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ई टेंडरिंग बनी आंखों के मरीजों के लिए जी का जंजाल
Updated Sat, 13 Jan 2018 11:57 PM IST
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बिजनौर । ई टेंडरिंग प्रक्रिया आंखों के मरीजों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। ई टेंडिरिंग प्रक्रिया शुरू नहीं होने से मरीजों की आंखों का ऑपरेशन भी नहीं हो पा रहा है। मरीजों को रोजाना अस्पताल में भटकना पड़ रहा है।
जिला संयुक्त चिकित्सालय में पिछले तीन माह से आंखों का ऑपरेशन नहीं हो पा रहा है, कारण अस्पताल में लैंस और ऑपरेशन में इस्तेमाल होने वाली दवाई नहीं होना है। सीएमओ डा. राकेश मित्तल के मुताबिक ई-टेंडर होने पर ही दवाई और लैंस उपलब्ध हो पाएंगे। इसके लिए शासन को बार-बार रिमाइंडर भेजा जा रहा था। मरीजों का आरोप है कि चिकित्सकों की ओर से ऑपरेशन के लिए उनको रोजाना अगली तारीख दे दी जाती है। बार-बार अस्पताल आने से उनका समय के साथ आर्थिक नुकसान होता है। नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. रजनीश शर्मा ने बताया कि सप्ताह में तीन दिन ऑपरेशन किए जाते है और तीन दिन ओपीडी की जाती है। उनके मुताबिक एक दिन में औसतन 15 मरीजों के ऑपरेशन किए जाते है। पिछले तीन माह में करीब 700 ऑपरेशन होते। लेकिन लैंस और दवाई नहीं होने से ऑपरेशन नही हो पाया। अगर ऐसी ही स्थिति बनी रही तो जिला अंधता निवारण योजना में भी पिछड़ जाएगा। सीएमओ डॉ. राकेश मित्तल ने बताया कि शासन से यूजर आईडी और पासवर्ड मिल गया है। जल्द की वेबसाइट पर टेंडर अपलोड किया जाएगा और जल्द की लेंस और दवाइयां मुहैया कराई जाएगी।
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जिला संयुक्त चिकित्सालय में पिछले तीन माह से आंखों का ऑपरेशन नहीं हो पा रहा है, कारण अस्पताल में लैंस और ऑपरेशन में इस्तेमाल होने वाली दवाई नहीं होना है। सीएमओ डा. राकेश मित्तल के मुताबिक ई-टेंडर होने पर ही दवाई और लैंस उपलब्ध हो पाएंगे। इसके लिए शासन को बार-बार रिमाइंडर भेजा जा रहा था। मरीजों का आरोप है कि चिकित्सकों की ओर से ऑपरेशन के लिए उनको रोजाना अगली तारीख दे दी जाती है। बार-बार अस्पताल आने से उनका समय के साथ आर्थिक नुकसान होता है। नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. रजनीश शर्मा ने बताया कि सप्ताह में तीन दिन ऑपरेशन किए जाते है और तीन दिन ओपीडी की जाती है। उनके मुताबिक एक दिन में औसतन 15 मरीजों के ऑपरेशन किए जाते है। पिछले तीन माह में करीब 700 ऑपरेशन होते। लेकिन लैंस और दवाई नहीं होने से ऑपरेशन नही हो पाया। अगर ऐसी ही स्थिति बनी रही तो जिला अंधता निवारण योजना में भी पिछड़ जाएगा। सीएमओ डॉ. राकेश मित्तल ने बताया कि शासन से यूजर आईडी और पासवर्ड मिल गया है। जल्द की वेबसाइट पर टेंडर अपलोड किया जाएगा और जल्द की लेंस और दवाइयां मुहैया कराई जाएगी।
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