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तेरे नैना बड़े हैं चित चोर बांके बांके ओ नंद किशोर
ब्यूरो/ अमर उजाला, बिजनौर
Updated Mon, 24 Aug 2015 12:19 AM IST
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बिजनौर। जिला कृषि, औद्योगिक व सांस्कृतिक प्रदर्शनी में आयोजित ब्रज संगीत कार्यक्रम में कलाकारों ने समां बांध दिया। कलाकारों ने भगवान कृष्ण की लीलाओं व भक्तिगीतों से ओतप्रोत गीत प्रस्तुत कर सभी को बांधे रखा।
कार्यक्रम का शुभारंभ एसपी सिटी कल्पना सक्सेना व चेयरमैन फरीद अहमद ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कलाकार मनोज ब्रजवासी ने श्री गणेश देवा गीत से कार्यक्रम की शुरूआत की। गीत के जरिए उन्होंने कन्या भ्रूण हत्या न करने का संदेश दिया।
उनके गाए गीत चारों धामों से निराला ब्रज धाम दर्शन कर लियो जी से सभी मंत्रमुग्ध हो गए। उनके साथी द्वारा गाए गीत तेरे नैना बड़े हैं चित चोर बांके बांके ओ नंद किशोर पर कलाकारों ने भगवान कृष्ण, राधा व गोपियों के रूप में नृत्य प्रस्तुत किया।
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कान्हा रे थोड़ा सा प्यार दे पर सभी ने डांडिया नृत्य प्रस्तुत किया। मंच पर एक कथा का मंचन किया गया। राधा मयूरों का नृत्य देखने आती हैं तो भगवान कृष्ण मयूरों को रोक देते हैं। तब राधा भगवान कृष्ण को याद करती हैं। राधा की पुकार पर भगवान कृष्ण खुद मयूर का रूप धरकर नृत्य करते हैं।
अंत में भगवान कृष्णा राधा व गोपियों के साथ फूलों से होली खेलते हैं। कार्यक्रम अध्यक्षा सभासद दया गुप्ता व संयोजक अशोक निर्दोष रहे।
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कार्यक्रम का शुभारंभ एसपी सिटी कल्पना सक्सेना व चेयरमैन फरीद अहमद ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कलाकार मनोज ब्रजवासी ने श्री गणेश देवा गीत से कार्यक्रम की शुरूआत की। गीत के जरिए उन्होंने कन्या भ्रूण हत्या न करने का संदेश दिया।
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उनके गाए गीत चारों धामों से निराला ब्रज धाम दर्शन कर लियो जी से सभी मंत्रमुग्ध हो गए। उनके साथी द्वारा गाए गीत तेरे नैना बड़े हैं चित चोर बांके बांके ओ नंद किशोर पर कलाकारों ने भगवान कृष्ण, राधा व गोपियों के रूप में नृत्य प्रस्तुत किया।
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कान्हा रे थोड़ा सा प्यार दे पर सभी ने डांडिया नृत्य प्रस्तुत किया। मंच पर एक कथा का मंचन किया गया। राधा मयूरों का नृत्य देखने आती हैं तो भगवान कृष्ण मयूरों को रोक देते हैं। तब राधा भगवान कृष्ण को याद करती हैं। राधा की पुकार पर भगवान कृष्ण खुद मयूर का रूप धरकर नृत्य करते हैं।
अंत में भगवान कृष्णा राधा व गोपियों के साथ फूलों से होली खेलते हैं। कार्यक्रम अध्यक्षा सभासद दया गुप्ता व संयोजक अशोक निर्दोष रहे।