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आश्वासन नहीं, कार्रवाई जरूरी
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
Updated Tue, 07 Feb 2017 11:43 PM IST
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नजीबाबाद में मालन नदी के गंदे पानी में सब्जियां धोते सब्जी विक्रेता।
- फोटो : अमर उजाला
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नजीबाबाद में मालन नदी के गंदे पानी में सब्जियां धोना बंद नहीं हो सका है। रोजाना कई-कई क्विंटल दूषित सब्जियां बाजारों से घर तक पहुंच रही हैं। अमर उजाला द्वारा झकझोरने के बावजूद खाद्य निरीक्षक और नगरपालिका कर्मियों ने कोई सार्थक कदम नहीं उठाया।
नजीबाबाद में शहर से सटी मालन नदी में शहर के कुछ हिस्से का गंदा पानी डाला जाता है। इससे सटे गांवों का भी गंदा पानी नदी में ही बहाया जा रहा है। नदी के प्रदूषित होने के क्षेत्रवासियों को दूरगामी परिणाम तो भुगतने पड़ेंगे ही, फिलहाल जो स्थिति काश्तकार पैदा कर रहे हैं, उससे लोगों के स्वास्थ्य पर तुरंत दुष्प्रभाव पड़ सकता है। अमर उजाला ने 20 जनवरी के अंक में सब्जी नहीं, ‘घर बीमारी ला रहे लोग’ शीर्षक से सचित्र खबर प्रकाशित की थी। इस संबंध में बात करने पर खाद्य निरीक्षक तेज बहादुर सिंह ने आकस्मिक निरीक्षण कर नदी के गंदे पानी में सब्जियां धोने पर रोक लगाने का आश्वासन दिया था। खाद्य निरीक्षक के आश्वासन के 18 दिन बाद भी स्थिति जस की तस है। खेतों से सब्जियां निकालने के बाद काश्तकार सब्जियों को धाने के लिए मालन नदी क्षेत्र में पहुंच रहे हैं। यहां से यह सब्जियां मंडियों में ले जाकर बेची जा रही है। स्थानीय प्रशासन को भी अब तक इसकी भनक नहीं थी। अब एसडीएम ने स्थिति को गंभीरता से लेते हुए सुधार कराने की बात कही है।
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नजीबाबाद में शहर से सटी मालन नदी में शहर के कुछ हिस्से का गंदा पानी डाला जाता है। इससे सटे गांवों का भी गंदा पानी नदी में ही बहाया जा रहा है। नदी के प्रदूषित होने के क्षेत्रवासियों को दूरगामी परिणाम तो भुगतने पड़ेंगे ही, फिलहाल जो स्थिति काश्तकार पैदा कर रहे हैं, उससे लोगों के स्वास्थ्य पर तुरंत दुष्प्रभाव पड़ सकता है। अमर उजाला ने 20 जनवरी के अंक में सब्जी नहीं, ‘घर बीमारी ला रहे लोग’ शीर्षक से सचित्र खबर प्रकाशित की थी। इस संबंध में बात करने पर खाद्य निरीक्षक तेज बहादुर सिंह ने आकस्मिक निरीक्षण कर नदी के गंदे पानी में सब्जियां धोने पर रोक लगाने का आश्वासन दिया था। खाद्य निरीक्षक के आश्वासन के 18 दिन बाद भी स्थिति जस की तस है। खेतों से सब्जियां निकालने के बाद काश्तकार सब्जियों को धाने के लिए मालन नदी क्षेत्र में पहुंच रहे हैं। यहां से यह सब्जियां मंडियों में ले जाकर बेची जा रही है। स्थानीय प्रशासन को भी अब तक इसकी भनक नहीं थी। अब एसडीएम ने स्थिति को गंभीरता से लेते हुए सुधार कराने की बात कही है।
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