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Bijnor News: बिजनौर तहसील में 400 रियल टाइम खतौनी बनकर तैयार
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- खतौनी में मालिक के नाम के लिए नहीं करना होगा छह साल का इंतजार
- पिछले छह महीने से चल रहा रियल टाइम खतौनी बनाने का काम
- 86 रियल टाइम खतौनी बनाने के लिए दिसंबर तक का समय
- 04 लाख से अधिक किसानों को जिले में मिलेगा रियल टाइम खतौनी का लाभ
अमन कुमार शर्मा
बिजनौर। अब खतौनी में मालिक के नाम के लिए अब छह साल इंतजार नहीं करने की जरूरत नहीं है। जमीन नामांतरण होते ही मालिक का नाम भी मुख्य कॉलम में शामिल हो जाएगा। बिजनौर तहसील में 400 रियल टाइम खतौनी बनकर तैयार हो गई हैं।
रियल टाइम खतौनी अभी फिलहाल लोगों के लिए सिरदर्द बनी हुई है। रियल टाइम खतौनी की वजह से लोगों के हिस्से में गड़बड़ी हो रही है। जल्द ही ही किसानों को इससे छुटकारा मिल जाएगा। जिले में चार लाख से अधिक किसानों को रियल टाइम खतौनी का फायदा मिलेगा। बिजनौर तहसील में 486 खतौनी हैं। इनमें से 400 खतौनी को रियल टाइम खतौनी में तब्दील कर दिया गया है। जबकि 86 खतौनी को बदलने में दिसंबर तक का समय है। पिछले छह महीने से जिले में रियल टाइम खतौनी का काम चल रहा है।
जमीन खरीदने पर नामांतरण के बाद खतौनी के दाएं काॅलम में आदेश दर्ज होता था। जबकि बायीं ओर स्थित मुख्य काॅलम में नाम चढ़वाने के लिए छह साल तक इंतजार करना पड़ता था। मगर, अब रियल टाइम खतौनी होने के बाद अब नामांतरण कराते ही मालिक का नाम सीधे मुख्य काॅलम में दर्ज होगा।
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खतौनी में होगा भूमि की प्रकृति और अंश का उल्लेख
नई व्यवस्था में खतौनी खेत के गाटा संख्या के अनुसार तैयार की जा रही है। वास्तविक समय आधारित खतौनी में भूमि की प्रकृति और अंश का भी स्पष्ट उल्लेख होगा। आबादी, सीलिंग पट्टेदार, संक्रमणीय, असंक्रमणीय, आसामी, नवीन परती, चकरोड है। यह भी दर्ज किया जा रहा है।
रियल टाइम खतौनी में हुई गड़बड़ी को ऐसे कराएं ठीक
रियल टाइम खतौनी में रकबा ज्यादा या कम होने की समस्या आ रही है। इसे ठीक कराने के लिए किसान तहसीलों के चक्कर लगा रहे हैं। अगर खतौनी में रकबा ठीक नहीं है तो अपने हिस्से की काॅपी लेखपाल को दें। जो अपनी रिपोर्ट लगाकर कानूनगो को देगा। उसके बाद रकबा ठीक हो जाएगा।
अब दिखेगी किसानों की ऑनलाइन खसरा रिपोर्ट
सरकार की ओर से अब रियल टाइम खतौनी के अलावा खसरा भी ऑनलाइन किया जा रहा है। तहसील में डाटा फीडिंग का काम शुरू हो गया है। लेखपाल मोबाइल एप से डाटा फीड कर रहे हैं। खसरा ऑनलाइन होने से किसानों को परेशानी का सामना करना नहीं पड़ेगा। किसानों को खतौनी की तरह ही खसरा दिखाई देगा। इतना ही नहीं किसान अपना खेत भी देख सकेगा।
बिजनौर तहसील में लगभग 400 रियल टाइम खतौनी बनकर तैयार हो गई हैं। शेष 86 खतौनी दिसंबर में तैयार कर दी जाएंगी। रियल टाइम खतौनी से किसानों को फायदा होगा। उन्हें नाम चढ़वाने के लिए छह साल का इंतजार नहीं करना होगा। - विजयवर्धन तोमर, एसडीएम सदर, बिजनौर
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- पिछले छह महीने से चल रहा रियल टाइम खतौनी बनाने का काम
- 86 रियल टाइम खतौनी बनाने के लिए दिसंबर तक का समय
- 04 लाख से अधिक किसानों को जिले में मिलेगा रियल टाइम खतौनी का लाभ
अमन कुमार शर्मा
बिजनौर। अब खतौनी में मालिक के नाम के लिए अब छह साल इंतजार नहीं करने की जरूरत नहीं है। जमीन नामांतरण होते ही मालिक का नाम भी मुख्य कॉलम में शामिल हो जाएगा। बिजनौर तहसील में 400 रियल टाइम खतौनी बनकर तैयार हो गई हैं।
रियल टाइम खतौनी अभी फिलहाल लोगों के लिए सिरदर्द बनी हुई है। रियल टाइम खतौनी की वजह से लोगों के हिस्से में गड़बड़ी हो रही है। जल्द ही ही किसानों को इससे छुटकारा मिल जाएगा। जिले में चार लाख से अधिक किसानों को रियल टाइम खतौनी का फायदा मिलेगा। बिजनौर तहसील में 486 खतौनी हैं। इनमें से 400 खतौनी को रियल टाइम खतौनी में तब्दील कर दिया गया है। जबकि 86 खतौनी को बदलने में दिसंबर तक का समय है। पिछले छह महीने से जिले में रियल टाइम खतौनी का काम चल रहा है।
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जमीन खरीदने पर नामांतरण के बाद खतौनी के दाएं काॅलम में आदेश दर्ज होता था। जबकि बायीं ओर स्थित मुख्य काॅलम में नाम चढ़वाने के लिए छह साल तक इंतजार करना पड़ता था। मगर, अब रियल टाइम खतौनी होने के बाद अब नामांतरण कराते ही मालिक का नाम सीधे मुख्य काॅलम में दर्ज होगा।
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खतौनी में होगा भूमि की प्रकृति और अंश का उल्लेख
नई व्यवस्था में खतौनी खेत के गाटा संख्या के अनुसार तैयार की जा रही है। वास्तविक समय आधारित खतौनी में भूमि की प्रकृति और अंश का भी स्पष्ट उल्लेख होगा। आबादी, सीलिंग पट्टेदार, संक्रमणीय, असंक्रमणीय, आसामी, नवीन परती, चकरोड है। यह भी दर्ज किया जा रहा है।
रियल टाइम खतौनी में हुई गड़बड़ी को ऐसे कराएं ठीक
रियल टाइम खतौनी में रकबा ज्यादा या कम होने की समस्या आ रही है। इसे ठीक कराने के लिए किसान तहसीलों के चक्कर लगा रहे हैं। अगर खतौनी में रकबा ठीक नहीं है तो अपने हिस्से की काॅपी लेखपाल को दें। जो अपनी रिपोर्ट लगाकर कानूनगो को देगा। उसके बाद रकबा ठीक हो जाएगा।
अब दिखेगी किसानों की ऑनलाइन खसरा रिपोर्ट
सरकार की ओर से अब रियल टाइम खतौनी के अलावा खसरा भी ऑनलाइन किया जा रहा है। तहसील में डाटा फीडिंग का काम शुरू हो गया है। लेखपाल मोबाइल एप से डाटा फीड कर रहे हैं। खसरा ऑनलाइन होने से किसानों को परेशानी का सामना करना नहीं पड़ेगा। किसानों को खतौनी की तरह ही खसरा दिखाई देगा। इतना ही नहीं किसान अपना खेत भी देख सकेगा।
बिजनौर तहसील में लगभग 400 रियल टाइम खतौनी बनकर तैयार हो गई हैं। शेष 86 खतौनी दिसंबर में तैयार कर दी जाएंगी। रियल टाइम खतौनी से किसानों को फायदा होगा। उन्हें नाम चढ़वाने के लिए छह साल का इंतजार नहीं करना होगा। - विजयवर्धन तोमर, एसडीएम सदर, बिजनौर