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बिजनौर में पालिका का पानी पीने लायक नहीं
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
Updated Tue, 17 May 2016 11:47 PM IST
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नगर निगम आयुक्त पंकज राय ने कहा कि लोगों की सुविधा के लिए यह फैसला लिया है।
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बिजनौर नगर पालिका द्वारा सप्लाई किए जाने वाले पानी को देखभाल कर पीएं। ये पानी आपको बीमारी दे सकता है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा कराई गई पांच नलकूपों की जांच में केवल एक जगह ही पानी में क्लोरीन सप्लाई होती मिली।
नगर में 25 नलकूप व छह ओवरहैड टैंक से पेयजल आपूर्ति की जाती है। पानी को शुद्ध करने के लिए सप्लाई में एक डोजर प्लांट लगाया जाता है। डोजर प्लांट के माध्यम से एक निश्चित मात्रा में क्लोरीन पानी में जाती रहती है।
यह क्लोरीन पानी के वैक्टीरिया को मारकर पानी को शुद्ध करती है। पानी में क्लोरीन की सप्लाई करने का काम नगर पालिका प्रशासन का है। खास बात यह है कि स्वास्थ्य विभाग ने करीब एक साल से नलकूप व ओवरहैड टैंक के डोजर प्लांट की जांच नहीं की थी।
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सोमवार को अचानक विभाग ने पांच स्थानों की जांच की। इनमें से जलकल कंपाउंड नगर पालिका परिषद के नलकूप संख्या-दो, टाऊन हाल स्थित नलकूप-छह का डोजर प्लांट लंबे समय से खराब मिला। बुखारा कॉलोनी स्थित नलकूप संख्या -आठ का डोजर प्लांट बंद मिला। कोतवाली थाना कंपाउंड नलकूप संख्या-19 पर बिजली नहीं थी।
इनके अलावा पुराना महिला अस्पताल नलकूप संख्या-15 से पानी सही सप्लाई होती पाई गई। पानी में क्लोरीन की सप्लाई न होने पर पानी जनित रोगों के फैलने का खतरा बना रहता है। संक्रामक विभाग के नोडल अधिकारी ने नगर पालिका प्रशासन को पत्र भेजकर पानी में क्लोरिकेशन सुनिश्चित कराने को कहा है।
संक्रामक विभाग के नोडल अधिकारी ब्रजभूषण ने बताया कि नलकूपों की नियमित जांच के लिए उन्होंने एक टीम गठित की है, जो कि लगातार नलकूपों के पानी की जांच करती रहेगी। जांच स्थानों पर पानी में क्लोरिकेशन नहीं मिला है।
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नगर में 25 नलकूप व छह ओवरहैड टैंक से पेयजल आपूर्ति की जाती है। पानी को शुद्ध करने के लिए सप्लाई में एक डोजर प्लांट लगाया जाता है। डोजर प्लांट के माध्यम से एक निश्चित मात्रा में क्लोरीन पानी में जाती रहती है।
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यह क्लोरीन पानी के वैक्टीरिया को मारकर पानी को शुद्ध करती है। पानी में क्लोरीन की सप्लाई करने का काम नगर पालिका प्रशासन का है। खास बात यह है कि स्वास्थ्य विभाग ने करीब एक साल से नलकूप व ओवरहैड टैंक के डोजर प्लांट की जांच नहीं की थी।
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सोमवार को अचानक विभाग ने पांच स्थानों की जांच की। इनमें से जलकल कंपाउंड नगर पालिका परिषद के नलकूप संख्या-दो, टाऊन हाल स्थित नलकूप-छह का डोजर प्लांट लंबे समय से खराब मिला। बुखारा कॉलोनी स्थित नलकूप संख्या -आठ का डोजर प्लांट बंद मिला। कोतवाली थाना कंपाउंड नलकूप संख्या-19 पर बिजली नहीं थी।
इनके अलावा पुराना महिला अस्पताल नलकूप संख्या-15 से पानी सही सप्लाई होती पाई गई। पानी में क्लोरीन की सप्लाई न होने पर पानी जनित रोगों के फैलने का खतरा बना रहता है। संक्रामक विभाग के नोडल अधिकारी ने नगर पालिका प्रशासन को पत्र भेजकर पानी में क्लोरिकेशन सुनिश्चित कराने को कहा है।
संक्रामक विभाग के नोडल अधिकारी ब्रजभूषण ने बताया कि नलकूपों की नियमित जांच के लिए उन्होंने एक टीम गठित की है, जो कि लगातार नलकूपों के पानी की जांच करती रहेगी। जांच स्थानों पर पानी में क्लोरिकेशन नहीं मिला है।