{"_id":"5ae9fe2e4f1c1b9d098b7bcc","slug":"71525284398-bijnor-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"शब ए बराअत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शब ए बराअत
Updated Wed, 02 May 2018 11:36 PM IST
विज्ञापन
अकीदत के साथ मनाई गई शब-ए बरात
गजरौला शिव।
शब-ए बरात शांति व अकीदत के साथ मनाई गई। अकीदतमंदों ने मस्जिदों में जाकर इबादत करते हुए गुनाहों से तौबा की। बुधवार को रोजा रखा गया।
मंगलवार की रात शब-ए बरात पर मस्जिदों में रोशनी के खास इंतजाम किए गए। मस्जिदों में पुरुषों ने व घरों में महिलाओं ने घरों में जागकर इबादत की। लोगों ने कब्रिस्तानों में पहुंचकर अपने मरहूमों को खिराजे अकीदत पेश की और उनकी मगफिरत के लिए दुआ की। जामा मस्जिद गजरौला शिव में मौलाना आफताब ने नमाजियों को खिताब करते हुए कहा कि शब ए बरात वो रात है, जिस रात में बंदे अधिक से अधिक इबादत कर अपने गुनाहों को माफ करा सकता है। गांव जंदरपुर, मंडावली, अमीपुर सुधा की मस्जिदों में भी मौलाना ने नमाजियों को खिताब कर शब-ए बरात की फजीलत बयां की।
विज्ञापन
गजरौला शिव।
शब-ए बरात शांति व अकीदत के साथ मनाई गई। अकीदतमंदों ने मस्जिदों में जाकर इबादत करते हुए गुनाहों से तौबा की। बुधवार को रोजा रखा गया।
मंगलवार की रात शब-ए बरात पर मस्जिदों में रोशनी के खास इंतजाम किए गए। मस्जिदों में पुरुषों ने व घरों में महिलाओं ने घरों में जागकर इबादत की। लोगों ने कब्रिस्तानों में पहुंचकर अपने मरहूमों को खिराजे अकीदत पेश की और उनकी मगफिरत के लिए दुआ की। जामा मस्जिद गजरौला शिव में मौलाना आफताब ने नमाजियों को खिताब करते हुए कहा कि शब ए बरात वो रात है, जिस रात में बंदे अधिक से अधिक इबादत कर अपने गुनाहों को माफ करा सकता है। गांव जंदरपुर, मंडावली, अमीपुर सुधा की मस्जिदों में भी मौलाना ने नमाजियों को खिताब कर शब-ए बरात की फजीलत बयां की।