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डीएम ने किया निर्माणाधीन तालाबों का निरीक्षण
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डीएम ने किया निर्माणाधीन तालाबों का निरीक्षण
बिजनौर। डीएम रमाकांत पांडेय ने मनरेगा के अंतर्गत बनाए जा रहे तालाबों का निरीक्षण किया। मजदूरों को कार्य स्थल पर कोरोना वायरस से सुरक्षित रखने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने तथा समय-समय पर सैनिटाइजेशन कराने के निर्देश दिए।
डीएम रमाकांत पांडेय सोमवार सुबह मनरेगा योजना अंतर्गत बनाए जा रहे तालाबों का निरीक्षण करने के लिए गांव गौसपुर पहुंचे। निरीक्षण के दौरान उनके साथ सीडीओ कामता प्रसाद सिंह, परियोजना निदेशक डीआरडीए विजय प्रकाश श्रीवास्तव सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद थे। गांव गौसपुर में नहर किनारे तालाब की खुदाई का कार्य चल रहा था। कार्य स्थल पर 138 मजदूर कार्य करते पाए गए, जिनमें पांच प्रवासी मजदूर भी शामिल थे। डीएम ने प्रवासी मजदूरों से उनकी समस्याओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। शासन द्वारा राशन किट की उपलब्धता के बारे में पूछे जाने पर मिथुन कुमार नाम के मजदूर ने बताया कि उन्हें राशन किट प्राप्त नहीं हुई है। जबकि अन्य मजदूरों ने राशन किट मिलने की बात स्वीकार की। डीएम ने सीडीओ को निर्देश दिए कि कार्यस्थल पर भीड़ एकत्रित होने से रोकने के लिए मजदूरों की संख्या कम करें और कार्यदिवस में वृद्धि करें। उन्होंने मजदूरों को नियमित रूप से मास्क का प्रयोग करने तथा समय-समय पर सैनिटाइजेशन कराने के लिए निर्देशित किया। उसके बाद डीएम धर्म नगरी स्थित एक हेक्टेयर रकबे में निर्मित 1.93 लाख रुपये की लागत से तैयार होने वाले तालाब स्थल पर पहुंचे। जहां पर 56 मजदूर कार्यरत पाए गए, जिनमें 13 महिलाएं शामिल थीं। डीएम में मनरेगा योजना के अंतर्गत कार्य करने वाले मजदूरों के लिए स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
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बिजनौर। डीएम रमाकांत पांडेय ने मनरेगा के अंतर्गत बनाए जा रहे तालाबों का निरीक्षण किया। मजदूरों को कार्य स्थल पर कोरोना वायरस से सुरक्षित रखने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने तथा समय-समय पर सैनिटाइजेशन कराने के निर्देश दिए।
डीएम रमाकांत पांडेय सोमवार सुबह मनरेगा योजना अंतर्गत बनाए जा रहे तालाबों का निरीक्षण करने के लिए गांव गौसपुर पहुंचे। निरीक्षण के दौरान उनके साथ सीडीओ कामता प्रसाद सिंह, परियोजना निदेशक डीआरडीए विजय प्रकाश श्रीवास्तव सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद थे। गांव गौसपुर में नहर किनारे तालाब की खुदाई का कार्य चल रहा था। कार्य स्थल पर 138 मजदूर कार्य करते पाए गए, जिनमें पांच प्रवासी मजदूर भी शामिल थे। डीएम ने प्रवासी मजदूरों से उनकी समस्याओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। शासन द्वारा राशन किट की उपलब्धता के बारे में पूछे जाने पर मिथुन कुमार नाम के मजदूर ने बताया कि उन्हें राशन किट प्राप्त नहीं हुई है। जबकि अन्य मजदूरों ने राशन किट मिलने की बात स्वीकार की। डीएम ने सीडीओ को निर्देश दिए कि कार्यस्थल पर भीड़ एकत्रित होने से रोकने के लिए मजदूरों की संख्या कम करें और कार्यदिवस में वृद्धि करें। उन्होंने मजदूरों को नियमित रूप से मास्क का प्रयोग करने तथा समय-समय पर सैनिटाइजेशन कराने के लिए निर्देशित किया। उसके बाद डीएम धर्म नगरी स्थित एक हेक्टेयर रकबे में निर्मित 1.93 लाख रुपये की लागत से तैयार होने वाले तालाब स्थल पर पहुंचे। जहां पर 56 मजदूर कार्यरत पाए गए, जिनमें 13 महिलाएं शामिल थीं। डीएम में मनरेगा योजना के अंतर्गत कार्य करने वाले मजदूरों के लिए स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
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