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किसानों ने दिया डीसीओ दफ्तर पर धरना
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
Updated Thu, 10 Nov 2016 11:55 PM IST
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डीसीओ को अपने साथ धरने पर बैठाकर वार्ता करते भाकियू कार्यकर्ता।
- फोटो : अमर उजाला
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बिजनौर में गन्ना सेंटरों को इधर-उधर करने से नाराज किसानों ने डीसीओ दफ्तर पर हंगामा करने के बाद करीब तीन घंटे तक धरना दिया। इस दौरान किसानों ने डीसीओ (जिला गन्ना अधिकारी) को अपने बीच बैठा लिया। डीसीओ ओपी सिंह द्वारा अपने स्तर की मांगों को निपटारा शुक्रवार तक किए जाने का आश्वासन दिए जाने पर किसानों ने धरना समाप्त कर दिया।
पिछले साल गन्ना विभाग ने गन्ना सेंटरों को बड़ी संख्या में इधर से उधर कर दिया था। किसानों ने डीसीओ के समक्ष इस पर विरोध जताया था, लेकिन विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की थी। इस बार भी हल्दौर ब्लॉक के गांव अम्हेड़ा, उलेढ़ा समेत कई गांवों के सेंटरों को दूसरे मिलों को आवंटित कर दिया है। सेंटर बदलने से किसान नाराज हैं। बृहस्पतिवार को अम्हेडा़, छजुपुरा, रावली, जलालपुर, उलेढ़ा, मुकरपुर सती आदि एक दर्जन गांवों के किसान डीसीओ दफ्तर पहुंचे। किसानों ने डीसीओ से इस बारे में बात की। किसान डीसीओ के जवाब से संतुष्ट नहीं हुए और धरने पर बैठ गए। किसानों ने डीसीओ ओपी सिंह को बुलाकर अपने बीच बैठा लिया और किसानों ने समस्या रखी। सेंटरों की व्यवस्था में सुधार, गन्ना मूल्य भुगतान 14 दिन में करने, बिजनौर शुगर मिल में पेराई शीघ्र शुरू करने, घटतौली रोकने आदि की मांग रखी। भाकियू ने विभिन्न मांगों को लेकर ज्ञापन डीसीओ को दिया। डीसीओ ओपी सिंह ने किसानों को भरोसा दिया कि जो समस्याएं उनके स्तर की है, वे शुक्रवार तक दूर कर दी जाएंगी। इसके बाद किसानों ने धरना समाप्त कर दिया। राजेंद्र सिंह, मूला सिंह, गिरिराज सिंह, सुनील कुमार, गजेन्द्र सिंह, नीरू आदि मौजूद रहे।
तहसीलों की तालाबंदी करेंगे प्रधान
बिजनौर में अखिल भारतीय ग्राम प्रधान संगठन ने पात्रों को सरकारी योजनाओं का लाभ न देने सहित अनेक आरोप लगाते हुए कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। मांगे पूरी न होने पर 21 नवंबर को सभी तहसीलों में तालाबंदी की चेतावनी दी। डीएम जगतराज त्रिपाठी को ज्ञापन देकर उनकी मांगों पर कार्रवाई की अपील की।प्रधान ब्लॉक मोहम्मदपुर देवमल से प्रदर्शन करते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे। जिलाध्यक्ष मुकेश दहिया ने कहा कि राष्ट्रीय खाद्यान्न सुरक्षा योजना, पेंशन आदि योजनाओं का लाभ सभी पात्रों को नहीं दिया जा रहा है। मिड-डे मील का राशन न दिए जाने के कारण प्रधानों को परेशानी उठानी पड़ रही है। गांवों में पात्रों को राशन कार्ड तक नहीं मिल रहे हैं। इसके अलावा एएनएम व प्रधानों के संयुक्त खाते भी नहीं खुलवाए गए हैं। प्रधानों ने डीएम से सभी मांगों पर कार्रवाई की अपेक्षा की है। ऐसा न होने पर 21 नवंबर को सभी तहसीलों के गेट पर तालाबंदी की चेतावनी दी है। ग्राम प्रधान चक्रवेदी, इंद्रवीर सिंह, राजपाल सिंह, अजय कुमार, सुधीर कुमार, धर्मेंद्र भोले आदि मौजूद रहे।
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गन्ना सुरक्षण आदेश जारी नहीं होना मुख्य वजह
बिजनौर मेें शासन द्वारा गन्ना सुरक्षण घोषित नहीं करने से सेंटरों की समस्या पैदा हुई है। हर साल गन्ना समितियां नए सेंटर खोलने का प्रस्ताव पारित करती हैं। जिले से आए सभी प्रस्ताव डीसीओ के अनुमोदन के बाद मंजूरी के लिए शासन को भेजी जाती है। इस साल भी नए सेंटर खोलने के प्रस्ताव भेजे गए हैं। शुगर मिल चलने से पहले सुरक्षण नीति घोषित हो जाती है। जिले की शुगर मिलों में पेराई शुरू हो चुकी है। शासन द्वारा गन्ना सुरक्षण के आदेश जारी नही किए जाने से नए सेंटर खुलने की आस लगाए बैठे किसानों में नाराजगी है।
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पिछले साल गन्ना विभाग ने गन्ना सेंटरों को बड़ी संख्या में इधर से उधर कर दिया था। किसानों ने डीसीओ के समक्ष इस पर विरोध जताया था, लेकिन विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की थी। इस बार भी हल्दौर ब्लॉक के गांव अम्हेड़ा, उलेढ़ा समेत कई गांवों के सेंटरों को दूसरे मिलों को आवंटित कर दिया है। सेंटर बदलने से किसान नाराज हैं। बृहस्पतिवार को अम्हेडा़, छजुपुरा, रावली, जलालपुर, उलेढ़ा, मुकरपुर सती आदि एक दर्जन गांवों के किसान डीसीओ दफ्तर पहुंचे। किसानों ने डीसीओ से इस बारे में बात की। किसान डीसीओ के जवाब से संतुष्ट नहीं हुए और धरने पर बैठ गए। किसानों ने डीसीओ ओपी सिंह को बुलाकर अपने बीच बैठा लिया और किसानों ने समस्या रखी। सेंटरों की व्यवस्था में सुधार, गन्ना मूल्य भुगतान 14 दिन में करने, बिजनौर शुगर मिल में पेराई शीघ्र शुरू करने, घटतौली रोकने आदि की मांग रखी। भाकियू ने विभिन्न मांगों को लेकर ज्ञापन डीसीओ को दिया। डीसीओ ओपी सिंह ने किसानों को भरोसा दिया कि जो समस्याएं उनके स्तर की है, वे शुक्रवार तक दूर कर दी जाएंगी। इसके बाद किसानों ने धरना समाप्त कर दिया। राजेंद्र सिंह, मूला सिंह, गिरिराज सिंह, सुनील कुमार, गजेन्द्र सिंह, नीरू आदि मौजूद रहे।
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तहसीलों की तालाबंदी करेंगे प्रधान
बिजनौर में अखिल भारतीय ग्राम प्रधान संगठन ने पात्रों को सरकारी योजनाओं का लाभ न देने सहित अनेक आरोप लगाते हुए कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। मांगे पूरी न होने पर 21 नवंबर को सभी तहसीलों में तालाबंदी की चेतावनी दी। डीएम जगतराज त्रिपाठी को ज्ञापन देकर उनकी मांगों पर कार्रवाई की अपील की।प्रधान ब्लॉक मोहम्मदपुर देवमल से प्रदर्शन करते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे। जिलाध्यक्ष मुकेश दहिया ने कहा कि राष्ट्रीय खाद्यान्न सुरक्षा योजना, पेंशन आदि योजनाओं का लाभ सभी पात्रों को नहीं दिया जा रहा है। मिड-डे मील का राशन न दिए जाने के कारण प्रधानों को परेशानी उठानी पड़ रही है। गांवों में पात्रों को राशन कार्ड तक नहीं मिल रहे हैं। इसके अलावा एएनएम व प्रधानों के संयुक्त खाते भी नहीं खुलवाए गए हैं। प्रधानों ने डीएम से सभी मांगों पर कार्रवाई की अपेक्षा की है। ऐसा न होने पर 21 नवंबर को सभी तहसीलों के गेट पर तालाबंदी की चेतावनी दी है। ग्राम प्रधान चक्रवेदी, इंद्रवीर सिंह, राजपाल सिंह, अजय कुमार, सुधीर कुमार, धर्मेंद्र भोले आदि मौजूद रहे।
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गन्ना सुरक्षण आदेश जारी नहीं होना मुख्य वजह
बिजनौर मेें शासन द्वारा गन्ना सुरक्षण घोषित नहीं करने से सेंटरों की समस्या पैदा हुई है। हर साल गन्ना समितियां नए सेंटर खोलने का प्रस्ताव पारित करती हैं। जिले से आए सभी प्रस्ताव डीसीओ के अनुमोदन के बाद मंजूरी के लिए शासन को भेजी जाती है। इस साल भी नए सेंटर खोलने के प्रस्ताव भेजे गए हैं। शुगर मिल चलने से पहले सुरक्षण नीति घोषित हो जाती है। जिले की शुगर मिलों में पेराई शुरू हो चुकी है। शासन द्वारा गन्ना सुरक्षण के आदेश जारी नही किए जाने से नए सेंटर खुलने की आस लगाए बैठे किसानों में नाराजगी है।