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बेहतर होंगी सड़कें, महंगा हो जाएगा सफर
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बेहतर होंगी सड़कें, महंगा हो जाएगा सफर
बिजनौर। जिले को तीन-तीन नेशनल हाईवे की सौगात तो मिली, लेकिन इसकी कीमत चुकानी होगी। यानी अब जिले में घूमना महंगा हो जाएगा। जनपद में चार टोल प्लाजा बनाए जाएंगे। हालांकि एक प्लाजा पर टोल वसूला जाने लगा है। आने वाले दो सालों के भीतर ही बाकी तीन टोल प्लाजा भी बनकर तैयार हो जाएंगे।
हरिद्वार से काशीपुर तक नेशनल हाईवे 119 को फोरलेन में तब्दील किया जा रहा है। नगीना से काशीपुर तक निर्माण पूरा कर लिया गया है, जिसके चलते इस दूरी के बीच पुुरैनी में टोल वसूला जा रहा है। हरिद्वार से नगीना तक अभी हाईवे निर्माणाधीन है, जिसका काम एक साल में पूरा कर लिए जाने का लक्ष्य है। जिसके बाद भागूवाला में भी टोल प्लाजा स्थापित कर दिया जाएगा। हरिद्वार-काशीपुर हाईवे पर तीन टोल प्लाजा बनाए जाने हैं, जिनमें दो जनपद में ही होंगे।
उधर, मेरठ से पौड़ी नेशनल हाईवे 119 को भी फोरलेन में तब्दील किया जाना है। यह हाईवे कोटद्वार तक फोरलेन बनाया जाना है। हाईवे बनाने का काम चालू है। अगले एक साल में काफी काम पूरा होने की उम्मीद है। इस हाईवे पर भी बिजनौर-नजीबाबाद के बीच भनेड़ा और नजीबाबाद से कोटद्वार के बीच टोल प्लाजा बनाया जाना है। इस तरह जिले में चार-चार टोल प्लाजा हो जाएंगे। ऐसे में जिले में घूमने-फिरने के लिए भी जेब ढीली करनी होगी। अभी तक जिले की सड़कों पर कहीं भी टोल नहीं वसूला जाता था। हाईवे के नियमों के मुताबिक 60 किलोमीटर की दूरी पर टोल प्लाजा बनाया जाता है। इस दूरी को तय करने के बाद दूसरा टोल प्लाजा आ जाता है।
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उत्तराखंड की सीमा में घुसते ही देना होगा टोल
टोल लगने से केवल जिले में घूमना ही महंगा नहीं होगा, बल्कि उत्तराखंड की किसी भी सीमा में घुसते ही टोल देना होगा। एक टोल भागूवाला के पास बन रहा है, जबकि एक कोटद्वार से पहले, एक टोल कांशीपुर से पहले बन रहा है। यह तीनों टोल हैं तो उत्तराखंड में, लेकिन जिले के लोगों को उत्तराखंड में एंट्री के लिए इन टोल को भी भरना होगा।
हरिद्वार काशीपुर हाईवे पर तीन टोल प्लाजा बनाए जाने हैं। जिनमें एक बिजनौर और एक उत्तराखंड में चालू कर दिया गया है। बिजनौर में अभी एक टोल प्लाजा भागूवाला में भी बनाया जाएगा।
- बीपी पाठक, एनएचएआई
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बिजनौर। जिले को तीन-तीन नेशनल हाईवे की सौगात तो मिली, लेकिन इसकी कीमत चुकानी होगी। यानी अब जिले में घूमना महंगा हो जाएगा। जनपद में चार टोल प्लाजा बनाए जाएंगे। हालांकि एक प्लाजा पर टोल वसूला जाने लगा है। आने वाले दो सालों के भीतर ही बाकी तीन टोल प्लाजा भी बनकर तैयार हो जाएंगे।
हरिद्वार से काशीपुर तक नेशनल हाईवे 119 को फोरलेन में तब्दील किया जा रहा है। नगीना से काशीपुर तक निर्माण पूरा कर लिया गया है, जिसके चलते इस दूरी के बीच पुुरैनी में टोल वसूला जा रहा है। हरिद्वार से नगीना तक अभी हाईवे निर्माणाधीन है, जिसका काम एक साल में पूरा कर लिए जाने का लक्ष्य है। जिसके बाद भागूवाला में भी टोल प्लाजा स्थापित कर दिया जाएगा। हरिद्वार-काशीपुर हाईवे पर तीन टोल प्लाजा बनाए जाने हैं, जिनमें दो जनपद में ही होंगे।
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उधर, मेरठ से पौड़ी नेशनल हाईवे 119 को भी फोरलेन में तब्दील किया जाना है। यह हाईवे कोटद्वार तक फोरलेन बनाया जाना है। हाईवे बनाने का काम चालू है। अगले एक साल में काफी काम पूरा होने की उम्मीद है। इस हाईवे पर भी बिजनौर-नजीबाबाद के बीच भनेड़ा और नजीबाबाद से कोटद्वार के बीच टोल प्लाजा बनाया जाना है। इस तरह जिले में चार-चार टोल प्लाजा हो जाएंगे। ऐसे में जिले में घूमने-फिरने के लिए भी जेब ढीली करनी होगी। अभी तक जिले की सड़कों पर कहीं भी टोल नहीं वसूला जाता था। हाईवे के नियमों के मुताबिक 60 किलोमीटर की दूरी पर टोल प्लाजा बनाया जाता है। इस दूरी को तय करने के बाद दूसरा टोल प्लाजा आ जाता है।
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उत्तराखंड की सीमा में घुसते ही देना होगा टोल
टोल लगने से केवल जिले में घूमना ही महंगा नहीं होगा, बल्कि उत्तराखंड की किसी भी सीमा में घुसते ही टोल देना होगा। एक टोल भागूवाला के पास बन रहा है, जबकि एक कोटद्वार से पहले, एक टोल कांशीपुर से पहले बन रहा है। यह तीनों टोल हैं तो उत्तराखंड में, लेकिन जिले के लोगों को उत्तराखंड में एंट्री के लिए इन टोल को भी भरना होगा।
हरिद्वार काशीपुर हाईवे पर तीन टोल प्लाजा बनाए जाने हैं। जिनमें एक बिजनौर और एक उत्तराखंड में चालू कर दिया गया है। बिजनौर में अभी एक टोल प्लाजा भागूवाला में भी बनाया जाएगा।
- बीपी पाठक, एनएचएआई