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गंगा तट के गांवों पर बाढ़ का खतरा
ब्यूरो/अमर उजाला
Updated Sat, 16 Jul 2016 11:21 PM IST
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बिजनौर में पीडब्लूडी गेस्ट हाउस के बाहर टूटकर गिरा पेड़।
- फोटो : अमर उजाला
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मंडावर में पहाड़ों पर हो रही बारिश से गंगा के अलावा मालन नदी का जलस्तर भी बढ़ने लगा है। गंगा का पानी गांव ब्रह्मपुरी में घूस गया है। गांव के कई घर गंगा के पानी की जद में किसी भी समय आ सकते हैं। गंगा में पानी बढ़कर 96 हजार क्यूसेक हो गया है। गंगा की धारा गांव सीमली से कुछ मीटर दूर ही रह गई है। पानी का जलस्तर लगातार बढ़ने से खादर क्षेत्र के गांव वालों में दहशत का माहौल है। गांव वाले रात को जागकर जलस्तर पर नजर रख रहे हैं।
शुक्रवार को गंगा में 60 हजार क्यूसेक पानी था जो शनिवार को बढ़कर 96 हजार क्यूसेक हो गया। गंगा अब सीमली गांव से केवल दस फीट दूर बह रही है। राजारामपुर, बैवलगढ़, चाहड़वाला, रावली की ओर भी गंगा का पानी बढ़ रहा है। सैकड़ों बीघा फसल भी गंगा में जलमग्न हो चुकी है। गांव वाले रात को जागकर पानी के बढ़ते स्तर पर नजर रख रहे हैं। गांव ब्रह्मपुरी में बाहर की ओर रास्ते में गंगा का पानी भर गया है। जलस्तर बढ़ने से गांव वाले दहशत में हैं। गांव वालों के अनुसार गंगा का जलस्तर जब कम होता तो वह जमीन का कटान करने लगती है। इससे मुसीबत और बढ़ जाती है। मध्य गंगा बैराज के एक्सईएन एसएस गिरि के अनुसार गंगा बैराज में अभी 69 हजार क्यूसेक पानी चल रहा है। अभी पानी थोड़ा और बढ़ने का अनुमान है। क्षेत्र में बाढ़ के हालात नहीं हैं।
फसलों में आई जान
बिजनौर में शनिवार सुबह से ही बादल छाए रहे। सुबह करीब दस बजे कुछ देर के लिए अच्छी बारिश हुई। इसके बाद भी रुक-रुक कर बारिश होती रही। दोपहर बाद करीब तीन बजे बादल उमड़ आए दिन में भी अंधेरा छा गया। बादलों से करीब डेढ़ घंटे तक झमाझम बारिश हुई। मोहल्ला काजीपाड़ा, जाटान, नई बस्ती, आवास विकास, मुख्य बाजार, नजीबाबाद रोड आदि जगह पर बरसाती पानी भर गया। मौसम भी खुशगवार हो गया। रोजाना के मुकाबले तापमान में भी पांच डिग्री सेल्सियस की कमी रही। वहीं बारिश से किसान भी खुश हो गए हैं। बारिश धान और गन्ने की फसलों में जान फुंक देगी। नगीना स्थित मौसम वेधशाला प्रेक्षक डा.आरके शर्मा के अनुसार मौसम में आर्द्रता बहुत बढ़ी हुई है। एक-दो दिन में और बारिश होने के पूरे आसार हैं। वहीं नूरपुर में मुरादाबाद रोड पर बन रहे नाले के लिए खोदी गई मिट्टी से सड़क पर कीचड़ हो गया।
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शुक्रवार को गंगा में 60 हजार क्यूसेक पानी था जो शनिवार को बढ़कर 96 हजार क्यूसेक हो गया। गंगा अब सीमली गांव से केवल दस फीट दूर बह रही है। राजारामपुर, बैवलगढ़, चाहड़वाला, रावली की ओर भी गंगा का पानी बढ़ रहा है। सैकड़ों बीघा फसल भी गंगा में जलमग्न हो चुकी है। गांव वाले रात को जागकर पानी के बढ़ते स्तर पर नजर रख रहे हैं। गांव ब्रह्मपुरी में बाहर की ओर रास्ते में गंगा का पानी भर गया है। जलस्तर बढ़ने से गांव वाले दहशत में हैं। गांव वालों के अनुसार गंगा का जलस्तर जब कम होता तो वह जमीन का कटान करने लगती है। इससे मुसीबत और बढ़ जाती है। मध्य गंगा बैराज के एक्सईएन एसएस गिरि के अनुसार गंगा बैराज में अभी 69 हजार क्यूसेक पानी चल रहा है। अभी पानी थोड़ा और बढ़ने का अनुमान है। क्षेत्र में बाढ़ के हालात नहीं हैं।
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फसलों में आई जान
बिजनौर में शनिवार सुबह से ही बादल छाए रहे। सुबह करीब दस बजे कुछ देर के लिए अच्छी बारिश हुई। इसके बाद भी रुक-रुक कर बारिश होती रही। दोपहर बाद करीब तीन बजे बादल उमड़ आए दिन में भी अंधेरा छा गया। बादलों से करीब डेढ़ घंटे तक झमाझम बारिश हुई। मोहल्ला काजीपाड़ा, जाटान, नई बस्ती, आवास विकास, मुख्य बाजार, नजीबाबाद रोड आदि जगह पर बरसाती पानी भर गया। मौसम भी खुशगवार हो गया। रोजाना के मुकाबले तापमान में भी पांच डिग्री सेल्सियस की कमी रही। वहीं बारिश से किसान भी खुश हो गए हैं। बारिश धान और गन्ने की फसलों में जान फुंक देगी। नगीना स्थित मौसम वेधशाला प्रेक्षक डा.आरके शर्मा के अनुसार मौसम में आर्द्रता बहुत बढ़ी हुई है। एक-दो दिन में और बारिश होने के पूरे आसार हैं। वहीं नूरपुर में मुरादाबाद रोड पर बन रहे नाले के लिए खोदी गई मिट्टी से सड़क पर कीचड़ हो गया।
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