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खुशखबरी: ओडीओपी में काष्ठ कला के साथ जुड़ा ब्रश उत्पाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। एक जिला, एक उत्पाद (ओडीओपी) में शामिल नगीना के काष्ठ कला उद्योग के साथ अब शेरकोट का ब्रश उद्योग भी शामिल हो गया है। लखनऊ में औद्योगिक विकास आयुक्त की बैठक में इसे मंजूरी दी गई। देश में ब्रश और इससे जुड़े उत्पादों की पूर्ति शेरकोट क्षेत्र की इकाइयों से ही होती है। ओडीओपी में शामिल होने से इस उद्योग को और बढ़ावा मिलेगा।
नगीना का काष्ठ कला उद्योग भारत समेत कई देशों में पहचान रखता है। इसी तरह शेरकोट में बने ब्रश की भी देश और विदेश में मांग है। यहां पर लगभग 330 छोटी-बड़ी इकाइयां संचालित हैं। इनसे करीब 30 हजार लोग रोजगार हासिल कर रहे हैं।
यहां पर ब्रश का उत्पादन प्रतिवर्ष लगभग सौ करोड़ का है। लगभग 15 करोड़ के ब्रश उत्पाद नेपाल, भूटान व अन्य देशों को निर्यात किए जाते हैं। जिला उद्योग केंद्र के उपायुक्त अमित कुमार ने बताया कि ओडीओपी योजना का उद्देश्य बिजनौर जैसे जिलों में स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देना और उन्हें अंतर्राष्ट्रीय बाजार में पहचान दिलाना है।
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इस योजना के तहत, सरकार व्यवसाय शुरू करने के लिए वित्तीय सहायता और प्रशिक्षण प्रदान करती है। इससे स्थानीय उद्यमियों को अपने उत्पादों को विकसित करने में मदद मिलती है। ओडीओपी के साथ जुड़ने से शेरकोट के ब्रश एवं उससे जुड़े उत्पादों के कारोबार को बढ़ावा मिलेगा।
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बिजनौर। एक जिला, एक उत्पाद (ओडीओपी) में शामिल नगीना के काष्ठ कला उद्योग के साथ अब शेरकोट का ब्रश उद्योग भी शामिल हो गया है। लखनऊ में औद्योगिक विकास आयुक्त की बैठक में इसे मंजूरी दी गई। देश में ब्रश और इससे जुड़े उत्पादों की पूर्ति शेरकोट क्षेत्र की इकाइयों से ही होती है। ओडीओपी में शामिल होने से इस उद्योग को और बढ़ावा मिलेगा।
नगीना का काष्ठ कला उद्योग भारत समेत कई देशों में पहचान रखता है। इसी तरह शेरकोट में बने ब्रश की भी देश और विदेश में मांग है। यहां पर लगभग 330 छोटी-बड़ी इकाइयां संचालित हैं। इनसे करीब 30 हजार लोग रोजगार हासिल कर रहे हैं।
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यहां पर ब्रश का उत्पादन प्रतिवर्ष लगभग सौ करोड़ का है। लगभग 15 करोड़ के ब्रश उत्पाद नेपाल, भूटान व अन्य देशों को निर्यात किए जाते हैं। जिला उद्योग केंद्र के उपायुक्त अमित कुमार ने बताया कि ओडीओपी योजना का उद्देश्य बिजनौर जैसे जिलों में स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देना और उन्हें अंतर्राष्ट्रीय बाजार में पहचान दिलाना है।
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इस योजना के तहत, सरकार व्यवसाय शुरू करने के लिए वित्तीय सहायता और प्रशिक्षण प्रदान करती है। इससे स्थानीय उद्यमियों को अपने उत्पादों को विकसित करने में मदद मिलती है। ओडीओपी के साथ जुड़ने से शेरकोट के ब्रश एवं उससे जुड़े उत्पादों के कारोबार को बढ़ावा मिलेगा।