भुगतान कर देगी। दोनों के आश्वासन पर धरना समाप्त हुआ। 20 दिसंबर तक भुगतान न होने पर जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय व बिलाई मिल पर धरना प्रदर्शन करने की चेतावनी दी गई। इस दौरान पद्म सिंह, विजयपाल सिंह, डोरी पहलवान, सतवीर सिंह, भूपेंद्र सिंह, गौरव कुमार, देवेश कुमार, रामकुमार सिंह, तारा सिंह, अंकित, दिनेश कुमार, विनित कुमार आदि मौजूद रहे।
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गन्ना मूल्य वृद्धि की मांग
बिजनौर में रालोद के जिलाध्यक्ष चौधरी राहुल सिंह ने प्रदेश में गन्ना मूल्य नहीं बढ़ाने पर प्रदेश सरकार को किसान विरोधी बताया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में किसान ठगा हुआ महसूस कर रहा है। किसानों के हितों के लिए रालोद आंदोलन करेगा। रालोद जिलाध्यक्ष राहुल सिंह ने बताया कि बढ़ती महंगाई को देखते हुए प्रदेश में गन्ना मूल्य में वृद्धि की जानी चाहिए थी। प्रदेश में बिजली के दाम बढे़ हैं। पिछले एक साल में डीजल व पेट्रोल के दाम बढे़ हैं, पर किसानों के गन्ना मूल्य में सरकार ने कोई वृद्धि नहीं की। प्रदेश का किसान अपने को ठगा सा महसूस कर रहा है। उन्होंने कहा कि रालोद किसानों की लड़ाई मजबूती के साथ लडे़गी। उन्होंने कहा कि गन्ना मूल्य वृद्धि की मांग को लेकर सूबे में आंदोलन किया जाएगा। रालोद किसानों के साथ खड़ा है।
गन्ने का दाम न बढ़ने पर आंदोलन की चेतावनी
चांदपुर में रालोद की बैठक में वक्ताओं ने सरकार द्वारा गन्ने के दाम न बढ़ाने पर रोष व्यक्त किया। चौधरी वीरेंद्र सिंह के प्रतिष्ठान पर डॉ. विपिन तोमर के संचालन में हुई बैठक में वक्ताओं ने कहा कि सरकार किसान विरोधी है। वक्ताओं ने गन्ने का दाम न बढ़ाने पर आंदोलन की चेतावनी दी। बैठक में सबल सिंह, योगेंद्र प्रधान, सचिन अहलावत, यशवीर सिंह, मयंक चौधरी, इरफान अहमद, अनीस अंसारी, शौकत अली, नरेश नेताजी, राजेंद्र सिंह, शाहिद प्रधान आदि रहे।
गन्ने का भाव न बढ़ने से किसान नाराज
धामपुर में गन्ना समिति में किसानों की बैठक हुई। जिसमें किसानों ने आंदोलन करने का निर्णय लिया। किसानों ने इस संबंध में समिति सभापति कुशल पाल सिंह को भी ज्ञापन सौंपा और समस्याओं का निदान न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
गन्ना समिति में शनिवार को कई गांवों के किसानों की मीटिंग हुई। किसानों ने कहा कि सरकार ने अब तक किसानों के लिए कुछ नहीं किया है। आरोप लगाया कि मिल मालिकों को लाभ पहुंचाया जा रहा है। किसानों ने कहा कि अब मजबूरी में किसानों को अगेती प्रजाति के गन्ने का भाव 325 और सामान्य प्रजाति के गन्ने का मूल्य 315 प्रति कुंटल के भाव से बेचना होगा। कावेंद्र कुमार, हरिराज सिंह ने कहा कि सरकार ने उनके साथ कुठाराघात किया है। जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। देवेंद्र सिंह, नौबहार सिंह ने कहा की सरकार किसानों की बर्बाद कर रही है। महीपाल सिंह, विक्रम सिंह, दिलावर सिंह ने कहा की भाजपा सरकार किसानों की हितैषी नहीं है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश को शुगर का बाउल कहा जाता है। 15 लाख किसान गन्ने की खेती करते हैं। इस दौरान पूर्व प्रधान धर्मपाल सिंह, धर्मदेव सिंह, सुभाषचंद चौहान, उदयवीर सिंह के नेतृत्व में किसानों ने समिति के सभापति कुशल पाल सिंह को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में किसानों ने अभिलेखों को जमा करने के बाद भी पर्ची संशोधन न होने पर किसानों के डबल सट्टों को एक करने, नए सट्टों को जल्द चालू कराने की मांग की। सभापति ने अधिकारियों को तलब कर उनकी समस्या का जल्द निदान कराने का भरोसा दिया।
मृतक आश्रितों को जारी करें गन्ना पर्ची
नजीबाबाद में भाजपा किसान मोर्चा के विधानसभा क्षेत्र प्रभारी के नेतृत्व में किसानों का एक प्रतिनिधिमंडल गन्ना विकास समिति के सचिव से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने मृतक किसानों का गन्ना सट्टा बंद होने पर चिंता व्यक्त की। भाजपा किसान मोर्चा के विधानसभा क्षेत्र प्रभारी रमेश सिंह के नेतृत्व में किसान गन्ना विकास समिति के सचिव डॉ. वीके शुक्ल से मिला। किसानों के प्रतिनिधिमंडल ने हकीमपुर निवासी नौबहार सिंह और विमला देवी के नाम वारीसान गन्ना पर्ची जारी न होने पर रोष व्यक्त किया। रमेश सिंह ने कहा कि मृतक किसानों के वारीसान तय न होने पर अनेक किसानों का गन्ना सट्टा बंद है। जिससे किसानों को गन्ना मिलों को देने में परेशानी हो रही है। गन्ना समिति के सचिव ने वारीसान पर्ची समस्या का शीघ्र निस्तारण कराने का आश्वासन दिया। प्रतिनिधिमंडल में चौधरी ईशम सिंह, अरविंद शर्मा, रितेश सैन, संजीव गुर्जर आदि रहे।