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किसान क्रेडिट कार्ड बनाने के लिए चलेगा अभियान
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बिजनौर में पत्रकारों से वार्ता करते डीएम।
- फोटो : BIJNOR
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किसान क्रेडिट कार्ड बनाने के लिए चलेगा अभियान
बिजनौर। जिले के सभी किसानों के किसान क्रेडिट कार्ड बनेंगे। किसान पशुपालन तथा मत्स्य पालन के लिए भी केसीसी बनवा सकता है।
जिलाधिकारी रमाकांत पांडेय ने पत्रकारों को बताया कि शासन की मंशा किसानों की आमदनी बढ़ाकर दोगुनी करना है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना के अनुसार जिले में तीन लाख 95 हजार किसान पंजीकृत है। इनमें तीन लाख 24 हजार किसानों के पास केसीसी हैं। किसान केसीसी से पैसा लेकर उसका उपयोग खेती के यंत्र आदि खरीदने में करता है। शासन की मंशा है कि सभी किसानों के पास केसीसी हो। अभी भी काफी किसानों के केसीसी नहीं है। इसलिए केंद्र तथा राज्य ने संयुक्त रूप से किसानों का केसीसी बनाने का अभियान शुरू किया है। अभियान 23 फरवरी तक चलेगा। कृषि विभाग प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि में पंजीकृत किसानों की सूची बैंकों को भेजेगा। बैंक केसीसी नहीं बनवाने वाले किसानों को चिह्नित करके केसीसी बनवाएगा। किसानों को सुरक्षा बीमा योजना तथा जीवन ज्योति बीमा योजना के बारे में बताया जाएगा। डीएम ने बताया कि इस अभियान में उन किसानों को भी चिह्नित किया जाएगा जो पात्र नहीं होने पर भी प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना का लाभ उठा रहे हैं। अपात्र किसानों के नाम सूची से अलग किए जाएंगे। योजना में किसान को छह हजार रुपये सालाना तीन किश्तों में मिलते हैं। साथ ही प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में जिन किसानों के नाम, बैक एकाउंट गलत हैं या वह आधार कार्ड से लिंक हैं उन्हें भी ठीक कराया जाएगा। सीडीओ केपी सिंह, उपनिदेशक कृषि जेपी चौधरी, सीवीओ भूपेंद्र सिंह, नाबार्ड के एरिया मैनेजर विरेश आर नायक, जिला लीड बैंक प्रबंधक आदि मौजूद रहे।
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बिजनौर। जिले के सभी किसानों के किसान क्रेडिट कार्ड बनेंगे। किसान पशुपालन तथा मत्स्य पालन के लिए भी केसीसी बनवा सकता है।
जिलाधिकारी रमाकांत पांडेय ने पत्रकारों को बताया कि शासन की मंशा किसानों की आमदनी बढ़ाकर दोगुनी करना है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना के अनुसार जिले में तीन लाख 95 हजार किसान पंजीकृत है। इनमें तीन लाख 24 हजार किसानों के पास केसीसी हैं। किसान केसीसी से पैसा लेकर उसका उपयोग खेती के यंत्र आदि खरीदने में करता है। शासन की मंशा है कि सभी किसानों के पास केसीसी हो। अभी भी काफी किसानों के केसीसी नहीं है। इसलिए केंद्र तथा राज्य ने संयुक्त रूप से किसानों का केसीसी बनाने का अभियान शुरू किया है। अभियान 23 फरवरी तक चलेगा। कृषि विभाग प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि में पंजीकृत किसानों की सूची बैंकों को भेजेगा। बैंक केसीसी नहीं बनवाने वाले किसानों को चिह्नित करके केसीसी बनवाएगा। किसानों को सुरक्षा बीमा योजना तथा जीवन ज्योति बीमा योजना के बारे में बताया जाएगा। डीएम ने बताया कि इस अभियान में उन किसानों को भी चिह्नित किया जाएगा जो पात्र नहीं होने पर भी प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना का लाभ उठा रहे हैं। अपात्र किसानों के नाम सूची से अलग किए जाएंगे। योजना में किसान को छह हजार रुपये सालाना तीन किश्तों में मिलते हैं। साथ ही प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में जिन किसानों के नाम, बैक एकाउंट गलत हैं या वह आधार कार्ड से लिंक हैं उन्हें भी ठीक कराया जाएगा। सीडीओ केपी सिंह, उपनिदेशक कृषि जेपी चौधरी, सीवीओ भूपेंद्र सिंह, नाबार्ड के एरिया मैनेजर विरेश आर नायक, जिला लीड बैंक प्रबंधक आदि मौजूद रहे।