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अमजद हत्याकांड में तीन को आजीवन कारावास
Updated Wed, 10 Oct 2018 12:05 AM IST
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अमजद हत्याकांड में तीन को आजीवन कारावास
बिजनौर। एडीजे सुनील कुमार ने अमजद हत्याकांड में तीन आरोपियों को आजीवन कारावास व 13-13 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। शासकीय अधिवक्ता संजीव वर्मा के अनुसार थाना नांगल के गांव कामराजपुर निवासी मोहम्मद फारूक ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसका बेटा अमजद उत्तराखंड के ओखीमठ में टेलर का काम करता था। वह ईद पर घर आया हुआ था। सात अक्तूबर 2014 को दोपहर एक बजे उसके बेटे अमजद को शाहिद के साथ बाइक पर बैठाकर एक अन्य व्यक्ति घर से ले गया। जब वह घर वापस नहीं आया और उसका मोबाइल बंद मिला तो उसकी तलाश की गई। मोहम्मद इरफान व यासिन ने बताया कि उन्होंने अमजद को गांव तिसोतरा निवासी शाहिद, बिट्टू उर्फ अरविंद व अमित के साथ देखा था। अमित के हाथ में कुल्हाड़ी थी। उन्होंने जब पूछा तो तीनों आरोपियों ने बताया था कि अमजद के पैर में तकलीफ है। वे इलाज के लिए महुए की छाल लेने जा रहे हैं। पुलिस ने इस मामले में शाहिद, बिट्टू और अमित को गिरफ्तार किया व इनकी निशानदेही पर 14 अक्तूबर 2014 को अमजद का शव कामराजपुर के जंगल में खोलों से बरामद किया। उसका सिर काट दिया गया था और शव से कुछ दूरी पर अमजद का कटा सिर रखा था। शाहिद ने अपनी बहन की शादी के लिए अमजद से रुपये उधार लिए थे। अमजद द्वारा रुपये मांगने की रंजिश पर शाहिद ने अपने साथी बिट्टू व अमित के साथ मिलकर अमित की हत्या की थी। कोर्ट ने इस मामले में तीनों आरोपियों शाहिद, बिट्टू उर्फ अरविंद व अमित को दोषी पाते हुए सजा सुनाई।
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बिजनौर। एडीजे सुनील कुमार ने अमजद हत्याकांड में तीन आरोपियों को आजीवन कारावास व 13-13 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। शासकीय अधिवक्ता संजीव वर्मा के अनुसार थाना नांगल के गांव कामराजपुर निवासी मोहम्मद फारूक ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसका बेटा अमजद उत्तराखंड के ओखीमठ में टेलर का काम करता था। वह ईद पर घर आया हुआ था। सात अक्तूबर 2014 को दोपहर एक बजे उसके बेटे अमजद को शाहिद के साथ बाइक पर बैठाकर एक अन्य व्यक्ति घर से ले गया। जब वह घर वापस नहीं आया और उसका मोबाइल बंद मिला तो उसकी तलाश की गई। मोहम्मद इरफान व यासिन ने बताया कि उन्होंने अमजद को गांव तिसोतरा निवासी शाहिद, बिट्टू उर्फ अरविंद व अमित के साथ देखा था। अमित के हाथ में कुल्हाड़ी थी। उन्होंने जब पूछा तो तीनों आरोपियों ने बताया था कि अमजद के पैर में तकलीफ है। वे इलाज के लिए महुए की छाल लेने जा रहे हैं। पुलिस ने इस मामले में शाहिद, बिट्टू और अमित को गिरफ्तार किया व इनकी निशानदेही पर 14 अक्तूबर 2014 को अमजद का शव कामराजपुर के जंगल में खोलों से बरामद किया। उसका सिर काट दिया गया था और शव से कुछ दूरी पर अमजद का कटा सिर रखा था। शाहिद ने अपनी बहन की शादी के लिए अमजद से रुपये उधार लिए थे। अमजद द्वारा रुपये मांगने की रंजिश पर शाहिद ने अपने साथी बिट्टू व अमित के साथ मिलकर अमित की हत्या की थी। कोर्ट ने इस मामले में तीनों आरोपियों शाहिद, बिट्टू उर्फ अरविंद व अमित को दोषी पाते हुए सजा सुनाई।