फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bijnor News ›   Do not do anymore sowing of sugar cane

अब और न करें गन्ने की बुवाई

Thu, 12 Apr 2018 11:51 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर Updated Thu, 12 Apr 2018 11:51 PM IST
विज्ञापन
Do not do anymore sowing of sugar cane
मिल द्वारा जारी फैम्फलेट। - फोटो : अमर उजाला
धामपुर में गन्ने के रिकॉर्ड उत्पादन से चीनी मिलों को पसीना आना शुरू हो गया है। जिले की नौ चीनी मिल अब तक करीब आठ करोड़ 88 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई कर चुकी हैं। गन्ना विभाग के आंकड़ों के मुताबिक एक करोड़ क्विंटल से ज्यादा गन्ना अभी भी खेतों में खड़ा है। ऐसे में अफजलगढ़ चीनी मिल ने आगामी सीजन में किसानों से गन्ने का रकबा कम कराने के लिए अभियान छेड़ दिया है। क्षेत्र के गांवों में पैम्फलेट बांटकर गेहूं की कटाई के बाद खाली खेतों में गन्ने की बुवाई न करने की सलाह दी जा रही है। 
विज्ञापन

अफजलगढ़ क्षेत्र के किसान दयाराम सिंह, गोपाल सिंह, मोहन सिंह, देवेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि अब तक चीनी मिल किसानों को अधिक क्षेत्रफल में गन्ने की बुवाई करने के लिए प्रेरित करती थीं। लेकिन अब उनके ऊपर गन्ने का रकबा कम करने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। किसानों को बताया जा रहा है कि वे इस बार किसी भी दशा में अधिक रकबे में गन्ने की बुवाई न करें। गेहूं की   कटाई के बाद खाली हुए खेतों में कोई और फसल उगा लें। इससेे आगामी सत्र में चीनी मिल और किसान दोनों को ही लाभ होगा। आगामी सत्र में चीनी मिल अपनी क्षमता से अधिक गन्ने की पेराई नहीं कर पाएगी, इससे किसानों को नुकसान उठाना पड़ सकता है।
विज्ञापन

चीनी मिल के प्रबंधक ने बताया कि रिकॉर्ड गन्ने की पेराई होने से रिकॉर्ड चीनी का भी उत्पादन हुआ है। इससे चीनी के रेट अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी नीचे आ गए हैं। जब चीनी मिल गन्ना अधिक रेट पर खरीद कर चीनी को कम दामों में बेचने को मजबूर होंगे तो इससे किसानों का भुगतान करने में दिक्कत आएगी। उनके संज्ञान में आया है कि उनकी मिल से       पहले बलरामपुर चीनी मिल यूनिट बभनान गोंडा, कुम्भी चीनी मिल कुम्भी (ए यूूनिट ऑफ बलरामपुर) तो काफी पहले से इस प्रकार का प्रचार प्रसार करना शुरू कर रखा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


सात महीने का सीजन, पेराई सवा करोड़ क्विंटल 
अफजलगढ़ चीनी मिल के वरिष्ठ गन्ना प्रबंधक अजय कुमार ढाका ने बताया कि उनकी मिल की ओर से इस संबंध में किसानों को जागरूक    करने के लिए अभियान शुरू कर दिया गया है। इस बार गन्ने का रिकॉर्ड उत्पादन होने से गन्ना पेराई सीजन सात महीने का हो जाएगा। अब तक अफजलगढ़ चीनी मिल 1.10 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई कर चुुकी है। जबकि पिछले साल 88 लाख क्विंटल और उससे पिछले साल 72 लाख क्विंटल गन्ने की  पेराई की गई थी। यदि किसानों से गन्ने का रकबा कम करने के लिए नहीं कहा गया तो आगामी पेराई सत्र सात महीने का हो जाएगा और गन्ना पेराई सवा करोड़ क्विंटल से ऊपर पहुंच जाएगी। इन हालातों से बचने के लिए किसानों को गन्ने के अलावा अन्य दलहनी,  तिलहनी फसलों की बुवाई करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।


गन्ना रकबा घटाने को पैम्फलेटों का बांटना गलत 
धामपुर में जिला गन्ना अधिकारी ओमप्रकाश सिंह का कहना है कि किसानों को पैम्फलेट बांटकर गन्ना रकबे को कम करने के लिए प्रेरित करना गन्ना विभाग के सिद्धांतों का उल्लंघन है। यदि ऐसा हुआ है तो वह नोटिस जारी    कर संबंधित चीनी मिल के अधिकारियों से जवाब मांगेंगे। उनके विभाग का काम अधिक से अधिक क्षेत्रफल में गन्ने की बुवाई के लिए किसानों को    प्रेरित करना है। हम किसानों को यह सुझाव दे सकते हैं कि कब और     किस समय में गन्ने की बुवाई करनी चाहिए। कौन सी प्रजाति को बोने से पैदावार और रिकवरी बेहतर होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed