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पलक झपकते ही खुशियां हुईं काफूर
ब्यूरो/अमर उजाला
Updated Sun, 27 Mar 2016 12:25 AM IST
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Bijnor - Ganj Road Gmjada kin accidental death .
- फोटो : अमर उजाला
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बिजनौर में बिजनौर-चांदपुर मार्ग पर गांव झंडापुर के पास शनिवार को हुए हादसे में पांच लोगों की मौत से परिवारों पर गम का पहाड़ टूट पड़ा है। घर में मची चीखपुकार से आसपास के मौजूद सभी लोगों की आंखें नम हो गईं। हर शख्स इस हादसे से गम में डूबा रहा। लोग मनहूस पल को कोसते नजर आए। लोगों ने कहा कि पलक झपकते ही मृतकों के परिवार की खुशियां काफूर हो गई।
गंज निवासी महमूद और दारानगर निवासी इकबाल फल विक्रेता थे। रोज ही वे आढ़त से फल खरीदने के लिए बिजनौर आते थे। इकबाल का बेटा शाकिब भी उसकी मदद करता था। वह पांच बहनों का इकलौता भाई था।
शनिवार को इकबाल के किसी और कार्य में व्यस्त होने के कारण उसने शाकिब को आढ़त पर भेजा था। शाकिब की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव वालों के मुताबिक शानिश काफी समय से गाड़ी चला रहा था। दिल्ली निवासी शकील का बेल्ट (कमरबंद) बनाने का काम था। वह दो दिन पूर्व ही अपनी ससुराल गांव निजामतपुरा आया था। दिल्ली जाने के लिए वह सुबह ही गांव से निकल गया था। गांव गांवड़ी बुजुर्ग निवासी लोकेंद्र सिंह भी सब्जी विक्रेता था। उसकी मौत से परिवार की महिलाओं और परिवार के सदस्यों पर गम का पहाड़ टूट पड़ा था।
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गंज निवासी महमूद और दारानगर निवासी इकबाल फल विक्रेता थे। रोज ही वे आढ़त से फल खरीदने के लिए बिजनौर आते थे। इकबाल का बेटा शाकिब भी उसकी मदद करता था। वह पांच बहनों का इकलौता भाई था।
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शनिवार को इकबाल के किसी और कार्य में व्यस्त होने के कारण उसने शाकिब को आढ़त पर भेजा था। शाकिब की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव वालों के मुताबिक शानिश काफी समय से गाड़ी चला रहा था। दिल्ली निवासी शकील का बेल्ट (कमरबंद) बनाने का काम था। वह दो दिन पूर्व ही अपनी ससुराल गांव निजामतपुरा आया था। दिल्ली जाने के लिए वह सुबह ही गांव से निकल गया था। गांव गांवड़ी बुजुर्ग निवासी लोकेंद्र सिंह भी सब्जी विक्रेता था। उसकी मौत से परिवार की महिलाओं और परिवार के सदस्यों पर गम का पहाड़ टूट पड़ा था।
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