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बाहर रहने वाले किसान ऑनलाइन देख सकेंगे गन्ना सट्टा प्रदर्शन
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बाहर रहने वाले किसान ऑनलाइन देख सकेंगे गन्ना सट्टा प्रदर्शन
बिजनौर। गन्ना विभाग की ओर से गांव-गांव गन्ना सट्टा प्रदर्शन अभियान चला रहा है। गांवों में रहने वाले किसान अभियान में गन्ना सट्टा देख लेते हैं और कोई त्रुटि होने पर सही करा लेते हैं। गांव से बाहर नौकरी, व्यापार या अन्य कारणों से रहने वाले किसानों को परेशानी होती थी, लेकिन अब नहीं होगी। ऐसे किसानों के लिए गन्ना विभाग ने 63 कॉलम का डाटा इंक्वायरी डॉट केनयूपी डॉट इन पोर्टल पर उपलब्ध करा दिया है।
यदि कोई त्रुटि है, तो किसान एसजीके के ग्रीवान्स रिडर्सल सिस्टम पर ऑनलाइन अपनी आपत्ति दर्ज करा सकते हैं, जिसका संबंधित अधिकारियों द्वारा ऑनलाइन ही निस्तारण करा दिया जाएगा। पेराई सत्र 2022-23 की तैयारी के लिए जनपद में ग्राम स्तरीय गन्ना सर्वे-सट्टा प्रदर्शन कार्यक्रम प्रारंभ हो गया है, यह अभियान 30 अगस्त तक चलेगा। इसमें गन्ना विकास विभाग के कर्मचारी किसानों गन्ना सर्वे-सट्टा से संबंधित 63 आंकड़े दिखाकर उनसे सहमति प्राप्त करेंगे। इसमें किसान अपनी कृषि योग्य भूमि, गन्ना प्रजाति, मोबाइल नंबर, आधार नंबर, बैंक खाता संख्या, बेसिक कोटा आदि का बारीकी से जांच करेंगे। यदि कोई त्रुटि है, तो गन्ना पर्यवेक्षक को संबंधित अभिलेख देकर लिखित प्रार्थना-पत्र के माध्यम से मौके पर ही संशोधन करा सकते हैं। जिला गन्ना अधिकारी पीएन सिंह ने बताया कि गन्ना सर्वे-सट्टा प्रदर्शन कार्यक्रम गांवों चल रहा है और पोर्टल पर उपलब्ध है। किसान सभी आंकड़ों का अवलोकन कर लें। कोई कमी है तो उसे प्रार्थना पत्र व अभिलेख देकर सही कराएं।
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बिजनौर। गन्ना विभाग की ओर से गांव-गांव गन्ना सट्टा प्रदर्शन अभियान चला रहा है। गांवों में रहने वाले किसान अभियान में गन्ना सट्टा देख लेते हैं और कोई त्रुटि होने पर सही करा लेते हैं। गांव से बाहर नौकरी, व्यापार या अन्य कारणों से रहने वाले किसानों को परेशानी होती थी, लेकिन अब नहीं होगी। ऐसे किसानों के लिए गन्ना विभाग ने 63 कॉलम का डाटा इंक्वायरी डॉट केनयूपी डॉट इन पोर्टल पर उपलब्ध करा दिया है।
यदि कोई त्रुटि है, तो किसान एसजीके के ग्रीवान्स रिडर्सल सिस्टम पर ऑनलाइन अपनी आपत्ति दर्ज करा सकते हैं, जिसका संबंधित अधिकारियों द्वारा ऑनलाइन ही निस्तारण करा दिया जाएगा। पेराई सत्र 2022-23 की तैयारी के लिए जनपद में ग्राम स्तरीय गन्ना सर्वे-सट्टा प्रदर्शन कार्यक्रम प्रारंभ हो गया है, यह अभियान 30 अगस्त तक चलेगा। इसमें गन्ना विकास विभाग के कर्मचारी किसानों गन्ना सर्वे-सट्टा से संबंधित 63 आंकड़े दिखाकर उनसे सहमति प्राप्त करेंगे। इसमें किसान अपनी कृषि योग्य भूमि, गन्ना प्रजाति, मोबाइल नंबर, आधार नंबर, बैंक खाता संख्या, बेसिक कोटा आदि का बारीकी से जांच करेंगे। यदि कोई त्रुटि है, तो गन्ना पर्यवेक्षक को संबंधित अभिलेख देकर लिखित प्रार्थना-पत्र के माध्यम से मौके पर ही संशोधन करा सकते हैं। जिला गन्ना अधिकारी पीएन सिंह ने बताया कि गन्ना सर्वे-सट्टा प्रदर्शन कार्यक्रम गांवों चल रहा है और पोर्टल पर उपलब्ध है। किसान सभी आंकड़ों का अवलोकन कर लें। कोई कमी है तो उसे प्रार्थना पत्र व अभिलेख देकर सही कराएं।
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