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खनन माफियाओं ने विरोध करने पर सिंचाई विभाग के तीन कर्मचारियों को पीटा, एक कर्मी को नहर में फेंक जान से मारने का प्रयास
Updated Sat, 20 Jan 2018 12:33 AM IST
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हरेवली। हरेवली रामगंगा बैराज पर तैैनात तीन सिंचाई कर्मियों को छह-सात खनन माफिया ने पीटकर घायल कर दिया। एक कर्मचारी को खींचकर पोषक नहर में फेंककर जान से मारने की कोशिश की। हमलावर ने खनन में बाधा डालने का प्रयास किया तो उन्हें जिंदा नहीं छोडे़ंगे। आरोप है कि उच्च अधिकारियों को घटना से अवगत करा दिया गया, पर किसी भी ने भी उनकी सुध लेने का प्रयास नहीं किया।
सिंचाई विभाग के चौकीदार सीताराम, बेलदार छतरपाल सिंह व नफीस ने बताया कि विभाग की ओर से उनकी तैनाती हरेवली रामगंगा बैराज पर है। जब वह बृहस्पतिवार रात बैराज पर ड्यूटी कर रहे थे तो उन्हें करीब 10 बजे रामगंगा नदी में दो व्यक्ति रात में ट्रैक्टर ट्रालियों से लेबर के साथ खनन करते नजर आए। जब उनके द्वारा उनके पास जाकर आरोपियों का विरोध किया तो वह वहां से नाराज होकर चले गए। कर्मचारियों का कहना है कि तब तो वह वहां से चले गए और पर रात के 12 बजे बोलेरो में सवार होकर करीब छह-सात युवक बैराज पर आए और उन पर हमला कर दिया। इस दौरान हमलावरों ने बेलदार छतरपाल को पीटते हुए खींचकर पोषक नहर में फेंकने की कोशिश की। छतरपाल सिंह ने किसी तरह से अपनी जान बचाई। कर्मचारियों ने बताया कि जाते वक्त आरोपी उन्हें धमकी देकर गए है कि यदि उनके द्वारा फिर से खनन कार्य में बाधा डालने का प्रयास किया गया तो उन्हें रहने नहीं देंगे। घटना से कर्मचारियों में दहशत है। कर्मचारियों का कहना है कि उनके द्वारा हमलावरों के जाने के बाद विभाग के जेई सुरेंद्र सिंह, एसडीओ को अवगत करा दिया गया था, पर किसी ने अभी तक उनकी सुध नहीं ली।
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आदेश मिलने पर होगी अगली कार्रवाई : जेई, एसडीओ रामगंगा बैराज हरेवली
जेई सुरेंद्र कुमार और एसडीओ सतीश कुमार का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में लाया गया है। उनके द्वारा डीएर्म अ विभाग के एक्सईएन दिनेश प्रताप सिंह को अवगत करा दिया है। अधिकारियों का आदेश मिलने के बाद अगली कार्रवाई की जाएगी।
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अधीनस्थों की रिपोर्ट आने पर होगा निर्णय: एक्सईएन
एक्सईएन दिनेश प्रताप सिंह का कहना है कि घटना उनके संज्ञान में लाई गई है। पर जेई ,एसडीओ की रिपोर्ट उन्हें प्राप्त नहीं हुई है। जब तक रिपोर्ट नहीं आती। तब तक इस मामले में उनके स्तर से कुछ कहना बेमानी है। अधीनस्थों की रिपोर्ट मिलने के बाद ही निर्णय लिया जाएगा कि उनके स्तर से क्या कार्रवाई की जानी है।
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हमने तो अब शिकायत करनी बंद कर दी: ग्रामीण
क्षेत्र के लोगों का आरोप है कि सरकार की रोक के बाद भी नदी में रात में जमकर खनन हो रहा है। राजस्व विभाग और पुलिस विभाग को इसकी पूरी जानकारी है। जब शिकायत करने के बाद प्रशासनिक अधिकारी आरोपियों पर कार्रवाई करने के स्थान पर मामले को निपटा लेते है तो ऐसे में अब उनके स्तर से शिकायत करने से कभी क्या फायदा। ऐसा करने पर आरोपियों से उनकी रंजिश और हो जाती है। उल्टे पुलिस उनके ऊपर ही कार्रवाई करती है।
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घटना पूरी तरह से संदिग्ध: एसओ
एसओ शिशुपाल शर्मा ने कर्मचारियों के लगे आरोपों को गलत बताया है। चौकी पर तैनात सिपाहियों को बैराज पर भेजकर मामले की जांच कराई गई है। पता लगा है कि बैराज पर तैनात कर्मचारियों में आपस में किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ है। घटना पूरी तरह से संदिग्ध प्रतीत हो रही है।
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सिंचाई विभाग के चौकीदार सीताराम, बेलदार छतरपाल सिंह व नफीस ने बताया कि विभाग की ओर से उनकी तैनाती हरेवली रामगंगा बैराज पर है। जब वह बृहस्पतिवार रात बैराज पर ड्यूटी कर रहे थे तो उन्हें करीब 10 बजे रामगंगा नदी में दो व्यक्ति रात में ट्रैक्टर ट्रालियों से लेबर के साथ खनन करते नजर आए। जब उनके द्वारा उनके पास जाकर आरोपियों का विरोध किया तो वह वहां से नाराज होकर चले गए। कर्मचारियों का कहना है कि तब तो वह वहां से चले गए और पर रात के 12 बजे बोलेरो में सवार होकर करीब छह-सात युवक बैराज पर आए और उन पर हमला कर दिया। इस दौरान हमलावरों ने बेलदार छतरपाल को पीटते हुए खींचकर पोषक नहर में फेंकने की कोशिश की। छतरपाल सिंह ने किसी तरह से अपनी जान बचाई। कर्मचारियों ने बताया कि जाते वक्त आरोपी उन्हें धमकी देकर गए है कि यदि उनके द्वारा फिर से खनन कार्य में बाधा डालने का प्रयास किया गया तो उन्हें रहने नहीं देंगे। घटना से कर्मचारियों में दहशत है। कर्मचारियों का कहना है कि उनके द्वारा हमलावरों के जाने के बाद विभाग के जेई सुरेंद्र सिंह, एसडीओ को अवगत करा दिया गया था, पर किसी ने अभी तक उनकी सुध नहीं ली।
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आदेश मिलने पर होगी अगली कार्रवाई : जेई, एसडीओ रामगंगा बैराज हरेवली
जेई सुरेंद्र कुमार और एसडीओ सतीश कुमार का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में लाया गया है। उनके द्वारा डीएर्म अ विभाग के एक्सईएन दिनेश प्रताप सिंह को अवगत करा दिया है। अधिकारियों का आदेश मिलने के बाद अगली कार्रवाई की जाएगी।
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अधीनस्थों की रिपोर्ट आने पर होगा निर्णय: एक्सईएन
एक्सईएन दिनेश प्रताप सिंह का कहना है कि घटना उनके संज्ञान में लाई गई है। पर जेई ,एसडीओ की रिपोर्ट उन्हें प्राप्त नहीं हुई है। जब तक रिपोर्ट नहीं आती। तब तक इस मामले में उनके स्तर से कुछ कहना बेमानी है। अधीनस्थों की रिपोर्ट मिलने के बाद ही निर्णय लिया जाएगा कि उनके स्तर से क्या कार्रवाई की जानी है।
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हमने तो अब शिकायत करनी बंद कर दी: ग्रामीण
क्षेत्र के लोगों का आरोप है कि सरकार की रोक के बाद भी नदी में रात में जमकर खनन हो रहा है। राजस्व विभाग और पुलिस विभाग को इसकी पूरी जानकारी है। जब शिकायत करने के बाद प्रशासनिक अधिकारी आरोपियों पर कार्रवाई करने के स्थान पर मामले को निपटा लेते है तो ऐसे में अब उनके स्तर से शिकायत करने से कभी क्या फायदा। ऐसा करने पर आरोपियों से उनकी रंजिश और हो जाती है। उल्टे पुलिस उनके ऊपर ही कार्रवाई करती है।
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घटना पूरी तरह से संदिग्ध: एसओ
एसओ शिशुपाल शर्मा ने कर्मचारियों के लगे आरोपों को गलत बताया है। चौकी पर तैनात सिपाहियों को बैराज पर भेजकर मामले की जांच कराई गई है। पता लगा है कि बैराज पर तैनात कर्मचारियों में आपस में किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ है। घटना पूरी तरह से संदिग्ध प्रतीत हो रही है।