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शावकों को अमानगढ़ रेंज में छोड़ा गया
ब्यूरो/अमर उजाला
Updated Fri, 22 Apr 2016 12:16 AM IST
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गुलदार के शावक
- फोटो : अमर उजाला
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नूरपुर में वन विभाग ने गांव आलमपुर एडवा के जंगल में छह दिन पहले मिले मादा गुलदार के शावकों को बृहस्पतिवार को अमानगढ़ रेंज पहुंचा दिया। मादा गुलदार को पकड़ने के लिए वनकर्मी तलाश में जुटे हुए हैं।
गांव आलमपुर एडवा निवासी मेघराज सिंह के गन्ने के खेत में बीते शनिवार को गुलदार के तीन शावक मिले थे। ग्रामीणों ने तीनों शावकों को पकड़ लिया था। मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने तीनों शावकों को अपने कब्जे में लेकर जंगल में पिंजरा लगाकर शावकों को उसमें रखा था, ताकि वे गुलदार अपने शावकों को ले जाए। रात में किसी समय पिंजरे के पास पहुंची मादा गुलदार एक शावक को अपने साथ ले गई थी। अगले दिन वह पास के गांव विशनपुरा में एक शावक के साथ दिखाई दी, तो वन विभाग की टीम दोनों शावकों को लेकर वहां पहुंची और उन्हें जंगल में छोड़कर निगरानी शुरू कर दी। बाकी दोनों शावकों को उनकी मां से मिलाने के लिए टीम ने भरसक प्रयास किए, लेकिन मादा गुलदार छह दिन व्यतीत होने के बाद भी उनके पास नहीं फटकी। उधर, मां से बिछड़े शावकों की हालत दिन पर दिन खराब होती जा रही थी और ग्रामवासी उन्हें बोतल से दूध पिलाकर जिंदा रखे हुए थे। शावकों को वन अधिकारियों ने उन्हें बृहस्पतिवार को जंगल से उठाकर अमानगढ़ रेंज पहुंचा दिया। वहीं, मादा गुलदार अभी भी आलमपुर एडवा व विशनपुरा के जंगलों में देेखी गई है।
दो शावकों के साथ है बाघिन
कालागढ़। रामगंगा बांध परियोजना के सुरक्षा बैरियर दो से सैंडिल बांध तिराहे तक दो शावकों के साथ बाघिन विचरण कर रही है। रेंज अधिकारी के अनुसार कार्बेट वन्यजीव प्रशिक्षण केंद्र के निकट विशेष सुरक्षा बरती जा रही है। बुधवार कांबिग में बाघिन और दो शावकों के पंजों के निशान मिले हैं। बाघ से सावधान का बोर्ड लगा दिया है। गश्त बढ़ा दी गई है।
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गांव आलमपुर एडवा निवासी मेघराज सिंह के गन्ने के खेत में बीते शनिवार को गुलदार के तीन शावक मिले थे। ग्रामीणों ने तीनों शावकों को पकड़ लिया था। मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने तीनों शावकों को अपने कब्जे में लेकर जंगल में पिंजरा लगाकर शावकों को उसमें रखा था, ताकि वे गुलदार अपने शावकों को ले जाए। रात में किसी समय पिंजरे के पास पहुंची मादा गुलदार एक शावक को अपने साथ ले गई थी। अगले दिन वह पास के गांव विशनपुरा में एक शावक के साथ दिखाई दी, तो वन विभाग की टीम दोनों शावकों को लेकर वहां पहुंची और उन्हें जंगल में छोड़कर निगरानी शुरू कर दी। बाकी दोनों शावकों को उनकी मां से मिलाने के लिए टीम ने भरसक प्रयास किए, लेकिन मादा गुलदार छह दिन व्यतीत होने के बाद भी उनके पास नहीं फटकी। उधर, मां से बिछड़े शावकों की हालत दिन पर दिन खराब होती जा रही थी और ग्रामवासी उन्हें बोतल से दूध पिलाकर जिंदा रखे हुए थे। शावकों को वन अधिकारियों ने उन्हें बृहस्पतिवार को जंगल से उठाकर अमानगढ़ रेंज पहुंचा दिया। वहीं, मादा गुलदार अभी भी आलमपुर एडवा व विशनपुरा के जंगलों में देेखी गई है।
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दो शावकों के साथ है बाघिन
कालागढ़। रामगंगा बांध परियोजना के सुरक्षा बैरियर दो से सैंडिल बांध तिराहे तक दो शावकों के साथ बाघिन विचरण कर रही है। रेंज अधिकारी के अनुसार कार्बेट वन्यजीव प्रशिक्षण केंद्र के निकट विशेष सुरक्षा बरती जा रही है। बुधवार कांबिग में बाघिन और दो शावकों के पंजों के निशान मिले हैं। बाघ से सावधान का बोर्ड लगा दिया है। गश्त बढ़ा दी गई है।
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