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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bijnor News ›   Due to the absence of a bridge over the Dhara River, connectivity to many villages is lost during the rainy season.

Bijnor News: धारा नदी पर पुल न होने से बरसात में कई जाता है कई गांवों का संपर्क

Thu, 11 Jun 2026 12:17 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 11 Jun 2026 12:17 AM IST
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Due to the absence of a bridge over the Dhara River, connectivity to many villages is lost during the rainy season.
रेहड़। गांव माधोवाला और नारायणवाला के बीच स्थित धारा नदी पर पुल न होने से ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। खासकर बरसात के दिनों में नदी में पानी आने से मार्ग बंद हो जाता है। उन्हें दूरदराज से घूमकर गांव तक पहुंचना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि वह जनप्रतिनिधियों सहित विभागीय अधिकारियों से वर्षों से पुल निर्माण की मांग करते चले आ रहे हैं लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से पुल का निर्माण कराने की मांग की है।
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इस मार्ग से करीब आठ से 10 गांवों के लोगों का आवागमन रहता है। इनमें माधोवाला, सीरवासुचंद, त्रिलोकपुर, कासमपुर गढ़ी, मानियावाला, उधोवाला तथा नदी के दूसरी ओर के गांव नारायणवाला, छजमलवाला, केहरीपुर, कल्लूवाला, फतेहपुर धारा आदि शामिल हैं। बरसात के दिनों में नदी का जलस्तर बढ़ा रहता है। पुल न होने पर मार्ग बंद हो जाता है और लोगों को अफजलगढ़ या बादीगढ़ होते हुए आवागमन करना पड़ता है।
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ग्रामीण आकिल अहमद का कहना है कि बरसात के मौसम में नदी में पानी आ जाने के कारण नारायणवाला से माधोवाला होते हुए कई गांवों का यातायात बाधित हो जाता है। इससे उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता है। शीघ्र पुल का निर्माण कराया जाना चाहिए।
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ग्रामीण राम सिंह दिवान का कहना है कि नदी में उफान आने से पानी का वेग बढ़ जाता है। इससे गांव से बाहर कासमपुरगढ़ी, अफजलगढ़, जसपुर आदि जाने वाले स्कूली बच्चे चाहकर भी गांव से बाहर नहीं निकल पाते हैं। या फिर कल्लूवाला, बादीगढ़ होते हुए 15 किमी का अधिक सफर कर आते-जाते हैं। पुल का निर्माण होना चाहिए।
ग्रामीण सोनू चौहान का कहना है कि बरसात के दौरान उन्हें पानी से निकलकर जान जोखिम में डालकर आना जाना पड़ता है। वह लंबे समय से जनप्रतिनिधियों सहित विभागीय अधिकारियों से पुल की मांग करते आ रहे हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
ग्रामीण पीतांबर सिंह का कहना है कि पुल न बनने से ग्रामीणों को हर साल परेशानी झेलनी पड़ती है। बार-बार मांग के बावजूद पुल का निर्माण नहीं कराया जा सका। नेता चुनाव के समय वोट मांगने आते हैं तो वादे कर जाते हैं लेकिन चुनाव के बाद उन्हें पूरा करना भूल जाते हैं।

इस संबंध में सेतुनिगम के जेई अम्बरीश वर्मा ने बताया कि पुल निर्माण के लिए एस्टीमेट बनाकर मुख्यालय भेजा गया है। स्वीकृत होने के बाद काम शुरू कराया जाएगा।
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