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मासूमों को अकेला छोड़ गया बेरहम पिता
Mon, 06 May 2019 12:14 AM IST
Deepak Sharma
अमर उजाला ब्यूरो/बिजनौर
अमर उजाला ब्यूरो/बिजनौर
Published by: Deepak Sharma
Updated Mon, 06 May 2019 12:14 AM IST
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चांदपुर क्षेत्र के बास्टा में लावारिस घूमते मिले बच्चे।
- फोटो : अमर उजाला
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चांदपुर में बास्टा में मुंबई निवासी एक व्यक्ति अपने दो मासूम बच्चों को स्कूटर का पंक्चर ठीक कराने के बहाने छोड़कर लापता हो गया। गांव के ही लोगों ने बच्चों को पुलिस के पास पहुंचाया। पुलिस व गांव के लोग बच्चों की पहचान कराने में जुटी है। पुलिस को सामान के दो बैग चांदपुर में पड़े मिले हैं, जिन्हें बच्चों ने पहचानकर अपना बताया है।
शनिवार की रात करीब सात साल का लड़का व करीब चार साल की लड़की बास्टा के प्राथमिक विद्यालय के पास मेन बाजार में एक दुकान के पास घूमते हुए मिले। उधर से निकल रहे गांव के एक व्यक्ति ने बच्चों को पुलिस चौकी पहुंचाया। पुलिस ने दोनों बच्चों को गांव के ही एक व्यक्ति की सुपुर्दगी में देकर बच्चों के परिजनों की तलाश शुरू कर दी। बच्चों के फोटो सोशल मीडिया पर डाल दिए हैं।
कोतवाली निरीक्षक सतेंद्र कुमार ने बताया कि पूछताछ में लड़के ने अपना नाम शिवा सात वर्ष व लड़की ने अपना नाम दीपिका करीब चार वर्ष बताया। पिता का नाम सुनील और माता का नाम लक्ष्मी चौहान बताया। बच्चों ने बताया कि वे मुंबई के रहने वाले हैं। पिता सीताराम बाजार में बाल काटने का काम करते हैं। ट्रेन से उतरकर पिता ने अपने दोस्त आकिल को फोन किया। थोड़ी देर बाद आकिल अंकल आकर लाल रंग का स्कूटर देकर चले गए। स्कूटर से पापा दोनों को यहां ले आए। हमें यहां बैठाकर स्कूटर का पंक्चर ठीक कराने को कहकर चले गए ।उसके बाद वापस नहीं आए। दीपिका कक्षा केजी व शिवा कक्षा दो में हैं। विद्यालय का नाम शासकीय प्राथमिक शाला रगला बता रहे हैं। कोतवाली निरीक्षक ने बताया कि रविवार की सुबह दो बैग लावारिस अवस्था में चांदपुर सातो इमली के पास पड़े मिले थे।
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लोगों ने बैग पुलिस को दे दिए। बच्चों से जब उनके सामान के बारे में पूछा तो उन्होंने बताया कि हमारे पास दो बैग थे। बैग का रंग आदि पूछा तथा उन्हें बैग दिखाए तो बच्चों ने दोनों बैग पहचानते हुए अपना होना बताया है। बैग में कपड़े आदि सामान है। कोतवाली निरीक्षक ने बताया कि जांच की जा रही है।
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शनिवार की रात करीब सात साल का लड़का व करीब चार साल की लड़की बास्टा के प्राथमिक विद्यालय के पास मेन बाजार में एक दुकान के पास घूमते हुए मिले। उधर से निकल रहे गांव के एक व्यक्ति ने बच्चों को पुलिस चौकी पहुंचाया। पुलिस ने दोनों बच्चों को गांव के ही एक व्यक्ति की सुपुर्दगी में देकर बच्चों के परिजनों की तलाश शुरू कर दी। बच्चों के फोटो सोशल मीडिया पर डाल दिए हैं।
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कोतवाली निरीक्षक सतेंद्र कुमार ने बताया कि पूछताछ में लड़के ने अपना नाम शिवा सात वर्ष व लड़की ने अपना नाम दीपिका करीब चार वर्ष बताया। पिता का नाम सुनील और माता का नाम लक्ष्मी चौहान बताया। बच्चों ने बताया कि वे मुंबई के रहने वाले हैं। पिता सीताराम बाजार में बाल काटने का काम करते हैं। ट्रेन से उतरकर पिता ने अपने दोस्त आकिल को फोन किया। थोड़ी देर बाद आकिल अंकल आकर लाल रंग का स्कूटर देकर चले गए। स्कूटर से पापा दोनों को यहां ले आए। हमें यहां बैठाकर स्कूटर का पंक्चर ठीक कराने को कहकर चले गए ।उसके बाद वापस नहीं आए। दीपिका कक्षा केजी व शिवा कक्षा दो में हैं। विद्यालय का नाम शासकीय प्राथमिक शाला रगला बता रहे हैं। कोतवाली निरीक्षक ने बताया कि रविवार की सुबह दो बैग लावारिस अवस्था में चांदपुर सातो इमली के पास पड़े मिले थे।
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लोगों ने बैग पुलिस को दे दिए। बच्चों से जब उनके सामान के बारे में पूछा तो उन्होंने बताया कि हमारे पास दो बैग थे। बैग का रंग आदि पूछा तथा उन्हें बैग दिखाए तो बच्चों ने दोनों बैग पहचानते हुए अपना होना बताया है। बैग में कपड़े आदि सामान है। कोतवाली निरीक्षक ने बताया कि जांच की जा रही है।