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Bijnor News: बिजनौर - वन्यजीवों के गलियारा निर्माण को डिजाइन का इंतजार

Fri, 31 Mar 2023 12:13 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर Updated Fri, 31 Mar 2023 12:13 AM IST
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Awaiting design for construction of wildlife corridor in Bijnor
- हस्तिनापुर वन्यजीव अभयारण्य क्षेत्र में होना है दस गलियारों का निर्माण
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- वनजीवों की प्यास बुझाने के लिए पांच वॉटर हॉल का निर्णाण भी परियोजना का हिस्सा
- भारतीय वन्य जीव संस्थान देहरादून को बनाकर देना है डिजाइन, लगातार हो रहा पत्राचार
फोटो समाचार

अचल चौधरी
बिजनौर। बिजनौर बैराज से निकलकर अमरोहा-संभल की तरफ जाने वाली मध्य गंगा नहर पर वन्यजीवों के लिए गलियारों का निर्माण होगा, लेकिन अभी तक इनके डिजाइन और जगह तय नहीं हो सकी है। जिसके लिए भारतीय वन्य जीव संस्थान देहरादून से लगातार अनुरोध किया जा रहा है। इस परियोजना में वन्यजीवों की प्यास बुझाने के लिए पांच वाटर हॉल का निर्माण भी शामिल है।
इस परियोजना की मुख्य नहर हस्तिनापुर वन्य जीव अभयारण्य से होकर गुजर रही है। इसी वजह से इसके प्रोजेक्ट में वन्य जीव गलियारों के निर्माण को आठ से दस करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया था। पहला वन्यजीव गलियारा जीरो से पैंतालीस किलोमीटर के बीच बनाया जाना था। कुल दस जगहों पर गलियारे बनेंगे। इनकी खासियत यह होगी कि वन्यजीवों के लिहाज नहर पार करने के लिए ऐसी संरचना बनेगी, जिससे नहर पार करते हुए जंगल का ही अहसास हो। यानि मिट्टी डालकर पेड़ पौधे भी लगाए जाएंगे। शुरुआत में अंडरपास बनाए जाने की चर्चा थी, लेकिन नहर अधिक गहरी होने की वजह से नहर के ऊपर से ही पुल जैसी संरचना तैयार कर वन्य जीव गलियारों का रूप दिया जाएगा। (संवाद)
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संस्थान बताएगा कहां-कहां विचरण करते हैं वन्य जीव
पिछले एक साल से भारतीय वन्य जीव संस्थान देहरादून से सिंचाई विभाग और वन विभाग लगातार पत्राचार कर रहा है। पत्राचार में वन्यजीव गलियारों की जगह और डिजाइन बनाने का अनुरोध किया जा रहा है। अब परियोजना पूरा होने का अंतिम दौर चल रहा है, ऐसे में वन्यजीव गलियारों का निर्माण समय से कराने की जल्दबाजी है।
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नहर से जुड़ेंगे वाटर हाॅल
वन इलाकों या अभयारण्य में पांच वाटर हॉल भी बनाए जाने प्रस्तावित हैं। जिन्हें नहर के पानी से भरा जाया करेगा। इससे वन्यजीवों की प्यास बुझ सकेगी और उन्हें पानी पीने के लिए नहर के अंदर आने की जरूरत नहीं होगी।


परियोजना पर एक नजर...
- 66 किमी है मुख्य मध्य गंगा नहर की लंबाई
- 60 किमी है चंदौसी शाखा नहर की लंबाई
- 50.8 किमी है बहजोई शाखा नहर की लंबाई
- 1065 किमी है नहर की वितरण प्रणाली
- परियोजनों में करीब 1500 पुल और पुलियों का निर्माण भी शामिल


साल 2007-08 में शुरु हुआ था नहर का निर्माण
बिजनौर बैराज से पानी लेकर मध्य गंगा नहर फेज टू परियोजन अमरोहा, संभल, बहजोई और मुरादाबाद को सिंचाई के लिए पानी मुहैया कराएगी। इस परियोजना को साल 2007-08 में शुरू किया गया था। बता दें कि इस परियोजना की मुख्य नहर को पूरा कर लिया गया है। शाखा नहर पर भी अधिकांश पूरा हो चुका है। पिछले साल सितंबर के महीने में मुख्य नहर में पानी छोड़ते हुए ट्रायल भी कर लिया गया था। अब परियोजना को अंतिम रूप देने की कवायद चल रही है।


वर्जन:::
जंगल में मध्य गंगा नहर को पार करने के लिए वन्यजीवों की आवाजाही को दस जगहों पर वन्य जीव गलियारों का निर्माण होना है। पांच जगहों पर वाटर हॉल बनाए जाएंगे। हालांकि अभी डिजाइन तैयार नहीं हुए हैं। इसके लिए पिछले एक साल से भारतीय वन्य जीव संस्थान देहरादून के साथ पत्राचार किया जा रहा है। वन विभाग की भी कई बार पत्राचार किया चुका है - पीपी गौतम, अधिशासी अभियंता, मध्य गंगा नहर खंड पांच
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