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एक्सक्लूसिव: इस साल भी जर्जर भवनों में ही पढ़ेंगे विद्यार्थी, ऐसा है बिजनौर जिले का हाल
Fri, 15 Jan 2021 04:12 PM IST
कपिल kapil
अशोक मधुप, अमर उजाला, बिजनौर
अशोक मधुप, अमर उजाला, बिजनौर
Published by: कपिल kapil
Updated Fri, 15 Jan 2021 04:12 PM IST
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बिजनौर की हेमराज कॉलोनी के प्राथमिक विद्यालय के भवन में आई दरार। संवाद
- फोटो : अमर उजाला
इस साल भी बिजनौर जिले के परिषदीय स्कूलों के जर्जर भवनों की सूरत नहीं बदलेगी। शिक्षकों व बच्चों को आगामी शिक्षा सत्र में भी जर्जर भवनों में ही बैठ कर शिक्षण कार्य करना होगा। शासन ने सूबे में 975 जर्जर भवनों के नव निर्माण के लिए सूची जारी कर दी है। जारी सूची में जिले में कोई नया भवन बनाने की स्वीकृति नहीं मिली है। जबकि मुरादाबाद मंडल में 1249 प्राइमरी व उच्च प्राइमरी स्कूलों के भवन जर्जर हैं। इनमें बिजनौर जिले के 414 जर्जर भवन भी शामिल हैं। रामपुर जिले के लिए 45 नवीन भवन बनाने की शासन से हरी झंडी मिली है।
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मंडल में रामपुर के अलावा किसी भी जनपद में जर्जर भवन बनाने की स्वीकृति नहीं मिली है। परिषदीय प्राइमरी व उच्च प्राइमरी स्कूलों के जर्जर भवनों की सूरत सत्र 2021-22 में भी बदलने वाली नहीं है। शासन ने जर्जर भवनों के नव निर्माण के लिए सूची जारी कर दी है। शासन द्वारा जारी इस सूची में सूबे के 975 जर्जर भवनों वाले स्कूलों का नव निर्माण कराने को धनराशि स्वीकृत कर दी गई है। जिले में 414 प्राइमरी व उच्च प्राइमरी स्कूल जर्जर हालत में हैं। जर्जर भवनों वाले स्कूलों की सूची शासन को भेजी गई थी। लेकिन शासन से स्वीकृत हुए स्कूलों में जिले की झोली खाली रही है। इस प्रकार से आगामी शिक्षा सत्र में भी जिले के शिक्षकों को जर्जर भवनों में ही बैठ कर बच्चों को शिक्षण कार्य कराना होगा।
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उधर, बीएसए महेश चंद्र के मुताबिक, जर्जर भवनों के नव निर्माण के लिए शासन को सूची भेजी गई है। धनराशि प्राप्त होते ही भवनों का निर्माण कार्य कराया जाएगा। दूसरी ओर, अमरोहा जनपद में 338, मुरादाबाद में 240, संभल में 13, रामपुर जनपद में 122 परिषदीय स्कूलों के भवन जर्जर हालत में हैं। शासन से स्वीकृत हुए स्कूलों में जनपद रामपुर में 45 स्कूल नव निर्माण के लिए स्वीकृत हुए हैं। शासन से प्राप्त पत्र के अनुसार मुरादाबाद मंडल में रामपुर के अलावा किसी भी जनपद में कोई नया भवन बनने की स्वीकृति नहीं हुई है। जिले के शिक्षकों ने भी बीएसए से कई बार जर्जर भवनों का नव निर्माण कराने की मांग की है।
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पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष सुधीर कुमार ने बताया कि जर्जर भवनों में बैठ कर शिक्षण कार्य कराना बड़ा कठिन होता है। जर्जर भवनों का निर्माण जल्द कराया जाना चाहिए। स्कूलों के जर्जर भवन बडे़ हादसे की वजह बन सकते हैं।
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