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हाथी ने अधेड़ को मार डाला
ब्यूरो/ अमर उजाला, बिजनौर
Updated Fri, 13 Nov 2015 12:33 AM IST
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बढ़ापुर में जंगल से लकड़ियां बीनने गए बढ़ापुर के एक अधेड़ को हाथी ने पटककर मार डाला, जबकि उसका साथी ने भागकर जान बचाई।
वन अधिकारियों ने मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
बढ़ापुर के मोहल्ला गड़रियान निवासी अनीस (52) अपने साथी मोहल्ला नौमी निवासी राजाराम के साथ जंगल में लकड़ियां लेने गया था।
दोनों उत्तराखंड के कालागढ़ टाइगर रिजर्व वन प्रभाग की सोना नदी रेंज के धौलखंड कंपाट संख्या 13 से लकड़ियां एकत्रित कर रहे थे। तभी वहां एक हाथी आ गया और दोनों हमला बोल दिया।
हाथी को देखकर राजाराम ने भाग जान बचाई, लेकिन बीमार होने के कारण अनीस तेजी से भाग न सका। हाथी ने उसको अपनी सूंड़ से उठाकर जमीन पर पटक दिया, इसमें अनीस 52 वर्ष की मौके पर ही मौत हो गई। राजाराम ने घटना की सूचना घर आकर अनीस के परिजनों को दी।
घर में कोहराम मच गया। अनीस के परिजन और मोहल्ले वाले घटनास्थल पर पहुंचे। सोना नदी रेंज के वन क्षेत्राधिकारी के किसी विभागीय कार्य से बाहर होने के कारण कालागढ़ वन प्रभाग की अदनाला रेंज के वन क्षेत्राधिकारी हरिश्चंद्र भट्ट घटना स्थल पहुंचे और शव को पोस्टमार्टम के लिए कोटद्वार भेजा।
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पोस्टमार्टम होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।वहीं डीएफओ बिजनौर सलील कुमार शुक्ला ने बताया कि यदि वन्य जीव किसी व्यक्ति को मार देता है, तो शासन की ओर से एक लाख रुपये की मुआवजा राशि दी जाती है। जबकि वन्य जीव के हमले में अव्यस्क के मारे जाने पर मुुआवजा पचास हजार रुपये दिया जाता है।
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वन अधिकारियों ने मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
बढ़ापुर के मोहल्ला गड़रियान निवासी अनीस (52) अपने साथी मोहल्ला नौमी निवासी राजाराम के साथ जंगल में लकड़ियां लेने गया था।
दोनों उत्तराखंड के कालागढ़ टाइगर रिजर्व वन प्रभाग की सोना नदी रेंज के धौलखंड कंपाट संख्या 13 से लकड़ियां एकत्रित कर रहे थे। तभी वहां एक हाथी आ गया और दोनों हमला बोल दिया।
हाथी को देखकर राजाराम ने भाग जान बचाई, लेकिन बीमार होने के कारण अनीस तेजी से भाग न सका। हाथी ने उसको अपनी सूंड़ से उठाकर जमीन पर पटक दिया, इसमें अनीस 52 वर्ष की मौके पर ही मौत हो गई। राजाराम ने घटना की सूचना घर आकर अनीस के परिजनों को दी।
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घर में कोहराम मच गया। अनीस के परिजन और मोहल्ले वाले घटनास्थल पर पहुंचे। सोना नदी रेंज के वन क्षेत्राधिकारी के किसी विभागीय कार्य से बाहर होने के कारण कालागढ़ वन प्रभाग की अदनाला रेंज के वन क्षेत्राधिकारी हरिश्चंद्र भट्ट घटना स्थल पहुंचे और शव को पोस्टमार्टम के लिए कोटद्वार भेजा।
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पोस्टमार्टम होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।वहीं डीएफओ बिजनौर सलील कुमार शुक्ला ने बताया कि यदि वन्य जीव किसी व्यक्ति को मार देता है, तो शासन की ओर से एक लाख रुपये की मुआवजा राशि दी जाती है। जबकि वन्य जीव के हमले में अव्यस्क के मारे जाने पर मुुआवजा पचास हजार रुपये दिया जाता है।