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दीर को लेकर यूपी व गुजरात पुलिस की नाकामी उजागर
Updated Mon, 10 Jul 2017 01:03 AM IST
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पुलिस की लापरवाही से बचता रहा कदीर
बिजनौर। गुजरात आतंकवाद निरोधी दस्ते (एंटी टेरेरिस्ट स्क्वाड) के हाथों दबोचा गया मुंबई बम ब्लास्ट कांड का आरोपी कदीर को लेकर कभी भी गुजरात के साथ यूपी पुलिस भी नहीं चेती। इस मामले में यूपी के साथ गुजरात पुलिस की भी नाकामी उजागर हुई है। पिछले दस साल से ज्यादा समय से खुफिया विभाग की टीम कदीर के खुलेआम नजीबाबाद इलाके में रहने की रिपोर्ट अफसरों को दे रही थी। अफसरों ने कभी भी इसे गंभीरता से नहीं लिया। ये ही हाल गुजरात की पुलिस का रहा। 1993 में मुकदमा दर्ज होने के बाद गुजरात पुलिस टाडा कोर्ट से वारंट जारी होने के बाद कदीर की तलाश में आती तो रही पर दोनों राज्यों की पुलिस ने कदीर को दबोचने के लिए एक साथ प्लान नहीं बनाया।
कदीर के सलीम कुत्ता के जरिए अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम से रिश्ते पहले ही उजागर हो गए थे। कदीर ने जब कल्हेड़ी गांव में 1994 में कोठी बनाई थी तभी से लोग उसे शक की नजर से देखने लगे थे। कहा जाने लगा था कि छोटे से गांव इतनी मोटी रकम की कोठी बनाने को कदीर के पास रकम कहां से आई। इस कोठी को खुफिया विभाग की टीम देखकर आई थी, तब से यह कोठी चर्चा में रही। तभी से कहा जाने लगा था कि कदीर दाऊद इब्राहिम से जुड़ा है। कदीर के दाऊद इब्राहिम से रिश्ते उस समय और ज्यादा पुख्ता तरीके से उजागर हुए थे जब पुलिस को कदीर के मकान की तलाशी के दौरान कदीर के साथ दाऊद इब्राहिम का फोटो मिला था। इस फोटो में सलीम कुत्ता भी था। पुलिस के मुताबिक खुद कदीर ने भी दाऊद इब्राहिम के साथ अपने रिश्ते कबूल किए है। सूत्रों के मुताबिक पिछले दस साल से ज्यादा समय से खुफिया विभाग की टीम आला अफसरों को हर छह माह में कदीर के नजीबाबाद इलाके में खुलेआम रहने की रिपोर्ट भेज रही थी। इसके बाद भी पुलिस नहीं जागी। गुजरात व यूपी पुलिस ने कदीर को दबोचने में कोई दिलचस्पी नहीं ली। सूत्रों के मुताबिक गुजरात पुलिस को भी मालूम था कि कदीर खुलेआम रह रहा है पर गुजरात पुलिस ने यूपी पुलिस के साथ कदीर को पकड़ने का कोई प्लान नहीं बनाया। उसे पकड़े जाने का कोई डर नहीं था, लोग भी उसे शरीफ समझने लगे थे।
नजीबाबाद तक फैल गई थीं डी कंपनी की जड़ें
नजीबाबाद इलाका किसी जमाने में दाऊद इब्राहिम की डी कंपनी की जद में आने लगा था। दाऊद के तमाम गुर्गों ने इस इलाके में दस्तक देनी शुरू कर दी थी। इसे लेकर पुलिस व खुफिया एजेंसी के कान खड़े होने लगे थे। दाऊद का खास गुर्गा छोटा शकील तक सलीम कुत्ता के साथ इस इलाके में आ चुका है। छोटा शकील कई दिन इस इलाके में रहकर गया पर किसी को खबर नहीं लगी। शकील के जाने के बाद लोगों को उसके आने का पता चला था।
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बिजनौर। गुजरात आतंकवाद निरोधी दस्ते (एंटी टेरेरिस्ट स्क्वाड) के हाथों दबोचा गया मुंबई बम ब्लास्ट कांड का आरोपी कदीर को लेकर कभी भी गुजरात के साथ यूपी पुलिस भी नहीं चेती। इस मामले में यूपी के साथ गुजरात पुलिस की भी नाकामी उजागर हुई है। पिछले दस साल से ज्यादा समय से खुफिया विभाग की टीम कदीर के खुलेआम नजीबाबाद इलाके में रहने की रिपोर्ट अफसरों को दे रही थी। अफसरों ने कभी भी इसे गंभीरता से नहीं लिया। ये ही हाल गुजरात की पुलिस का रहा। 1993 में मुकदमा दर्ज होने के बाद गुजरात पुलिस टाडा कोर्ट से वारंट जारी होने के बाद कदीर की तलाश में आती तो रही पर दोनों राज्यों की पुलिस ने कदीर को दबोचने के लिए एक साथ प्लान नहीं बनाया।
कदीर के सलीम कुत्ता के जरिए अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम से रिश्ते पहले ही उजागर हो गए थे। कदीर ने जब कल्हेड़ी गांव में 1994 में कोठी बनाई थी तभी से लोग उसे शक की नजर से देखने लगे थे। कहा जाने लगा था कि छोटे से गांव इतनी मोटी रकम की कोठी बनाने को कदीर के पास रकम कहां से आई। इस कोठी को खुफिया विभाग की टीम देखकर आई थी, तब से यह कोठी चर्चा में रही। तभी से कहा जाने लगा था कि कदीर दाऊद इब्राहिम से जुड़ा है। कदीर के दाऊद इब्राहिम से रिश्ते उस समय और ज्यादा पुख्ता तरीके से उजागर हुए थे जब पुलिस को कदीर के मकान की तलाशी के दौरान कदीर के साथ दाऊद इब्राहिम का फोटो मिला था। इस फोटो में सलीम कुत्ता भी था। पुलिस के मुताबिक खुद कदीर ने भी दाऊद इब्राहिम के साथ अपने रिश्ते कबूल किए है। सूत्रों के मुताबिक पिछले दस साल से ज्यादा समय से खुफिया विभाग की टीम आला अफसरों को हर छह माह में कदीर के नजीबाबाद इलाके में खुलेआम रहने की रिपोर्ट भेज रही थी। इसके बाद भी पुलिस नहीं जागी। गुजरात व यूपी पुलिस ने कदीर को दबोचने में कोई दिलचस्पी नहीं ली। सूत्रों के मुताबिक गुजरात पुलिस को भी मालूम था कि कदीर खुलेआम रह रहा है पर गुजरात पुलिस ने यूपी पुलिस के साथ कदीर को पकड़ने का कोई प्लान नहीं बनाया। उसे पकड़े जाने का कोई डर नहीं था, लोग भी उसे शरीफ समझने लगे थे।
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नजीबाबाद तक फैल गई थीं डी कंपनी की जड़ें
नजीबाबाद इलाका किसी जमाने में दाऊद इब्राहिम की डी कंपनी की जद में आने लगा था। दाऊद के तमाम गुर्गों ने इस इलाके में दस्तक देनी शुरू कर दी थी। इसे लेकर पुलिस व खुफिया एजेंसी के कान खड़े होने लगे थे। दाऊद का खास गुर्गा छोटा शकील तक सलीम कुत्ता के साथ इस इलाके में आ चुका है। छोटा शकील कई दिन इस इलाके में रहकर गया पर किसी को खबर नहीं लगी। शकील के जाने के बाद लोगों को उसके आने का पता चला था।
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