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17 दिन में पी गए 48 करोड़ की शराब
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17 दिन में पी गए 48 करोड़ की शराब
बिजनौर। प्रशासन की ओर से चुनाव में मतदाताओं को शराब न बंटने देने के खूब दावे किए गए, लेकिन आंकड़े इन दावों की पोल खोलते नजर आ रहे हैं। पंचायत चुनाव में 17 दिन के भीतर जिले के वोटर 48 करोड़ की शराब डकार गए। प्रत्याशियों ने शराब पर खूब पैसा बहाया। सबसे ज्यादा 32 करोड़ की बिक्री ठेकों से हुई।
पंचायत चुनाव में वोटरों पर मदिरा खूब हावी रही। मदिरा के बल पर प्रत्याशी वोटरों को लुभाने में लगे रहे। प्रत्याशियों में वोटरों को शराब पिलाने की होड़ लगी रही। चुनाव में गांव, देहात के वोटर देशी शराब पर खूब टूटे। यही वजह रही कि चुनाव में 32 करोड़ की देशी शराब की बिक्री ठेकों से हो गई। विदेशी शराब व बीयर के शौकीन भी पीछे नहीं रहे। इस दौरान 10.70 करोड़ की विदेशी शराब और 5.3 करोड़ की बीयर की बोतल भी डकार गए। चोरी छिपे वोटरों को गैर राज्यों की शराब भी पिलाई गई। गांव वालों के मुताबिक प्रत्याशी घर घर वोटरों को शराब पहुंचाने से पीछे नहीं हटे। दिन ढलते ही वोटरों को घर घर शराब पहुुंचा देते थे। ज्यादातर प्रत्याशी शराब से वोट पक्का करने में जुटे रहे। कई गांवों में तो यह भी आलम रहा कि सुबह से शाम तक वोटर मदिरा के नशे में धुत रहे। जिला आबकारी अधिकारी गिरीशचंद्र वर्मा के मुताबिक एक अप्रैल से 17 अप्रैल तक जिले में शराब की दुकानों पर 32 करोड़ की देशी, 10.7 करोड़ की विदेशी, 5.3 करोड़ की बीयर बेची गई है।
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बिजनौर। प्रशासन की ओर से चुनाव में मतदाताओं को शराब न बंटने देने के खूब दावे किए गए, लेकिन आंकड़े इन दावों की पोल खोलते नजर आ रहे हैं। पंचायत चुनाव में 17 दिन के भीतर जिले के वोटर 48 करोड़ की शराब डकार गए। प्रत्याशियों ने शराब पर खूब पैसा बहाया। सबसे ज्यादा 32 करोड़ की बिक्री ठेकों से हुई।
पंचायत चुनाव में वोटरों पर मदिरा खूब हावी रही। मदिरा के बल पर प्रत्याशी वोटरों को लुभाने में लगे रहे। प्रत्याशियों में वोटरों को शराब पिलाने की होड़ लगी रही। चुनाव में गांव, देहात के वोटर देशी शराब पर खूब टूटे। यही वजह रही कि चुनाव में 32 करोड़ की देशी शराब की बिक्री ठेकों से हो गई। विदेशी शराब व बीयर के शौकीन भी पीछे नहीं रहे। इस दौरान 10.70 करोड़ की विदेशी शराब और 5.3 करोड़ की बीयर की बोतल भी डकार गए। चोरी छिपे वोटरों को गैर राज्यों की शराब भी पिलाई गई। गांव वालों के मुताबिक प्रत्याशी घर घर वोटरों को शराब पहुंचाने से पीछे नहीं हटे। दिन ढलते ही वोटरों को घर घर शराब पहुुंचा देते थे। ज्यादातर प्रत्याशी शराब से वोट पक्का करने में जुटे रहे। कई गांवों में तो यह भी आलम रहा कि सुबह से शाम तक वोटर मदिरा के नशे में धुत रहे। जिला आबकारी अधिकारी गिरीशचंद्र वर्मा के मुताबिक एक अप्रैल से 17 अप्रैल तक जिले में शराब की दुकानों पर 32 करोड़ की देशी, 10.7 करोड़ की विदेशी, 5.3 करोड़ की बीयर बेची गई है।
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