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बच्चों ने रुबेला के प्रति जागरूक किया
Updated Sat, 24 Nov 2018 11:24 PM IST
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बच्चों ने रुबेला के प्रति जागरूक किया
अफजलगढ़। विजयनगर कादराबाद के सनशाइन स्कूल के बच्चों ने खसरा व रुबेला के टीकाकरण को लेकर जागरूकता रैली निकाली।
रैली स्कूल से प्रारंभ होकर गांव के विभिन्न मार्गों से प्रचार प्रसार करती हुई स्कूल पर पहुंचकर संपन्न हुई। रैली में बच्चे सभी को टीकाकरण के प्रति जागरूक करते चल रहे थे। प्रधानाचार्य ने भी बच्चों को मिजिल्स और रुबेला के बारे में विस्तार से जानकारी दी। एएनएम विजय लक्ष्मी ने बताया कि यह एक जानलेवा बीमारी है, मिजिल्स और रुबेला की रोकथाम के लिए 26 से टीकाकरण शुरू हो रहा है। जिसमें नौ माह से 15 साल तक के बच्चों को एमआर वैक्सीन का टीका लगाए जाएंगे। एमआर संक्रमण से फैलने वाली एक खतरनाक बीमारी है। इसके दुष्प्रभाव से दिमागी संक्रमण, बहरापन, अपंगता आदि हो सकते हैं। रुबेला संक्रमण से गर्भवती महिला का गर्भपात हो सकता है। तेज बुखार, खांसी, आंखें लाल होना आदि इसके लक्षण हैं। ऐसा होने पर शीघ्र चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। इस अवसर पर प्रधानाचार्य अंजुला सिंह, रमणीक सिंह, राहुल सिंह, आंगनबाड़ी कलावती, कुसुमलता, सरोबाला, आशा, पुष्पा देवी, ज्योति देवी, कमलेश्वरी देवी रहीं।
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अफजलगढ़। विजयनगर कादराबाद के सनशाइन स्कूल के बच्चों ने खसरा व रुबेला के टीकाकरण को लेकर जागरूकता रैली निकाली।
रैली स्कूल से प्रारंभ होकर गांव के विभिन्न मार्गों से प्रचार प्रसार करती हुई स्कूल पर पहुंचकर संपन्न हुई। रैली में बच्चे सभी को टीकाकरण के प्रति जागरूक करते चल रहे थे। प्रधानाचार्य ने भी बच्चों को मिजिल्स और रुबेला के बारे में विस्तार से जानकारी दी। एएनएम विजय लक्ष्मी ने बताया कि यह एक जानलेवा बीमारी है, मिजिल्स और रुबेला की रोकथाम के लिए 26 से टीकाकरण शुरू हो रहा है। जिसमें नौ माह से 15 साल तक के बच्चों को एमआर वैक्सीन का टीका लगाए जाएंगे। एमआर संक्रमण से फैलने वाली एक खतरनाक बीमारी है। इसके दुष्प्रभाव से दिमागी संक्रमण, बहरापन, अपंगता आदि हो सकते हैं। रुबेला संक्रमण से गर्भवती महिला का गर्भपात हो सकता है। तेज बुखार, खांसी, आंखें लाल होना आदि इसके लक्षण हैं। ऐसा होने पर शीघ्र चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। इस अवसर पर प्रधानाचार्य अंजुला सिंह, रमणीक सिंह, राहुल सिंह, आंगनबाड़ी कलावती, कुसुमलता, सरोबाला, आशा, पुष्पा देवी, ज्योति देवी, कमलेश्वरी देवी रहीं।