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जनता से संवाद कर खुद को बदल रही पुलिस: डा. दिनेश सिंह
Updated Sat, 29 Sep 2018 12:46 AM IST
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बिजनौर। अमर उजाला फाउंडेशन के तत्वावधान में आयोजित पुलिस की पाठशाला में मुख्य अतिथि एसपी सिटी डा. दिनेश सिंह ने कहा कि अंग्रेजों ने पुलिस विभाग देशवासियों को डराने के लिए बनाया था। मगर, 70 साल में पुलिस में परिवर्तन आया है। पुलिस अब डराने वाली पुलिस नहीं रही है। जनता भी सहयोग दें और कानून का पालन करें। अगर सभी कानून का पालन करेंगे तो किसी को किसी से भी डरने की जरूरत नहीं होगी। उन्होंने यातायात नियमों का पालन कर अपने परिजनों व दूसरों का जीवन सुरक्षित करने का आह्वान किया। साथ ही बढ़ते साइबर क्राइम के प्रति भी चेताया।
बिजनौर पब्लिक स्कूल में ‘कानून का सम्मान कानून से जीवन आसान’ विषय पर आयोजित पुलिस की पाठशाला में एसपी सिटी डा. दिनेश सिंह ने कहा कि कहा कि संस्कारों की पकड़ बहुत गहरी होती है, लेकिन पुलिस खुद को बदल रही है। पुलिस का काम बल का प्रयोग करना नहीं बल्कि कानून के प्रति जागरूक करना है। प्रभावी पुलिसिंग तभी होती है जब जनता पुलिस पर विश्वास करे। पुलिस भी एक सर्विस प्रोवाइडर ही है। हम सोच बदल रहे हैं तो जनता भी सोच बदले। कहा कि पुलिस से नहीं डरना है तो जनता को भी अपने सुधार में बदलाव लाने होंगे, वरना पुलिस को कानून का पालन करने के लिए सख्ती तो करनी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि अगर दस प्रतिशत बच्चों ने भी यह नियम पालन करने शुरू किए तो उनका घर से खाना छोड़कर कार्यक्रम में आना सफल हो जाएगा। उन्होंने साइबर क्राइम पर बोलते हुए कहा कि अब हम डिजिटल जीवन जी रहे हैं। अब हमारा जीवन एक नेटवर्क की तरह हो गया है। कहा कि अब किसी आतंकी को गोली चलाने की जरूरत नहीं है। केवल हैकिंग के जरिए ही वह बड़ी से बड़ी घटना को अंजाम दे सकता है। इंटरनेट की मदद से अविष्कार भी हो रहे हैं और विनाश भी। उन्होंने कहा कि हमें अपने पासवर्ड किसी को नहीं बताने चाहिए। अगर कोई किसी तरह की आर्थिक मदद के लिए सोशल मीडिया पर लिंक भेजे तो उस पर भी अपना खाता नंबर नहीं डालना चाहिए। सभी अपनी गोपनीयता का ध्यान रखें। कहा कि व्हाट्स आज अफवाह फैलाने की मशीन बन गया है। गलत तरीके के धार्मिक या जातिवादी मेसेज के वायरल होने से पूरा प्रशासन हिल जाता है। आज साइबर क्राइम हमारे मन, धर्म और सुरक्षा को प्रभावित कर रहा है। कहा कि इंटरनेट की मदद से डायल 100 पुलिस काम करती है। इससे अपराध पर नियंत्रण लगता है। लेकिन आज कई अपराध का जरिया केवल इंटरनेट ही है।
स्कूल प्रबंधक महेंद्र सिंह ने बच्चों को यातायात नियमों का पालन करने का आह्वान किया। प्रधानाचार्य डा. संजीव राठी ने कहा कि अगर अभी से नियमों का पालन करने की आदत डालेंगे तो आगे कोई दिक्कत नहीं आएगी। ये समाज हमारा है और हमें ही अच्छे प्रयास कर इसमें परिवर्तन लाने हैं। कार्यक्रम का संचालन शिक्षिका शाह जमाल ने किया।
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कार्यक्रम में स्कूल प्रबंधक महेंद्र सिंह व प्रधानाचार्य डा. संजीव राठी ने एसपी सिटी डा.दिनेश सिंह व सीओ सिटी महेश कुमार का बुके देकर स्वागत किया। अनुशासन व्यवस्था खुद बच्चों ने ही संभाली।
अपने और अपने प्रियजनों के लिए करें नियमो का पालन
एसपी सिटी ने कहा कि जिले की सड़कें सबसे बड़ी मानव हत्यारी हैं। पिछले साल जिले में हुए कत्ल, आत्महत्या व अन्य हादसों में 136 लोगों की मौत हुई, जबकि सड़क हादसों में 632 लोगों की मौत हुई। सड़क हादसों में करीब करीब हर रोज दो राहगीरों की मौत हो रही है। पहले लोग बैलगाड़ी से चलते हुए भी कोई जल्दबाजी नहीं करते थे, आज हाईस्पीड गाड़ियों से भी जाने की जल्दी रहती है। कहा कि विदेश में अगर कोई बच्चा या बूढ़ा जेब्रा लाइन पर खड़ा हो तो एक करोड़ की मर्सिडीज भी उसके सड़क पार करने के बाद ही चलती है। मगर, हम रेडलाइट ऐसे क्रॉस करते हैं जैसे घर जाकर प्रधानमंत्री की शपथ लेनी है। आज ट्रैफिक सबसे बड़ा मुद्दा है। अगर जनता हेलमेट पहने या सीट बेल्ट लगाए तो मौत के आंकड़े को 90 प्रतिशत तक कम किया जा सकता है। बाइक सवारों की जान सिर पर चोट लगने से जाती है। कभी कभी ये चोट दिखती भी नहीं और जान ले लेती है। नियमों की लापरवाही ने पिछले साल 632 परिवारों की खुशियां उजाड़ दी। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे यातायात नियमों का पालन करें। ये नहीं सोचना चाहिए कि हेलमेट से बाल खराब हो जाएंगे या कोई और दिक्कत आएगी। यही नहीं जिन अपनों को हम प्यार करते हैं उन्हें भी हेलमेट पहनने व कार की सीट बेल्ट लगाने के लिए प्रेरित करें। एसपी सिटी ने कहा कि हर चीज संक्रामकता की तरह फैलती है चाहे अच्छी हो या बुरी। अगर आज से 50 विद्यार्थी हेलमेट पहनना शुरू कर दें तो यह संख्या कुछ ही दिनों कई गुना बढ़ जाएगी। सीओ सिटी महेश कुमार ने कहा कि सभी को रोड कल्चर की जानकारी होनी चाहिए।
‘पुलिस भी जनता से संवाद करना चाहती है’
एसपी सिटी डा. दिनेश सिंह ने कहा कि वे एक कार्यक्रम में वर्दी पहनकर गए। वहां एक बच्चा शरारत कर रहा था तो उसके माता पिता ने डराया कि अगर शरारत करेगा तो पुलिस पकड़ लेगी। उन्होंने उस बच्चे को पास बुलाया और टॉफी दी। बच्चा धीरे धीरे उनसे बात करने लगा और गोद में बैठ गया। जनता से भी पुलिस संवाद करना चाहती है।
छोटे बच्चों को मोबाइल से रखें दूर
एसपी सिटी ने कहा कि इंटरनेट अब हमारी दुनिया पर गलत असर डाल रहा है। पहले बच्चे कंप्यूटर एक्सपर्ट बनते थे, अब हैकिंग एक्सपर्ट बन रहे हैं। जमाना बदल रहा है। जब तक हो सके छोटे बच्चों को मोबाइल से दूर रखना चाहिए। सीओ सिटी महेश कुमार ने कहा कि बच्चों को इंटरनेट अपनी सुविधा या जानकारी बढ़ाने के लिए करना चाहिए। वे अपना कैरियर बनाने पर ध्यान दें।
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बिजनौर पब्लिक स्कूल में ‘कानून का सम्मान कानून से जीवन आसान’ विषय पर आयोजित पुलिस की पाठशाला में एसपी सिटी डा. दिनेश सिंह ने कहा कि कहा कि संस्कारों की पकड़ बहुत गहरी होती है, लेकिन पुलिस खुद को बदल रही है। पुलिस का काम बल का प्रयोग करना नहीं बल्कि कानून के प्रति जागरूक करना है। प्रभावी पुलिसिंग तभी होती है जब जनता पुलिस पर विश्वास करे। पुलिस भी एक सर्विस प्रोवाइडर ही है। हम सोच बदल रहे हैं तो जनता भी सोच बदले। कहा कि पुलिस से नहीं डरना है तो जनता को भी अपने सुधार में बदलाव लाने होंगे, वरना पुलिस को कानून का पालन करने के लिए सख्ती तो करनी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि अगर दस प्रतिशत बच्चों ने भी यह नियम पालन करने शुरू किए तो उनका घर से खाना छोड़कर कार्यक्रम में आना सफल हो जाएगा। उन्होंने साइबर क्राइम पर बोलते हुए कहा कि अब हम डिजिटल जीवन जी रहे हैं। अब हमारा जीवन एक नेटवर्क की तरह हो गया है। कहा कि अब किसी आतंकी को गोली चलाने की जरूरत नहीं है। केवल हैकिंग के जरिए ही वह बड़ी से बड़ी घटना को अंजाम दे सकता है। इंटरनेट की मदद से अविष्कार भी हो रहे हैं और विनाश भी। उन्होंने कहा कि हमें अपने पासवर्ड किसी को नहीं बताने चाहिए। अगर कोई किसी तरह की आर्थिक मदद के लिए सोशल मीडिया पर लिंक भेजे तो उस पर भी अपना खाता नंबर नहीं डालना चाहिए। सभी अपनी गोपनीयता का ध्यान रखें। कहा कि व्हाट्स आज अफवाह फैलाने की मशीन बन गया है। गलत तरीके के धार्मिक या जातिवादी मेसेज के वायरल होने से पूरा प्रशासन हिल जाता है। आज साइबर क्राइम हमारे मन, धर्म और सुरक्षा को प्रभावित कर रहा है। कहा कि इंटरनेट की मदद से डायल 100 पुलिस काम करती है। इससे अपराध पर नियंत्रण लगता है। लेकिन आज कई अपराध का जरिया केवल इंटरनेट ही है।
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स्कूल प्रबंधक महेंद्र सिंह ने बच्चों को यातायात नियमों का पालन करने का आह्वान किया। प्रधानाचार्य डा. संजीव राठी ने कहा कि अगर अभी से नियमों का पालन करने की आदत डालेंगे तो आगे कोई दिक्कत नहीं आएगी। ये समाज हमारा है और हमें ही अच्छे प्रयास कर इसमें परिवर्तन लाने हैं। कार्यक्रम का संचालन शिक्षिका शाह जमाल ने किया।
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कार्यक्रम में स्कूल प्रबंधक महेंद्र सिंह व प्रधानाचार्य डा. संजीव राठी ने एसपी सिटी डा.दिनेश सिंह व सीओ सिटी महेश कुमार का बुके देकर स्वागत किया। अनुशासन व्यवस्था खुद बच्चों ने ही संभाली।
अपने और अपने प्रियजनों के लिए करें नियमो का पालन
एसपी सिटी ने कहा कि जिले की सड़कें सबसे बड़ी मानव हत्यारी हैं। पिछले साल जिले में हुए कत्ल, आत्महत्या व अन्य हादसों में 136 लोगों की मौत हुई, जबकि सड़क हादसों में 632 लोगों की मौत हुई। सड़क हादसों में करीब करीब हर रोज दो राहगीरों की मौत हो रही है। पहले लोग बैलगाड़ी से चलते हुए भी कोई जल्दबाजी नहीं करते थे, आज हाईस्पीड गाड़ियों से भी जाने की जल्दी रहती है। कहा कि विदेश में अगर कोई बच्चा या बूढ़ा जेब्रा लाइन पर खड़ा हो तो एक करोड़ की मर्सिडीज भी उसके सड़क पार करने के बाद ही चलती है। मगर, हम रेडलाइट ऐसे क्रॉस करते हैं जैसे घर जाकर प्रधानमंत्री की शपथ लेनी है। आज ट्रैफिक सबसे बड़ा मुद्दा है। अगर जनता हेलमेट पहने या सीट बेल्ट लगाए तो मौत के आंकड़े को 90 प्रतिशत तक कम किया जा सकता है। बाइक सवारों की जान सिर पर चोट लगने से जाती है। कभी कभी ये चोट दिखती भी नहीं और जान ले लेती है। नियमों की लापरवाही ने पिछले साल 632 परिवारों की खुशियां उजाड़ दी। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे यातायात नियमों का पालन करें। ये नहीं सोचना चाहिए कि हेलमेट से बाल खराब हो जाएंगे या कोई और दिक्कत आएगी। यही नहीं जिन अपनों को हम प्यार करते हैं उन्हें भी हेलमेट पहनने व कार की सीट बेल्ट लगाने के लिए प्रेरित करें। एसपी सिटी ने कहा कि हर चीज संक्रामकता की तरह फैलती है चाहे अच्छी हो या बुरी। अगर आज से 50 विद्यार्थी हेलमेट पहनना शुरू कर दें तो यह संख्या कुछ ही दिनों कई गुना बढ़ जाएगी। सीओ सिटी महेश कुमार ने कहा कि सभी को रोड कल्चर की जानकारी होनी चाहिए।
‘पुलिस भी जनता से संवाद करना चाहती है’
एसपी सिटी डा. दिनेश सिंह ने कहा कि वे एक कार्यक्रम में वर्दी पहनकर गए। वहां एक बच्चा शरारत कर रहा था तो उसके माता पिता ने डराया कि अगर शरारत करेगा तो पुलिस पकड़ लेगी। उन्होंने उस बच्चे को पास बुलाया और टॉफी दी। बच्चा धीरे धीरे उनसे बात करने लगा और गोद में बैठ गया। जनता से भी पुलिस संवाद करना चाहती है।
छोटे बच्चों को मोबाइल से रखें दूर
एसपी सिटी ने कहा कि इंटरनेट अब हमारी दुनिया पर गलत असर डाल रहा है। पहले बच्चे कंप्यूटर एक्सपर्ट बनते थे, अब हैकिंग एक्सपर्ट बन रहे हैं। जमाना बदल रहा है। जब तक हो सके छोटे बच्चों को मोबाइल से दूर रखना चाहिए। सीओ सिटी महेश कुमार ने कहा कि बच्चों को इंटरनेट अपनी सुविधा या जानकारी बढ़ाने के लिए करना चाहिए। वे अपना कैरियर बनाने पर ध्यान दें।