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त्योहारों पर बिजली संकट और गहराया
Updated Mon, 03 Oct 2016 12:06 AM IST
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बिजनौर जिले में बिजली कटौती से लोग बिलबिला गए हैं। त्योहारों का सीजन शुरू होते ही बिजली कटौती बढ़ गई है। गांवों में स्थिति बद से ज्यादा बदतर है। लोगों ने विद्युत आपूर्ति सुचारु नहीं होने पर अधिकारियों के प्रति रोष जताया है।
शासन के निर्देश पर लाइन लॉस कम करने के लिए अभियान चला। लाइन लॉस कम होने पर निगम अधिकारियों के स्तर से शहरों में 20 से 22 घंटे सप्लाई दिए जाने की बात कही गई। हालांकि हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। जिला मुख्यालय पर अंधाधुंध बिजली कटौती हो रही है। कटौती का कोई टाइम नहीं है। लो वोल्टेज के कारण समस्या और विकट हो गई है। इसका असर रोजमर्रा के कामकाज समेत टेक्निकल संस्थानों व लघु कुटीर उद्योग धंधों पर पड़ा है। शहर की पेयजल आपूर्ति भी बिजली कटौती से प्रभावित है। निगम के अधिकारियों का दावा है कि गांवों में शेडयूूूल के मुताबिक 14 घंटे बिजली हो रही है, जबकि किसान निगम के दावों को सिरे से नकार रहे हैं।
किसान दिवस में बिजली कटौती को लेकर कई बार हंगामा कर चुके हैं। भाकियू जिलाध्यक्ष रामऔतार सिंह का कहना है कि इस समय गन्ने व धान को पानी की जरूरत है। गांवों में रात में किसी समय दूसरे तीसरे दिन एक दो घंटे के लिए बिजली आती है। किसानों को जब जरूरत होती है तब बिजली मिलती नही ंहै। किसान नलकूप पर बिजली आने की इंतजार में बैठा रहता है। वहीं विद्युत निगम के अधिशासी अभियंता अरुण कुमार वर्मा का कहना है कि बिजनौर शहर में सुबह नौ बजे से 11 बजे तक तथा रात को दो बजे से चार बजे तक रोस्टिंग है। आजकल छह से आठ घंटे कटौती हो रही है। यह कटौती ऊपर से ही हो रही है। गांवों में 14 घंटे बिजली सप्लाई हो रही है। कोई आदेश होता है तो सप्लाई कट कर दी जाती है।
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शासन के निर्देश पर लाइन लॉस कम करने के लिए अभियान चला। लाइन लॉस कम होने पर निगम अधिकारियों के स्तर से शहरों में 20 से 22 घंटे सप्लाई दिए जाने की बात कही गई। हालांकि हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। जिला मुख्यालय पर अंधाधुंध बिजली कटौती हो रही है। कटौती का कोई टाइम नहीं है। लो वोल्टेज के कारण समस्या और विकट हो गई है। इसका असर रोजमर्रा के कामकाज समेत टेक्निकल संस्थानों व लघु कुटीर उद्योग धंधों पर पड़ा है। शहर की पेयजल आपूर्ति भी बिजली कटौती से प्रभावित है। निगम के अधिकारियों का दावा है कि गांवों में शेडयूूूल के मुताबिक 14 घंटे बिजली हो रही है, जबकि किसान निगम के दावों को सिरे से नकार रहे हैं।
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किसान दिवस में बिजली कटौती को लेकर कई बार हंगामा कर चुके हैं। भाकियू जिलाध्यक्ष रामऔतार सिंह का कहना है कि इस समय गन्ने व धान को पानी की जरूरत है। गांवों में रात में किसी समय दूसरे तीसरे दिन एक दो घंटे के लिए बिजली आती है। किसानों को जब जरूरत होती है तब बिजली मिलती नही ंहै। किसान नलकूप पर बिजली आने की इंतजार में बैठा रहता है। वहीं विद्युत निगम के अधिशासी अभियंता अरुण कुमार वर्मा का कहना है कि बिजनौर शहर में सुबह नौ बजे से 11 बजे तक तथा रात को दो बजे से चार बजे तक रोस्टिंग है। आजकल छह से आठ घंटे कटौती हो रही है। यह कटौती ऊपर से ही हो रही है। गांवों में 14 घंटे बिजली सप्लाई हो रही है। कोई आदेश होता है तो सप्लाई कट कर दी जाती है।
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