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झूठे मुकदमे दर्ज कराने पर वकील को पीटा
ब्यूरो/अमर उजाला
Updated Sat, 25 Jun 2016 12:07 AM IST
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बिजनौर जजी परिसर में वकील के चेंबर में की गई तोड़फोड़।
- फोटो : अमर उजाला
बिजनौर में जजी परिसर में शुक्रवार को उस समय अफरा तफरी मच गई जब सैकड़ों की संख्या में वकीलों ने अपने ही साथी एक वकील की जमकर पिटाई की। उसके चेंबर में तोड़फोड़ कर तहस-नहस कर दिया। वकील ने भागकर जान बचाई। इस वकील पर दर्जनों लोगों के खिलाफ बलात्कार के झूठे मुकदमे दर्ज कराने का आरोप है।
जजी परिसर में कार्यरत एक वकील पर आरोप है कि उसने सैकड़ों की संख्या में बलात्कार के झूठे मुकदमे दर्ज कराए हैं। वकीलों का कहना है कि उक्त वकील द्वारा एक रैकेट चलाया जा रहा है जिसमें कई महिलाएं भी शामिल हैं। वकील द्वारा इन महिलाओं से हमसाज होकर किसी के भी कहने पर किसी के भी खिलाफ अदालत में प्रार्थना पत्र देकर बलात्कार के फर्जी मुकदमे दर्ज कराए जा रहे हैं। एक एक महिला की तरफ से बलात्कार के कई-कई मुकदमे दर्ज हैं। महिला वही होती है, लेकिन अलग-अलग मुकदमों में उसका पता अलग दर्शाया जाता है। पुलिस भी ऐसे मुकदमों की विवेचना कर परेशान है। जिन लोगों के खिलाफ ये मुकदमे दर्ज कराए जाते हैं, उनको ब्लैकमेल कर मोटी रकम वसूली जाती है। इस अधिवक्ता के खिलाफ बलात्कार के झूठे मुकदमे दर्ज कराने के मामले में सपा नेता यादराम चंदेल ने बार कौंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश से भी शिकायत की थी।
शुक्रवार को वकीलों का उस समय गुस्सा फूट पड़ा जब उस अधिवक्ता ने अपने ही एक साथी अधिवक्ता व उसके परिजनों के खिलाफ बलात्कार का मुकदमा दर्ज कराने के लिए प्रार्थना पत्र एसीजेएम अदालत में दिया। इसका पता लगते ही वकील इकट्ठा हो गए और सैकड़ों की संख्या में उत्तेजित वकीलों ने आरोपी वकील को घेर लिया। आरोपी वकील व जिन लोगों द्वारा बलात्कार का झूठा मुकदमा दर्ज कराया जा रहा था, उनको भी वकीलों ने जमकर पीटा। वकीलों ने चेंबर का सामान भी उठाकर फेंक दिया और चेंबर में दूसरे अधिवक्ताओं को बैठा दिया।
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जजी परिसर में कार्यरत एक वकील पर आरोप है कि उसने सैकड़ों की संख्या में बलात्कार के झूठे मुकदमे दर्ज कराए हैं। वकीलों का कहना है कि उक्त वकील द्वारा एक रैकेट चलाया जा रहा है जिसमें कई महिलाएं भी शामिल हैं। वकील द्वारा इन महिलाओं से हमसाज होकर किसी के भी कहने पर किसी के भी खिलाफ अदालत में प्रार्थना पत्र देकर बलात्कार के फर्जी मुकदमे दर्ज कराए जा रहे हैं। एक एक महिला की तरफ से बलात्कार के कई-कई मुकदमे दर्ज हैं। महिला वही होती है, लेकिन अलग-अलग मुकदमों में उसका पता अलग दर्शाया जाता है। पुलिस भी ऐसे मुकदमों की विवेचना कर परेशान है। जिन लोगों के खिलाफ ये मुकदमे दर्ज कराए जाते हैं, उनको ब्लैकमेल कर मोटी रकम वसूली जाती है। इस अधिवक्ता के खिलाफ बलात्कार के झूठे मुकदमे दर्ज कराने के मामले में सपा नेता यादराम चंदेल ने बार कौंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश से भी शिकायत की थी।
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शुक्रवार को वकीलों का उस समय गुस्सा फूट पड़ा जब उस अधिवक्ता ने अपने ही एक साथी अधिवक्ता व उसके परिजनों के खिलाफ बलात्कार का मुकदमा दर्ज कराने के लिए प्रार्थना पत्र एसीजेएम अदालत में दिया। इसका पता लगते ही वकील इकट्ठा हो गए और सैकड़ों की संख्या में उत्तेजित वकीलों ने आरोपी वकील को घेर लिया। आरोपी वकील व जिन लोगों द्वारा बलात्कार का झूठा मुकदमा दर्ज कराया जा रहा था, उनको भी वकीलों ने जमकर पीटा। वकीलों ने चेंबर का सामान भी उठाकर फेंक दिया और चेंबर में दूसरे अधिवक्ताओं को बैठा दिया।
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