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राज्य ललित कला अकादमी की ओर से कार्यशाला आयोजित
Updated Wed, 16 May 2018 11:44 PM IST
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कलाकार कराता है प्रकृति के विभिन्न रूपों के दर्शन
नजीबाबाद। राज्य ललित कला अकादमी उत्तर प्रदेश की ओर से तूलिका आर्ट स्कूल नजीबाबाद में स्ववित्तपोषित चित्रकला कार्यशाला का आयोजन किया।
सेवानिवृत्त कला शिक्षक एवं साहित्यकार इंद्रदेव भारती ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यशाला का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि सृष्टि और इसमें उपजे जीवों के विभिन्न रूप हैं। एक सशक्त कलाकार ही रंगों के जरिये प्रकृति के विभिन्न रूपों के दर्शन करा सकता है। कला के क्षेत्र में भविष्य निर्माण की अपार संभावनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कला क्षेत्र से जुड़े युवा वर्ग को इसकी बारीकियां समझने और नियमित अभ्यास की सलाह दी।
कार्यशाला संयोजक डॉ. संजय साहनी और प्रशिक्षिका डॉ. मृदुला त्यागी ने बताया कि कार्यशाला में जल रंग, तेल रंग, चारकोल, कोलाज, एक्रेलिक, पेस्टल मिक्स मीडिया के माध्यम से कला विधि समझाई जाएगी। उन्होंने बताया कि कार्यशाला के समापन पर प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे। उन्होंने कार्यशाला आयोजन का उद्देश्य छात्राओं में रचनात्मकता बढ़ाना बताया। कार्यशाला में कंचन, डोली, अंकिता, साहेमीन, नूतन, ज्योति, उर्वशी, प्रिया, भावना, गुलिस्ता सहित कई छात्राएं शामिल हुईं।
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नजीबाबाद। राज्य ललित कला अकादमी उत्तर प्रदेश की ओर से तूलिका आर्ट स्कूल नजीबाबाद में स्ववित्तपोषित चित्रकला कार्यशाला का आयोजन किया।
सेवानिवृत्त कला शिक्षक एवं साहित्यकार इंद्रदेव भारती ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यशाला का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि सृष्टि और इसमें उपजे जीवों के विभिन्न रूप हैं। एक सशक्त कलाकार ही रंगों के जरिये प्रकृति के विभिन्न रूपों के दर्शन करा सकता है। कला के क्षेत्र में भविष्य निर्माण की अपार संभावनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कला क्षेत्र से जुड़े युवा वर्ग को इसकी बारीकियां समझने और नियमित अभ्यास की सलाह दी।
कार्यशाला संयोजक डॉ. संजय साहनी और प्रशिक्षिका डॉ. मृदुला त्यागी ने बताया कि कार्यशाला में जल रंग, तेल रंग, चारकोल, कोलाज, एक्रेलिक, पेस्टल मिक्स मीडिया के माध्यम से कला विधि समझाई जाएगी। उन्होंने बताया कि कार्यशाला के समापन पर प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे। उन्होंने कार्यशाला आयोजन का उद्देश्य छात्राओं में रचनात्मकता बढ़ाना बताया। कार्यशाला में कंचन, डोली, अंकिता, साहेमीन, नूतन, ज्योति, उर्वशी, प्रिया, भावना, गुलिस्ता सहित कई छात्राएं शामिल हुईं।
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