Bijnor: गुलदार के हमले से श्रमिक गंभीर रूप से घायल, हायर सेंटर रेफर, ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी
बिजनौर जनपद के जनपद संतकबीर नगर के गांव चिरकोलिया निवासी कृष्णा(25) में क्षेत्र के गांव चकशहजानी में रहकर लोगों के घरों पर टाइल्स लगाने का काम करता है।
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बिजनौर के धामपुर क्षेत्र में गुलदार ने बुधवार को जंगल में युवक को हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। गंभीर हालत में सीएचसी में प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर रैफर किया गया। घायल युवक की स्थिति चिंताजनक बनी है। घटना से गांव के लोगों में दहशत है। वन विभाग के अधिकारियों पर सूचना के बाद भी दूसरे दिन गुरुवार को गुलदा को पकड़ने का प्रयास न करने पर ग्रामीणों में असंतोष पनप रहा है।
बताया कि गांव तीबड़ी में जिला सतंकबीर के ग्राम चिरकोलिया निवासी कृष्णा निषाद(25) पुत्र छोटेलाल पिछले डेढ़ साल से क्षेत्र के ग्राम चकसहजानी में मजदूरी करता है। वह टाइल्स लगाने का मिस्त्री है। बताया कि 13मार्च को कृष्णा जब दुपहर बाद टाइल्स आदि का काम करने के लिएभटपुरा जा रहा था। तो इस दौरान क्षेत्र के गांव तीबड़ी के पास जंगल में कृष्णा पर गुलदार ने हमला कर दिया।
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कृष्णा के चेहरे व सिर पर गंभीर चोट आई है। सूचना पर एंबुलेंस द्वारा कृष्णा को उपचार हेतु सीएचसी धामपुर में दाखिल कराया गया। जहां पर प्राथमिक उपचार के बाद कृष्णा को जिला अस्पताल बिजनौर उपचार हेतु भेज दिया गया। बताया कि कृष्णा लगभग डेढ वर्ष से क्षेत्र के ग्राम चक सहजानी में रहता था। टाईल्स आदि लगाने का कार्य करता था। कृष्णा के परिजनों को अवगत करा दिया गया है।
ग्रामीणों में असंतोष, आंदोलन की चेतावनी
ग्रामीणों का आरोप है कि उनके स्तर से घटना के बारे में वन विभाग को अवगत कराया। पकड़ने की मांग की गई। पर दो दिन के बाद भी वन विभाग की ओर से कोई प्रयास नहीं किया गया। ग्रामीणों में असंतोष है। चेतावनी दी कि जल्द ही गुलदार को पकड़कर वनों में नहीं छोड़ा गया तो ग्रामीण वन विभाग के अधिकारियों के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे।
घटना से एक दिन पहले दरोगा को हुआ था गुलदार से सामना
घटना से एक दिन पहले गुलदार ने रात्रि के दौरान पृथ्वीराज पुलिस चौकी के प्रभारी दरोगा गंगाधर का गुलदार से जंगल में सामना हो गया। जैसे ही गुलदार ने उन पर हमला कर चोट करने का प्रयास किया तो वह डरे नहीं। बल्कि गुलदार के सामने डटे रहकर उसके उपर पिस्तौल तान ली। पिस्तौल को देख गुलदार छलांग लगा गन्ने के खेत में छिप गया। तब उन्होंने बाइक से दौड़ लगाकर जान बचाई।