{"_id":"582f49da4f1c1b56369014c5","slug":"three-cases-including-principal","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रधानाचार्य समेत तीन पर केस दर्ज ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
प्रधानाचार्य समेत तीन पर केस दर्ज
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
Updated Sat, 19 Nov 2016 12:05 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नजीबाबाद में महात्मा गांधी इंटर कॉलेज के सहायक शिक्षक की ओर से कॉलेज के कार्यवाहक प्रधानाचार्य व पूर्व प्रधानाचार्य समेत तीन लोगों के के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
आदर्शनगर निवासी रणवीर सिंह ने नजीबाबाद थाने में महात्मा गांधी इंटर कॉलेज के कार्यवाहक प्रधानाचार्य अब्दुल सत्तार, पूर्व प्रधानाचार्य हरिओम शर्मा, पूर्व लिपिक इब्राहीम के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। रणवीर सिंह का कहना है कि वह एमजीएम इंटर कॉलेज में सहायक अध्यापक शारीरिक शिक्षा पद पर तैनात हैं। रणवीर का आरोप है कि उसे पहले साजिश के तहत 16 अगस्त 2014 को निलंबित किया गया और फिर इसके बाद प्रधानाचार्य, पूर्व प्रधानाचार्य व पूर्व लिपिक ने उसकी सेवा पुस्तिका में फर्जी अवकाश दर्शाकर सेवा समाप्ति की कार्रवाई कर दी।सहायक अध्यापक रणवीर सिंह का कहना है कि उन्होंने 1992-93 से सत्र 2013-14 तक कोई भी चिकित्सीय अवकाश व अर्जित अवकाश नहीं लिए हैं। सहायक अध्यापक ने तहसील दिवस में शिकायत करने पर जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा सर्विस बुक में दर्शाए गए अवकाश सुबूत न मिलने पर निरस्त करने का दावा किया। पीड़ित ने पदों का दुरुपयोग करने वाले तीनों आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। कार्यवाहक प्रधानाचार्य अब्दुल सत्तार ने बताया कि तत्कालीन डीएम वीके आनंद के तल्ख तेवर को देखते हुए डीआईओएस द्वारा तहसील दिवस की शिकायत में सुबूत न होने की बात कहकर जो फाइनल रिपोर्ट लगाई गई थी।
विज्ञापन
आदर्शनगर निवासी रणवीर सिंह ने नजीबाबाद थाने में महात्मा गांधी इंटर कॉलेज के कार्यवाहक प्रधानाचार्य अब्दुल सत्तार, पूर्व प्रधानाचार्य हरिओम शर्मा, पूर्व लिपिक इब्राहीम के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। रणवीर सिंह का कहना है कि वह एमजीएम इंटर कॉलेज में सहायक अध्यापक शारीरिक शिक्षा पद पर तैनात हैं। रणवीर का आरोप है कि उसे पहले साजिश के तहत 16 अगस्त 2014 को निलंबित किया गया और फिर इसके बाद प्रधानाचार्य, पूर्व प्रधानाचार्य व पूर्व लिपिक ने उसकी सेवा पुस्तिका में फर्जी अवकाश दर्शाकर सेवा समाप्ति की कार्रवाई कर दी।सहायक अध्यापक रणवीर सिंह का कहना है कि उन्होंने 1992-93 से सत्र 2013-14 तक कोई भी चिकित्सीय अवकाश व अर्जित अवकाश नहीं लिए हैं। सहायक अध्यापक ने तहसील दिवस में शिकायत करने पर जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा सर्विस बुक में दर्शाए गए अवकाश सुबूत न मिलने पर निरस्त करने का दावा किया। पीड़ित ने पदों का दुरुपयोग करने वाले तीनों आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। कार्यवाहक प्रधानाचार्य अब्दुल सत्तार ने बताया कि तत्कालीन डीएम वीके आनंद के तल्ख तेवर को देखते हुए डीआईओएस द्वारा तहसील दिवस की शिकायत में सुबूत न होने की बात कहकर जो फाइनल रिपोर्ट लगाई गई थी।
विज्ञापन