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योग और प्राकृतिक चिकित्सा से दी मधुमेह को मात

Tue, 12 Nov 2019 11:15 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 12 Nov 2019 11:15 PM IST
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Beat diabetes by yoga and natural medicine
योग और प्राकृतिक चिकित्सा से दी मधुमेह को मात
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बिजनौर। दैनिक योग और प्राकृतिक चिकित्सा से मधुमेह जैसी भयानक बीमारी को मात दी जा सकती है। साथ ही अन्य कई प्रकार की बीमारियों से योग साधना से छुटकारा पाया जा सकता है। योग से शरीर में चुस्ती फुर्ती रहती है और पूर्ण रूप से स्वास्थ्य लाभ मिलता है। प्रतिदिन योग कर कई साधकों ने मधुमेह को अलविदा कह दिया है। योगाचार्यों और साधकों ने इस बात का दावा किया है।
आरामदायक जीवन शैली मधुमेह बांट रही है। लोगों में योग साधना का काफी अभाव है। योग से शरीर सक्रिय रहता है। बिना योग के शरीर निष्क्रिय हो जाता है। यानी प्राण वायु अवरोध के साथ शरीर में प्रवेश करती है। इससे शरीर में इंसुलिन बनना बंद हो जाता है और लोग शुगर की चपेट में आ जाते हैं। योग गुरु चंद्रदेव बताते हैं कि वे 60 वर्ष की आयु में भी ब्लड प्रेशर और शुगर आदि की समस्या से दूर हैं। उन्होंने बताया कि रोजाना कपाल भांति, मंडूकासन, पवन मुक्तासन आदि मधुमेह से लड़ने में रामबाण साबित हो रहे हैं। मधुमेह से पार पाने के लिए पैदल चलना बेहद जरूरी है। साथ ही हर रोज योगासन तो मानो शरीर में स्फूर्ति ही ला देता है। जबकि इंटरनेशनल नैचुरोपैथी ऑर्गेनाइजेशन संगठन के जिलाध्यक्ष योग गुरु नरेंद्र सिंह दावा करते हैं कि वे प्रतिदिन कलक्ट्रेट के पीछे स्थित देवलोक कॉलोनी के शिव मंदिर नि:शुल्क दैनिक योग शिविर का आयोजन करते हैं। वहां पर आने वाले कई साधकों को थायराइड, डाइबिटिज आदि की समस्या से निजात मिल चुकी है।
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तीन साल में जड़ से खत्म हुआ मधुमेह
किरतपुर निवासी सोमदत्त शर्मा के अनुसार करीब आठ साल पहले उन्हें मधुमेह की समस्या हो गई थी। उनकी शुगर अनियंत्रित होकर 350 को भी पार कर जाती थी। इस कारण वे और उनके परिजन बेहद ही चिंताग्रस्त रहते थे। अमर उजाला में योग गुरु डा. नरेंद्र सिंह के योग शिविर के बारे में पढ़ा तो उन्होंने डा. नरेंद्र से संपर्क किया। वे लगातार योग करते रहे और तीन साल बाद पूरी तरह से मधुमेह से छुटकारा पा लिया। वर्तमान में उनकी ब्लड शुगर लेबल सामान्य है। उन्होंने अपनी बीमारी ठीक कर आर्य समाज मंदिर किरतपुर में योग कराना शुरू कर दिया। पिछले पांच साल से प्राकृतिक चिकित्सा से योग कर शुगर ठीक हैं। साथ ही प्राकृतिक चिकित्सा की भी शुरुआत की। सोमदत्त ने बताया कि वे सप्ताह में एक उपवास भी करते हैं। क्योंकि योग और प्राकृतिक चिकित्सा के साथ इसमें उपवास भी विशेष महत्व रखता है। मिट्टी चिकित्सा भी इसमें अच्छा काम करती है और एक्यूप्रेशर का भी इस्तेमाल किया जाता है। सब्जियों और जूस के द्वारा शुगर को कंट्रोल किया जाता है।
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प्रतिदिन योग से छोड़ीं अंग्रेजी दवाइयां
बिजनौर के मोहल्ला साकेत कॉलोनी निवासी नगर पालिका बिजनौर में लिपिक पद से सेवानिवृत्त हुए जसवीर सिंह ने बताया कि वर्तमान में उनकी उम्र करीब 68 साल है। करीब पांच साल से उन्हें डाइबिटिज की समस्या थी। दो तीन साल तक अंग्रेजी दवाओं के सहारे उन्होंने काम चलाया, लेकिन दवा का असर रहने तक ही शरीर ठीक रहता था। इसके बाद फिर से वही स्थिति होने लगती थी। अब वे रोजाना डॉक्टर नरेंद सिंह के सानिध्य में रहकर योगाभ्यास करते हैं और प्राकृतिक चिकित्सा का लाभ उठाकर पूरी तरह से मधुमेह को खत्म कर चुके हैं। फिलहाल उनकी शुगर 110 और 140 है। जबकि इससे पहले उनकी शुगर लेबल 300 से 400 तक पहुंच जाती है। लेकिन अब इस उम्र में भी वे पूरी तरह से स्वस्थ हैं।
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