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बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों की पलटेगी काया
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बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों की पलटेगी काया
बिजनौर। जिले के परिषदीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों की अब जल्द ही काया पलटेगी। जिला प्रशासन ने इसकी कार्य योजना तैयार कर ली है। स्कूलों में चाहरदीवारी से लेकर ब्लैक बोर्ड व इंटरलॉकिंग का कार्य तक कराया जाएगा। बच्चों की बैठक व्यवस्था के लिए फर्नीचर भी उपलब्ध कराया जाएगा। स्कूलों में 30 मार्च तक कार्य पूरे कराने होंगे। शिक्षा विभाग के अफसर स्कूलों के जीर्णोद्धार व कायाकल्प के कार्यों को प्रत्येक महीने में दो दो बार समीक्षा करेंगे तथा अपनी रिपोर्ट डीएम को सौंपेंगे।
जिले में करीब 2500 प्राइमरी व उच्च प्राइमरी स्कूल हैं। इनकी कायाकल्प करने को लेकर कार्य कराया जाएगा। डीएम ने स्कूलों में सुंदरीकरण, जीर्णोद्धार के कार्य 14 वें वित्त, राज्य वित्त, ग्राम निधि व अन्य मदों से कराने को निर्देश दिए हैं। स्कूलों में जो कार्य कराए जाएंगे उनमें स्कूलों की चाहरदीवारी, बालक व बालिकाओं के लिए अलग-अलग शौचालय जो छात्रों की संख्या के अनुरूप में बनाए जाएंगे। स्कूलों की दीवारों, छत, दरवाजों, खिड़की, फर्श आदि की वृहद मरम्मत तथा संभव हो सके तो स्कूल के फर्श में टाइल्स लगवाने का काम किया जाएगा। विद्युतीकरण तथा किचन शेड का निर्माण, विद्यालय प्रांगण में इंटरलॉकिंग व टाइल्स लगाने का काम भी कराया जाएगा। उक्त कार्यों को पंचायत राज विभाग से कराने के निर्देश डीएम रमाकांत पांडेय ने दिए हैं। स्कूलों के कायाकल्प के कार्य 30 मार्च तक पूरा कराने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही एक महीने में स्कूलों में कितना कार्य हुआ इसकी समीक्षा शिक्षा विभाग के अफसर करेंगे। डीएम ने खंड शिक्षा अधिकारियों, विकास खंड अधिकारियों व सहायक विकास अधिकारी पंचायत को भी निर्देश दिए हैं। डीएम के निर्देश के बाद अब बेसिक शिक्षा विभाग के अफसर भी हरकत में हैं। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने जिले के स्कूलों के शिक्षकों से स्कूलों में क्या क्या कार्य कराए जाने हैं इसकी सूचना मांगी। साथ ही कितने स्कूलों में शौचालय अच्छी हालत में है, कितने स्कूलों की मरम्मत की जानी ह,ै आदि कार्यों पर ब्लॉक स्तर पर सूचना तैयार कराई जा रही है। ब्लॉक स्तर पर स्कूलों के प्रधानाध्यापकों व ग्राम प्रधानों को एक-एक दिवसीय प्रशिक्षण भी दिया गया है।
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बिजनौर। जिले के परिषदीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों की अब जल्द ही काया पलटेगी। जिला प्रशासन ने इसकी कार्य योजना तैयार कर ली है। स्कूलों में चाहरदीवारी से लेकर ब्लैक बोर्ड व इंटरलॉकिंग का कार्य तक कराया जाएगा। बच्चों की बैठक व्यवस्था के लिए फर्नीचर भी उपलब्ध कराया जाएगा। स्कूलों में 30 मार्च तक कार्य पूरे कराने होंगे। शिक्षा विभाग के अफसर स्कूलों के जीर्णोद्धार व कायाकल्प के कार्यों को प्रत्येक महीने में दो दो बार समीक्षा करेंगे तथा अपनी रिपोर्ट डीएम को सौंपेंगे।
जिले में करीब 2500 प्राइमरी व उच्च प्राइमरी स्कूल हैं। इनकी कायाकल्प करने को लेकर कार्य कराया जाएगा। डीएम ने स्कूलों में सुंदरीकरण, जीर्णोद्धार के कार्य 14 वें वित्त, राज्य वित्त, ग्राम निधि व अन्य मदों से कराने को निर्देश दिए हैं। स्कूलों में जो कार्य कराए जाएंगे उनमें स्कूलों की चाहरदीवारी, बालक व बालिकाओं के लिए अलग-अलग शौचालय जो छात्रों की संख्या के अनुरूप में बनाए जाएंगे। स्कूलों की दीवारों, छत, दरवाजों, खिड़की, फर्श आदि की वृहद मरम्मत तथा संभव हो सके तो स्कूल के फर्श में टाइल्स लगवाने का काम किया जाएगा। विद्युतीकरण तथा किचन शेड का निर्माण, विद्यालय प्रांगण में इंटरलॉकिंग व टाइल्स लगाने का काम भी कराया जाएगा। उक्त कार्यों को पंचायत राज विभाग से कराने के निर्देश डीएम रमाकांत पांडेय ने दिए हैं। स्कूलों के कायाकल्प के कार्य 30 मार्च तक पूरा कराने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही एक महीने में स्कूलों में कितना कार्य हुआ इसकी समीक्षा शिक्षा विभाग के अफसर करेंगे। डीएम ने खंड शिक्षा अधिकारियों, विकास खंड अधिकारियों व सहायक विकास अधिकारी पंचायत को भी निर्देश दिए हैं। डीएम के निर्देश के बाद अब बेसिक शिक्षा विभाग के अफसर भी हरकत में हैं। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने जिले के स्कूलों के शिक्षकों से स्कूलों में क्या क्या कार्य कराए जाने हैं इसकी सूचना मांगी। साथ ही कितने स्कूलों में शौचालय अच्छी हालत में है, कितने स्कूलों की मरम्मत की जानी ह,ै आदि कार्यों पर ब्लॉक स्तर पर सूचना तैयार कराई जा रही है। ब्लॉक स्तर पर स्कूलों के प्रधानाध्यापकों व ग्राम प्रधानों को एक-एक दिवसीय प्रशिक्षण भी दिया गया है।
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