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यूपीएससी में 202 वीं रैंक पाकर काजल ने बढ़ाया जिले का मान
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बिजनौर में काजल सिंह का यूपीएसई में चयन होने पर आशीर्वाद देते माता पिता
- फोटो : BIJNOR
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विश्वास बनाए रखें, गलतियों से सीख लें, सफलता तय है: काजल
रजनीश त्यागी
बिजनौर। शुक्रवार की शाम यूपीएससी का परिणाम घोषित हुआ तो हल्दौर थाना क्षेत्र के गांव फतेहपुर कला की काजल ने 202 वीं रैंक पाकर जिले का गौरव बढ़ा दिया। करीब चार साल की सेल्फ स्टडी और खुद पर भरोसे के दम पर किसान परिवार में जन्मी काजल ने मात्र 26 साल की उम्र में यह सफलता पा ली। काजल की सफलता से पूरे परिवार में खुशी का माहौल है। वहीं 202 वीं रैंक पर उन्हें आईपीएस कैडर मिलने की उम्मीद है।
हल्दौर थाना क्षेत्र के ग्राम फतेहपुर कला निवासी काजल (26) पुत्री देवेंद्र सिंह ने अपनी शुरूआती पढ़ाई बिजनौर में मामा एडीओ पंचायत सुरेंद्र सिंह के यहां रहकर सेंटमेरी स्कूल से की थी। इसके बाद वह वनस्थली राजस्थान चली गई और वहां से स्कूल की पढ़ाई पूरी की। कुछ समय के लिए कोटा में कोचिंग ली। इसके बाद इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग दिल्ली यूनिवर्सिटी से किया। करीब 2017 में यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दी और कई तरह की परीक्षाएं दी और एक के बाद एक कई परीक्षाएं पास की और अब यूपीएससी में 202 वीं रैंक पाकर परिवार के साथ-साथ जिले का गौरव भी बढ़ाया।
काजल से परीक्षा की तैयारी और सफलता को लेकर बातचीत के कुछ अशं
सवाल : इलेक्ट्रिकल इंजीनियर से यूपीएससी की तैयारी करने का ख्याल मन में कैसे आया? किससे प्रेरणा मिली?
काजल: ग्रेजुएशन करते हुए मैंने देखा कि यूपीएससी के द्वारा सर्विस में आने वाले लोग कितने प्रभावी होते हैं। उनके संपर्क में कितने लोग आते हैं। बस फिर तैयारी शुरू कर दी। ऐसे तो किसी को देखकर प्रेरणा नहीं ली थी।
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सवाल: तैयारी कब से शुरू कर दी थी और किस तरह तैयारी की?
काजल: मैंने तैयारी कॉलेज के बाद ही 2017 से तैयारी शुरू कर दी थी। शुरूआत में मैंने कोचिंग की थी। इसके बाद अधिकांश समय सेल्फ स्टडी की। इस परीक्षा के लिए भी मैंने सेल्फ स्टडी ही की।
सवाल: इससे पहले कोई और परीक्षा भी दी है आपने ?
काजल: मैंने 2019 में इंडियन इंजीनियरिंग सर्विस में 30 वीं रैंक हासिल की थी। इसके बाद 2020 में यूपीपीसीएस में 36 वीं रैंक हासिल की थी। अब यूपीएससी में 202 वीं रैंक हासिल की हैं। मुझे उम्मीद है कि आईपीएस कैडर मिल सकता है।
सवाल: पारिवारिक पृष्ठभूमि क्या है, कैसे आप इस सफलता तक पहुंची?
काजल: मेरे पिता किसान हैं और घर पर खेती होती है। हमारे ईंट भट्टा भी चलता है। मुझे पढ़ाई में मेरे परिवार ने बहुत साथ दिया। केवल किताबों पर ही निर्भरता नहीं रही, प्रयोगात्मकता पर भी जोर रहा।
सवाल: सालों से इस परीक्षा में जुटने वालों को क्या संदेश देंगी, ताकि वह भी सफल हो सकें?
काजल: मैं तो केवल अपने अनुभव के तौर कह सकती हूं कि सही दिशा में खुद से की गई तैयारी भी सफलता दिला सकती है। हमेशा गलतियों से सीखना चाहिए और उन्हें सुधारना चाहिए। विश्वास के बल पर एक न एक दिन सफलता निश्चित ही मिल जाती है।
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रजनीश त्यागी
बिजनौर। शुक्रवार की शाम यूपीएससी का परिणाम घोषित हुआ तो हल्दौर थाना क्षेत्र के गांव फतेहपुर कला की काजल ने 202 वीं रैंक पाकर जिले का गौरव बढ़ा दिया। करीब चार साल की सेल्फ स्टडी और खुद पर भरोसे के दम पर किसान परिवार में जन्मी काजल ने मात्र 26 साल की उम्र में यह सफलता पा ली। काजल की सफलता से पूरे परिवार में खुशी का माहौल है। वहीं 202 वीं रैंक पर उन्हें आईपीएस कैडर मिलने की उम्मीद है।
हल्दौर थाना क्षेत्र के ग्राम फतेहपुर कला निवासी काजल (26) पुत्री देवेंद्र सिंह ने अपनी शुरूआती पढ़ाई बिजनौर में मामा एडीओ पंचायत सुरेंद्र सिंह के यहां रहकर सेंटमेरी स्कूल से की थी। इसके बाद वह वनस्थली राजस्थान चली गई और वहां से स्कूल की पढ़ाई पूरी की। कुछ समय के लिए कोटा में कोचिंग ली। इसके बाद इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग दिल्ली यूनिवर्सिटी से किया। करीब 2017 में यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दी और कई तरह की परीक्षाएं दी और एक के बाद एक कई परीक्षाएं पास की और अब यूपीएससी में 202 वीं रैंक पाकर परिवार के साथ-साथ जिले का गौरव भी बढ़ाया।
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काजल से परीक्षा की तैयारी और सफलता को लेकर बातचीत के कुछ अशं
सवाल : इलेक्ट्रिकल इंजीनियर से यूपीएससी की तैयारी करने का ख्याल मन में कैसे आया? किससे प्रेरणा मिली?
काजल: ग्रेजुएशन करते हुए मैंने देखा कि यूपीएससी के द्वारा सर्विस में आने वाले लोग कितने प्रभावी होते हैं। उनके संपर्क में कितने लोग आते हैं। बस फिर तैयारी शुरू कर दी। ऐसे तो किसी को देखकर प्रेरणा नहीं ली थी।
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सवाल: तैयारी कब से शुरू कर दी थी और किस तरह तैयारी की?
काजल: मैंने तैयारी कॉलेज के बाद ही 2017 से तैयारी शुरू कर दी थी। शुरूआत में मैंने कोचिंग की थी। इसके बाद अधिकांश समय सेल्फ स्टडी की। इस परीक्षा के लिए भी मैंने सेल्फ स्टडी ही की।
सवाल: इससे पहले कोई और परीक्षा भी दी है आपने ?
काजल: मैंने 2019 में इंडियन इंजीनियरिंग सर्विस में 30 वीं रैंक हासिल की थी। इसके बाद 2020 में यूपीपीसीएस में 36 वीं रैंक हासिल की थी। अब यूपीएससी में 202 वीं रैंक हासिल की हैं। मुझे उम्मीद है कि आईपीएस कैडर मिल सकता है।
सवाल: पारिवारिक पृष्ठभूमि क्या है, कैसे आप इस सफलता तक पहुंची?
काजल: मेरे पिता किसान हैं और घर पर खेती होती है। हमारे ईंट भट्टा भी चलता है। मुझे पढ़ाई में मेरे परिवार ने बहुत साथ दिया। केवल किताबों पर ही निर्भरता नहीं रही, प्रयोगात्मकता पर भी जोर रहा।
सवाल: सालों से इस परीक्षा में जुटने वालों को क्या संदेश देंगी, ताकि वह भी सफल हो सकें?
काजल: मैं तो केवल अपने अनुभव के तौर कह सकती हूं कि सही दिशा में खुद से की गई तैयारी भी सफलता दिला सकती है। हमेशा गलतियों से सीखना चाहिए और उन्हें सुधारना चाहिए। विश्वास के बल पर एक न एक दिन सफलता निश्चित ही मिल जाती है।

काजल सिंह- फोटो : BIJNOR