{"_id":"6a82142ea46f0aa2570ab2cc","slug":"gangster-act-accused-gets-bail-bijnor-news-c-27-1-smrt1004-187798-2026-08-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bijnor News: गैंगस्टर एक्ट के आरोपी को जमानत मिली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bijnor News: गैंगस्टर एक्ट के आरोपी को जमानत मिली
विज्ञापन
बिजनौर। गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे में पहले से जमानत पर चल रहे आरोपी दिपेंद्र को अदालत में लंबे समय तक अनुपस्थित रहने के कारण जारी गैर जमानती वारंट के बाद जेल जाना पड़ा। अब अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (गैंगस्टर एक्ट), कोर्ट नंबर-6, बिजनौर अलका चौधरी की अदालत ने उसकी जमानत मंजूर कर ली है। दिपेंद्र 26 जुलाई 2026 से जिला कारागार में बंद था।
मामला नजीबाबाद थाने में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 366/2023 का है। दिपेंद्र के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट की धारा 2(ख)(1) और 3(1) के तहत कार्रवाई की गई थी। आदेश के अनुसार, विशेष न्यायाधीश (गैंगस्टर)/अपर सत्र न्यायाधीश, कोर्ट नंबर-05, बिजनौर ने नौ अक्तूबर 2023 को दिपेंद्र की जमानत स्वीकार की थी। बाद में लंबे समय तक अनुपस्थित रहने के कारण उसके खिलाफ एनबीडब्ल्यू जारी किए गए थे।
आरोपी की ओर से अदालत में कहा गया कि तारीख का मुगालता लग जाने के कारण वह अदालत में उपस्थित नहीं हो सका और इसी वजह से उसके वारंट जारी हो गए। आरोपी ने खुद को निर्दोष बताते हुए जमानत की मांग की। विशेष लोक अभियोजक (फौजदारी) ने जमानत प्रार्थनापत्र का विरोध किया। दोनों पक्षों को सुनने और पत्रावली का अवलोकन करने के बाद अदालत ने जमानत देने का आधार पर्याप्त पाया।
विज्ञापन
अदालत ने दिपेंद्र का जमानत प्रार्थनापत्र स्वीकार करते हुए उसे एक लाख रुपये के निजी बंधपत्र और इतनी ही धनराशि के दो नवीन प्रतिभू दाखिल करने के बाद जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि जमानत देते समय मामले के तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए पर्याप्त आधार पाया गया है तथा मामले के गुण-दोष पर कोई टिप्पणी नहीं की गई है। आदेश 14 अगस्त 2026 को पारित किया गया।
विज्ञापन
मामला नजीबाबाद थाने में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 366/2023 का है। दिपेंद्र के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट की धारा 2(ख)(1) और 3(1) के तहत कार्रवाई की गई थी। आदेश के अनुसार, विशेष न्यायाधीश (गैंगस्टर)/अपर सत्र न्यायाधीश, कोर्ट नंबर-05, बिजनौर ने नौ अक्तूबर 2023 को दिपेंद्र की जमानत स्वीकार की थी। बाद में लंबे समय तक अनुपस्थित रहने के कारण उसके खिलाफ एनबीडब्ल्यू जारी किए गए थे।
विज्ञापन
आरोपी की ओर से अदालत में कहा गया कि तारीख का मुगालता लग जाने के कारण वह अदालत में उपस्थित नहीं हो सका और इसी वजह से उसके वारंट जारी हो गए। आरोपी ने खुद को निर्दोष बताते हुए जमानत की मांग की। विशेष लोक अभियोजक (फौजदारी) ने जमानत प्रार्थनापत्र का विरोध किया। दोनों पक्षों को सुनने और पत्रावली का अवलोकन करने के बाद अदालत ने जमानत देने का आधार पर्याप्त पाया।
विज्ञापन
अदालत ने दिपेंद्र का जमानत प्रार्थनापत्र स्वीकार करते हुए उसे एक लाख रुपये के निजी बंधपत्र और इतनी ही धनराशि के दो नवीन प्रतिभू दाखिल करने के बाद जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि जमानत देते समय मामले के तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए पर्याप्त आधार पाया गया है तथा मामले के गुण-दोष पर कोई टिप्पणी नहीं की गई है। आदेश 14 अगस्त 2026 को पारित किया गया।